वर्ल्ड

व्हाइट हाउस छोड़ेंगे भारतीय मूल के AI विशेषज्ञ श्रीराम कृष्णन, ट्रंप प्रशासन की तकनीकी रणनीति को लगा बड़ा झटका

वॉशिंगटन: भारतीय मूल के कृत्रिम बुद्धिमत्ता विशेषज्ञ श्रीराम कृष्णन ने व्हाइट हाउस में अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। अमेरिकी प्रशासन की एआई नीति तैयार करने में अहम भूमिका निभाने वाले कृष्णन जून 2026 तक अपनी सेवाएं देने के बाद पद छोड़ देंगे। उनके इस फैसले को ट्रंप प्रशासन की तकनीकी रणनीति के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

श्रीराम कृष्णन ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में कहा कि वह एक छोटे अंतराल के बाद फिर से अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के सामने एआई से जुड़ी चुनौतियों पर काम करेंगे। उन्होंने बताया कि डेटा सेंटरों का विस्तार, ऊर्जा खपत और एआई के तेजी से बढ़ते प्रभाव जैसे कई जटिल मुद्दों पर अभी व्यापक काम किए जाने की जरूरत है।

अमेरिकी एआई नीति के प्रमुख सूत्रधार रहे कृष्णन

अपने कार्यकाल के दौरान श्रीराम कृष्णन ने अमेरिका के लिए व्यापक एआई एक्शन प्लान तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हें देश के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े राष्ट्रीय ढांचे को विकसित करने वाले प्रमुख रणनीतिकारों में गिना जाता है। एआई नियमन और उससे संबंधित नीतिगत मसौदों को तैयार करने में भी उनकी भूमिका बेहद अहम रही।

चेन्नई से अमेरिका तक का सफर

श्रीराम कृष्णन का जन्म तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में हुआ था। उन्होंने चेन्नई के एसआरएम इंजीनियरिंग कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने वैश्विक तकनीकी कंपनियों में अपनी पहचान बनाई और ट्विटर, फेसबुक, माइक्रोसॉफ्ट तथा स्नैप जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ काम किया।

तकनीकी क्षेत्र में उनके अनुभव और विशेषज्ञता के कारण उन्हें दुनिया के प्रमुख निवेश एवं तकनीकी संगठनों के साथ भी काम करने का अवसर मिला। इसी अनुभव ने उन्हें अमेरिकी तकनीकी नीति निर्माण के केंद्र तक पहुंचाया।

विवादों के बीच मिली थी बड़ी जिम्मेदारी

डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान श्रीराम कृष्णन को व्हाइट हाउस में एआई नीति के मुख्य रणनीतिकार के तौर पर नियुक्त किया गया था। उनकी नियुक्ति को लेकर राजनीतिक और वैचारिक स्तर पर बहस भी हुई थी। कुछ लोगों ने इस फैसले का विरोध किया, लेकिन तमाम विवादों के बावजूद ट्रंप प्रशासन ने उन पर भरोसा कायम रखा।

कृष्णन ने अपने कार्यकाल में एआई नीति को लेकर प्रभावी ढांचा तैयार किया, जिसकी चर्चा तकनीकी और राजनीतिक दोनों हलकों में हुई।

ट्रंप प्रशासन में हासिल की खास पहचान

व्हाइट हाउस के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने समय-समय पर श्रीराम कृष्णन के काम की सराहना की। उन्हें प्रशासन की तकनीकी टीम के सबसे प्रभावशाली चेहरों में गिना जाता था। अमेरिकी संसद और सरकारी संस्थाओं के साथ एआई नीति पर समन्वय स्थापित करने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह अपनी टीम के बीच भी काफी लोकप्रिय थे और तकनीकी मामलों में उनकी विशेषज्ञता को व्यापक सम्मान प्राप्त था। यही वजह है कि उनके इस्तीफे को अमेरिकी एआई नीति से जुड़े गलियारों में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।

 

vineet verma

Share
Published by
vineet verma

Recent Posts

लाल सागर में 14 भारतीयों से भरी नाव पर हमले का दावा, सऊदी अरब पर हूतियों ने लगाए आरोप

लाल सागर में 14 भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। यमन…

38 minutes ago

संजू का तूफ़ान, अय्यर की समझदारी और नमन का ‘रौद्र रूप’; भारत ने 226 रन चेज़ कर न्यूजीलैंड को चटाया धूल

क्या आपने कभी सोचा था कि जिस स्कोर को देखकर किसी भी मजबूत से मजबूत…

45 minutes ago

₹30 लाख जमा कीजिए और हर 3 महीने पाइए ₹61,500 की गारंटीड आय; जानिए SCSS का पूरा कैलकुलेशन

क्या आपने कभी सोचा है कि रिटायरमेंट के बाद जब आपकी हर महीने आने वाली…

1 hour ago

‘फर्जी मुकदमे सच्चाई को कैद नहीं कर सकते’, आजम खान के समर्थन में अखिलेश का बड़ा बयान

रामपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रामपुर में आजम खान के समर्थन…

2 hours ago

हवाई यात्रा हुई सुपर-कॉस्टली! फेस्टिव सीजन के बीच टिकटों के बेकाबू दामों ने उड़ाए होश

दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों के नज़दीक आते ही हवाई जहाज़ के टिकटों के…

3 hours ago

नेतन्याहू हारे तो क्या बदलेगी ईरान और फिलिस्तीन पर इजराइल की नीति? मिडिल ईस्ट की नजर चुनाव पर

इजराइल में 27 अक्टूबर 2026 को होने वाले चुनाव में बेंजामिन नेतन्याहू के सामने पूर्व…

3 hours ago