अन्य

यहां शादी से पहले होती है खतरनाक जंग, जीतने वाले को मिलती है दुल्हन; अनोखी परंपरा ने दुनिया को किया हैरान

अदीस अबाबा: दुनिया में कई ऐसी जनजातियां हैं जो अपनी अनोखी परंपराओं और रहन-सहन के कारण अलग पहचान रखती हैं। अफ्रीकी देश इथियोपिया में रहने वाली सूरी जनजाति भी ऐसी ही एक जनजाति है, जिसकी कुछ परंपराएं दुनिया भर के लोगों को हैरान कर देती हैं। इस समुदाय में ताकत, साहस और शारीरिक क्षमता को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और इसी से जुड़ी कई अनोखी रस्में आज भी निभाई जाती हैं।

दुल्हन पाने के लिए लड़ाई लड़ते हैं युवक

सूरी जनजाति में विवाह केवल पारिवारिक संबंध नहीं माना जाता, बल्कि यह युवकों की ताकत और वीरता से भी जुड़ा होता है। यहां शादी के इच्छुक युवकों को अपनी शारीरिक क्षमता साबित करनी पड़ती है। इसके लिए वे एक विशेष प्रकार की पारंपरिक लड़ाई में हिस्सा लेते हैं, जिसे दुल्हन हासिल करने की प्रतियोगिता के रूप में देखा जाता है।

मान्यता है कि इस मुकाबले में जीत हासिल करने वाला युवक अपनी पसंद की दुल्हन चुन सकता है। यह परंपरा केवल प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सम्मान, प्रतिष्ठा और पुरुषत्व का प्रतीक भी मानी जाती है। इसी वजह से युवा पूरे उत्साह के साथ इन मुकाबलों में भाग लेते हैं।

ताकत और जोश के लिए पीते हैं जानवरों का खून

सूरी जनजाति की सबसे चर्चित परंपराओं में से एक जानवरों का खून पीने की प्रथा भी है। समुदाय के लोग मानते हैं कि इससे शरीर में ताकत और ऊर्जा बढ़ती है। विशेष रूप से युद्ध, संघर्ष या कठिन परिस्थितियों के दौरान इस परंपरा का पालन किया जाता है।

युवक अपनी शारीरिक क्षमता को प्रदर्शित करने और सामूहिक शक्ति का एहसास कराने के लिए जानवरों का खून पीते हैं। जनजाति के भीतर इसे भाईचारे, एकजुटता और सामुदायिक भावना का प्रतीक माना जाता है। इस रस्म में कई लोग एक साथ शामिल होते हैं, जिससे सामाजिक संबंध भी मजबूत होते हैं।

शिकार, खेती और पशुपालन पर आधारित है जीवन

सूरी जनजाति की आजीविका मुख्य रूप से शिकार, कृषि और पशुपालन पर निर्भर करती है। उनके भोजन में मांस, दूध और मक्का प्रमुख रूप से शामिल होते हैं। प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित जीवनशैली इस समुदाय की पहचान मानी जाती है।

महिलाओं और पुरुषों की अलग पहचान

जनजाति की महिलाएं पारंपरिक आभूषणों और शरीर सजाने की विशेष शैली के लिए जानी जाती हैं। वे विभिन्न प्रकार के घेरों और आभूषणों का उपयोग करती हैं, जो उनकी सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा हैं।

वहीं पुरुष अपनी शारीरिक क्षमता और युद्धक कौशल को निखारने के लिए विशेष प्रशिक्षण लेते हैं। लड़ाई और शारीरिक अभ्यास उनके सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा माने जाते हैं, जिससे समुदाय में उनकी स्थिति और सम्मान तय होता है।

 

vineet verma

Share
Published by
vineet verma

Recent Posts

डेजी शाह निभाएंगी जांबाज IPS का रोल, नेशनल लेवल शूटर होने का फिल्म में मिलेगा बड़ा फायदा!

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की फिल्म 'जय हो' से रातों-रात लाइमलाइट में आईं एक्ट्रेस डेजी…

1 hour ago

चेन्नई से व्हाइट हाउस तक का सफर: डोनाल्ड ट्रंप के सबसे भरोसेमंद भारतीय एक्सपर्ट ने क्यों दिया इस्तीफा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के सबसे भरोसेमंद और भारतीय मूल के जाने-माने टेक्नोलॉजी…

2 hours ago

सिर्फ वजन घटाने के लिए नहीं पी जाती ग्रीन टी, दिल-दिमाग समेत शरीर को मिलते हैं ये 10 बड़े फायदे

नई दिल्ली: फिट और हेल्दी रहने की चाह रखने वाले लोगों के बीच ग्रीन टी…

2 hours ago

ऑफिस में AI की एंट्री और कर्मचारियों की एग्जिट! 5 महीनों में 1.16 लाख नौकरियां गईं, आखिर क्यों बढ़ रहा है संकट?

हैदराबाद: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव ने दुनियाभर की टेक इंडस्ट्री की तस्वीर बदलनी शुरू…

2 hours ago

करोड़ों व्यूज, लाखों फॉलोअर्स और अब सस्पेंशन! ड्यूटी छोड़ रील्स बनाने वाले ट्रैफिक हेड कांस्टेबल विवेकानंद तिवारी पर गिरी गाज

शहडोल: सोशल मीडिया पर ट्रैफिक नियमों को लेकर वीडियो बनाकर करोड़ों लोगों तक पहुंच बनाने…

2 hours ago