वॉशिंगटन/नई दिल्ली।अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जेनेरिक दवाओं के आयात पर सख्त टैरिफ नीति का ऐलान किया है, जो आने वाले वर्षों में वैश्विक फार्मा बाजार, खासकर भारत के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है। इस नई नीति के तहत 2028 के बाद टैरिफ 100% से बढ़ाकर 200% तक किया जाएगा।
ट्रंप ने अपने सोशल प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर बताया कि यह नीति चरणबद्ध तरीके से लागू होगी-
ट्रंप का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग को अमेरिका में वापस लाना और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना है।
ट्रंप के मुताबिक
भारत को “दुनिया की फार्मेसी” कहा जाता है, और अमेरिका इसका सबसे बड़ा बाजार है।
विशेष रूप से हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, कैंसर, डिप्रेशन और इंफेक्शन जैसी बीमारियों के इलाज में भारतीय जेनेरिक दवाओं की बड़ी भूमिका है।
अमेरिकी बाजार में भारतीय कंपनियों की मजबूत मौजूदगी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2024 में अमेरिका में गर्भनिरोधक गोलियों के लगभग 65% प्रिस्क्रिप्शन इन्हीं कंपनियों की दवाओं से जुड़े थे।
फरवरी 2026 में भारत और अमेरिका के बीच हुए ट्रेड एग्रीमेंट में जेनेरिक दवाओं पर बातचीत के जरिए समाधान की बात कही गई थी। लेकिन ट्रंप की नई टैरिफ नीति से यह स्पष्ट नहीं है कि भारतीय कंपनियों को कितनी राहत मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय कंपनियां अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने पर विचार कर सकती हैं
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