लखनऊ: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला से पूछताछ के बाद अब पुलिस अन्य गिरफ्तार आरोपियों की भी न्यायालय से रिमांड मांगने की तैयारी में है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ से मिले इनपुट के आधार पर पूरे मामले के कई अहम पहलुओं से पर्दा उठ सकता है।
अदालत से जेल के भीतर पूछताछ की अनुमति मिलने के बाद रविवार को पुलिस ने न्यायिक हिरासत में बंद सात आरोपियों में से तीन से पूछताछ की। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बाकी चार आरोपियों से सोमवार को पूछताछ की जाएगी।
जांच के दौरान आरोपियों से उनकी कथित भूमिका, घरों की तलाशी में मिले दस्तावेज और अन्य बरामद सामग्री को लेकर सवाल किए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान मिले जवाबों के आधार पर अब आरोपियों की विस्तृत पूछताछ के लिए अदालत से पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी। जांच एजेंसियों का मानना है कि आमने-सामने पूछताछ से कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं।
इस मामले में अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें अविनाश शुक्ला, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं। इनमें से छह लोग चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया से जुड़े बताए गए हैं। सभी आरोपियों को पहले ही 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिनसे राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और सुभाष श्रीवास्तव की कथित संलिप्तता के संकेत मिले हैं। इसी आधार पर उनकी भूमिका की भी विस्तार से जांच की जा रही है।
अविनाश शुक्ला की पुलिस रिमांड के दौरान एक कार बरामद की गई थी। इसके अलावा जांच टीम आरोपियों और उनके परिवार के सदस्यों की जमीन तथा अन्य संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।
स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी और राजस्व विभाग से प्राप्त रिकॉर्ड के आधार पर उन संपत्तियों की सूची तैयार की गई है, जो मंदिर ट्रस्ट से जुड़े रहने के दौरान खरीदी गई थीं। पुलिस अब आरोपियों से इन संपत्तियों की खरीद में इस्तेमाल धन के स्रोत के बारे में पूछताछ करेगी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ में संकेत मिले हैं कि कथित चोरी का सिलसिला कई महीनों से चल रहा था। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि इसमें शामिल लोग एक-दूसरे की गतिविधियों से परिचित थे। गिनती केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है।
जांच के अगले चरण में पुलिस उस निजी सुरक्षा एजेंसी के मालिक और प्रबंधक से भी पूछताछ करेगी, जिसके माध्यम से चढ़ावे की गिनती के लिए कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। इसके साथ ही संबंधित बैंक अधिकारियों से भी पूछताछ की जाएगी ताकि पूरी प्रक्रिया की भूमिका और जिम्मेदारियों की जांच की जा सके।
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