श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने संगठनात्मक ढांचे में एक बड़ा और अहम बदलाव किया है। ट्रस्ट ने जगदीश आफले (Jagdish Afle) को ट्रस्ट का पहला सचिव नियुक्त किया है। हालांकि, उनकी नियुक्ति पर औपचारिक मुहर आगामी 2 सितंबर को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में लगेगी, लेकिन उससे पहले ही उन्हें ट्रस्ट का अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता (Authorized Signatory) बना दिया गया है, जिससे एसबीआई (SBI) में रुके हुए वित्तीय कामकाज फिर से बहाल हो गए हैं।
1. क्यों पड़ी नए सचिव की जरूरत?
चंपत राय और कोषाध्यक्ष डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद ट्रस्ट के बैंक खातों के संचालन को लेकर गतिरोध पैदा हो गया था। अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता न होने के कारण राम मंदिर निर्माण से जुड़े करीब 1000 कर्मचारियों के वेतन और विभिन्न निर्माण एजेंसियों व सेवा प्रदाताओं के भुगतान लटक गए थे। नए प्रस्ताव के बाद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने खातों का संचालन दोबारा शुरू कर दिया है, जिससे सारे अटके हुए भुगतान सुचारू हो गए हैं।
2. कौन हैं जगदीश आफले? (Educational and Professional Background)
- आरएसएस से जुड़ाव: जगदीश आफले बचपन से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे हैं।
- शिक्षा: पेशे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियर आफले ने IIT मुंबई से B.Tech और M.Tech की पढ़ाई की है।
- कॉर्पोरेट करियर: वह अमेरिका और यूरोप की कई मल्टीनेशनल कंपनियों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और रिटायरमेंट के बाद भारत लौट आए।
- राम मंदिर से नाता: वह लंबे समय से राम मंदिर निर्माण परियोजना के प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में बिना वेतन अपनी सेवाएं दे रहे थे। वर्तमान में वह अपनी पत्नी के साथ अयोध्या में ही रह रहे हैं।
3. एसआईटी जांच और अन्य नियुक्तियां
ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने जानकारी दी है कि ट्रस्ट में प्रवक्ता की नियुक्ति प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द ही नाम की घोषणा की जाएगी। वहीं, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन में अभी कुछ समय लग सकता है।
दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर दान मामले की जांच को लेकर अहम टिप्पणी की है। सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल से कहा है कि वह यूपी सरकार से निर्देश लेकर बताएं कि क्या इस मामले की जांच कर रही SIT का पुनर्गठन किया जा सकता है। अदालत चाहती है कि इस जांच का नेतृत्व कोई अनुभवी सीनियर आईपीएस अधिकारी करे।