नई दिल्ली: बारिश के मौसम में डेंगू का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में अगर घर में किसी एक सदस्य को डेंगू हो जाए तो सिर्फ मरीज की देखभाल करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि परिवार के बाकी लोगों को भी मच्छरों से बचाव के लिए तुरंत सावधानी बरतनी चाहिए। डेंगू सीधे एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता, लेकिन संक्रमित व्यक्ति को काटने वाला एडीज मच्छर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटकर संक्रमण फैला सकता है। इसलिए मरीज के साथ-साथ पूरे परिवार को मच्छरों से बचाना जरूरी है।
डेंगू को आम तौर पर ‘हड्डी तोड़ बुखार’ भी कहा जाता है। इसमें तेज बुखार के साथ मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द हो सकता है। अचानक तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, उल्टी, त्वचा पर लाल चकत्ते और अत्यधिक थकान इसके प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं। बारिश के दौरान जलभराव और गंदगी के कारण मच्छरों के पनपने की स्थिति बढ़ जाती है।
सबसे पहले डेंगू मरीज को मच्छरों से बचाएं
डॉक्टर के मुताबिक, बीमारी के शुरुआती दिनों में संक्रमित व्यक्ति के खून में वायरस मौजूद हो सकता है। इसलिए मरीज को दिन में भी मच्छरदानी के अंदर आराम कराना चाहिए। कमरे में मच्छरों से बचाव के सुरक्षित उपाय किए जा सकते हैं। खिड़की और दरवाजों पर जाली लगाना भी मच्छरों को अंदर आने से रोकने में मदद कर सकता है।
परिवार के लोग भी दिन में रहें सावधान
डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर आमतौर पर दिन में काटता है। इसलिए घर के दूसरे सदस्यों को भी खास तौर पर सुबह और शाम के समय सावधानी बरतनी चाहिए। पूरी बांह के कपड़े पहनें और प्रभावी मच्छर भगाने वाले साधनों का इस्तेमाल करें।
घर में कहीं पानी जमा न होने दें
मच्छरों के पनपने की सबसे बड़ी वजहों में घर के आसपास जमा साफ पानी भी शामिल हो सकता है। कूलर, गमले, बाल्टियां, पुराने टायर, बोतलें और पानी रखने वाले दूसरे बर्तन मच्छरों के लिए प्रजनन स्थल बन सकते हैं।
इसलिए घर में पानी जमा न होने दें। पानी रखने वाले बर्तनों को ढककर रखें और उन्हें नियमित रूप से खाली करने के साथ साफ भी करें। घरेलू पानी के कंटेनरों को कम से कम सप्ताह में एक बार खाली कर साफ करने की सलाह दी जाती है।
मरीज को आराम और पर्याप्त तरल पदार्थ दें
डेंगू से पीड़ित व्यक्ति को पर्याप्त आराम देना जरूरी है। मरीज को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ दें और दवाएं डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही दें। डेंगू के दौरान एस्पिरिन या आइबुप्रोफेन लेने से बचना चाहिए, क्योंकि इनसे रक्तस्राव का खतरा बढ़ सकता है।
इन लक्षणों को दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
अगर मरीज को तेज पेट दर्द, लगातार उल्टी, मसूड़ों या नाक से खून आना, अत्यधिक कमजोरी, तेज सांस चलना या खून वाली उल्टी अथवा मल जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।