ढाका। बांग्लादेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सेहत कारणों का हवाला देने के साथ-साथ उनके इस्तीफे के पीछे की सबसे बड़ी वजह पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ उनके गुप्त संपर्क साधने की रिपोर्ट्स को माना जा रहा है। शहाबुद्दीन ने संविधान के अनुच्छेद 50 (3) के तहत अपना हस्ताक्षर युक्त त्यागपत्र संसद के स्पीकर को भेज दिया है।
लंदन यात्रा के दौरान ‘सीक्रेट कॉल’ से गरमाई सियासत
विवाद की शुरुआत तब हुई जब मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि मई 2026 में इलाज कराने लंदन गए राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने भारत में रह रहीं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की थी।
- निष्पक्षता पर सवाल: अगस्त 2024 में तख्तापलट के बाद से शेख हसीना भारत में रह रही हैं। ऐसे में राष्ट्रप्रमुख पद पर रहते हुए विपक्षी/पूर्व पीएम से संपर्क करने की खबरों ने बीएनपी (BNP) सरकार के भीतर भारी असहजता और शंका पैदा कर दी।
- राजनीतिक दबाव: पीएम तारिक रहमान के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ बीएनपी और कट्टर प्रतिद्वंद्वी अवामी लीग के बीच जारी तनातनी के बीच शहाबुद्दीन की राजनीतिक निष्ठा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे।
शेख हसीना की दिसंबर 2026 में वापसी के ऐलान ने बढ़ाया तनाव
यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब कुछ ही दिन पहले भारत में शरण लिए शेख हसीना ने घोषणा की थी कि वे दिसंबर 2026 में बांग्लादेश लौटेंगी और अदालत में आत्मसमर्पण करेंगी। हसीना की संभावित वापसी के ऐलान के बाद बीएनपी सरकार ने अवामी लीग के दौर के आखिरी संवैधानिक पदधारक शहाबुद्दीन पर पद छोड़ने का दबाव बढ़ा दिया था।
अब आगे क्या? संविधान के अनुच्छेद 54 के तहत प्रक्रिया शुरू
- कार्यवाहक राष्ट्रपति: संविधान के नियमों के मुताबिक, राष्ट्रपति का पद रिक्त होने पर संसद के स्पीकर हाफिज उद्दीन अहमद अस्थायी/कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे।
- 90 दिनों में नया चुनाव: बांग्लादेशी संविधान के अनुच्छेद 123(2) के तहत अब अगले 90 दिनों के भीतर देश में नए राष्ट्रपति का चुनाव किया जाएगा।