फिनटेक जाइंट Paytm ने कड़े रेगुलेटरी संकटों का डटकर सामना करने के बाद, अपने बिजनेस को पूरी तरह री-डिजाइन करने का एक बड़ा मास्टरप्लान पेश किया है। कंपनी ने साल 2027 तक अपने बिजनेस और वर्कफोर्स स्केल को नेक्स्ट लेवल पर ले जाने का फैसला किया है, जिसके तहत टेक और AI वर्टिकल्स में हजारों हाई-टेक नौकरियां पैदा होंगी।
पेटीएम की पैरेंट कंपनी “One97 कम्युनिकेशंस” ने अपनी ‘ग्रोथ स्ट्रेटजी 2027’ को रीवील करते हुए बताया कि कंपनी अगले 9 महीनों के भीतर करीब 4,000 नए टैलेंट को ऑनबोर्ड करने जा रही है। एक्सपर्ट्स का कहना है की यह कदम साफ करता है कि पेटीएम अब पास्ट के प्रतिबंधों को भूलकर पूरी तरह फ्यूचर-रेडी हो चुकी है।
AI और मर्चेंट इकोसिस्टम पर लेजर-शार्प फोकस
पेटीएम की इस नई हायरिंग स्ट्रेटजी का असली गेम-चेंजर इसका AI-ड्रिवेन एप्रोच है। कंपनी मुख्य रूप से Product Development, Core Technology, Data Science, Senior Leadership जैसे क्रिटिकल रोल्स के लिए टॉप-टियर प्रोफेशनल्स को रिक्रूट कर रही है। मजे की बात यह है कि पिछले दो महीनों में ही कंपनी ने रणनीतिक रूप से 800 से अधिक एक्सपर्ट्स को अपने साथ जोड़ भी लिया है।
मार्केट एनालिस्ट्स का मानना है कि पेटीएम अब अपने ‘AI साउंडबॉक्स’ जैसे इनोवेटिव प्रोडक्ट्स के जरिए मार्केट पर दोबारा अपना दबदबा बनाना चाहती है। यह साउंडबॉक्स फिलहाल 11 भारतीय भाषाओं में मर्चेंट्स को रीयल-टाइम पेमेंट अलर्ट्स और काम के बिजनेस इनसाइट्स देता है। यही वजह है कि छोटे शहरों और ग्रामीण बाजारों में पेटीएम की पैठ और मजबूत हुई है।
इस मेगा रिक्रूटमेंट ड्राइव के बाद पेटीएम का कुल वर्कफोर्स लगभग 10% बढ़कर 40,000 के आंकड़े को पार कर जाएगा। यह कदम हालिया तिमाहियों में कंपनी के शानदार फाइनेंशियल रिकवरी और बढ़े हुए कॉन्फिडेंस को दिखाता है।
परफॉर्मेंस अप्रेजल और वर्कफोर्स ऑप्टिमाइजेशन
बदलते दौर में जहां एक तरफ बड़े पैमाने पर नई भर्तियां हो रही हैं, वहीं कंपनी अपने इंटरनल स्ट्रक्चर को लीन और एफिशिएंट बना रही है। पेटीएम ने अपने सालाना परफॉर्मेंस अप्रेजल के बाद करीब 400 कर्मचारियों को री-लोकेट या बाहर का रास्ता दिखाया है।
कंपनी के स्पोक्सपर्सन के मुताबिक, यह कोई कॉस्ट-कटिंग या वित्तीय संकट नहीं है, बल्कि यह रूटीन परफॉर्मेंस मैनेजमेंट और रिसोर्स ऑप्टिमाइजेशन का हिस्सा है। पिछले साल हुई लगभग 4,500 की बड़ी छंटनियों के मुकाबले यह नंबर बेहद मामूली है।
घाटे से मुनाफे का सफर
पेटीएम का यह आक्रामक एक्सपेंशन प्लान ऐसे समय में आया है जब कंपनी ने कॉर्पोरेट जगत में सबसे बेहतरीन ‘टर्नअराउंड’ (वापसी) की कहानियों में से एक लिखी है। RBI के कड़े प्रतिबंधों के बाद जिसे लोग पेटीएम का एंड मान रहे थे, वहां कंपनी ने लगातार चार तिमाहियों में नेट प्रॉफिट जनरेट करके सबको चौंका दिया।
स्टॉक मार्किट पर पेटीएम का जलवा
पेटीएम की इस न्यू-एज ग्रोथ स्ट्रेटजी और दमदार मुनाफे का शेयर बाजार ने भी थम्पिंग वेलकम किया। खबर आते ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ‘BSE’ और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ‘NSE’ पर पेटीएम के शेयरों की भारी डिमांड दिखी। कंपनी का शेयर 2.5% की उछाल के साथ 1,057 रुपए के लेवल पर बंद हुआ, जो यह साबित करने के लिए काफी है कि इन्वेस्टर्स का भरोसा पेटीएम पर लौट आया है।