गुरुग्राम (हरियाणा)। हाई-राइज सोसायटियों में मेंटेनेंस शुल्क के नाम पर हर महीने मोटी रकम वसूलने वाले बिल्डरों और मेंटेनेंस एजेंसियों की गंभीर लापरवाही का एक और खौफनाक मामला सामने आया है। गुरुग्राम के सेक्टर-84 स्थित अंतरिक्ष हाइट्स सोसायटी (Antriksh Heights Society) में बास्केटबॉल खेलते समय लोहे का भारी पोल अचानक उखड़कर एक बच्चे पर गिर गया।
इस दर्दनाक हादसे में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना का रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है, जिसके बाद से सोसायटी के निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा है।
कैसे हुआ हादसा? सीसीटीवी में कैद हुई खौफनाक घटना
सोसायटी के स्पोर्ट्स एरिया का जो वीडियो सामने आया है, उसमें करीब 9 से 10 बच्चे एक साथ बास्केटबॉल खेल रहे थे।
- खेल के दौरान जैसे ही एक बच्चे ने पोल के सहारे जंप ली, जर्जर और कमजोर हो चुका बास्केटबॉल पोल अचानक नीचे गिर पड़ा।
- पोल गिरते ही वहां भगदड़ मच गई, लेकिन नीचे खड़ा एक बच्चा वक्त रहते हट नहीं सका और भारी-भरकम पोल सीधे उसके ऊपर आ गिरा।
- पोल के नीचे दबने से बच्चा गंभीर रूप से चुटिल हो गया। साथी बच्चों और स्थानीय लोगों ने तुरंत उसे निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
मेंटेनेंस एजेंसी की लापरवाही पर उठे तीखे सवाल
इस हादसे के बाद अंतरिक्ष हाइट्स के निवासियों ने मेंटेनेंस टीम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। निवासियों का आरोप है कि हर महीने मेंटेनेंस चार्ज देने के बावजूद खेल के मैदानों और उपकरणों की गुणवत्ता की जांच नहीं की जाती। जर्जर हो चुके पोल और कमजोर स्ट्रक्चर को समय रहते न तो बदला गया और न ही उनकी मरम्मत कराई गई, जिसकी कीमत एक मासूम को अपनी जान जोखिम में डालकर चुकानी पड़ी।
हरियाणा में लगातार तीसरी घटना: अतीत के हादसों से भी नहीं लिया सबक
सोसायटियों और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में घटिया इंफ्रास्ट्रक्चर का यह पहला मामला नहीं है। हरियाणा में पिछले कुछ महीनों के दौरान यह लगातार तीसरी बड़ी घटना है:
- नवंबर 2025 (झज्जर व रोहतक): प्रैक्टिस के दौरान बास्केटबॉल पोल गिरने से दो युवा खिलाड़ियों—हार्दिक राठी और अमन की दर्दनाक मौत हो चुकी है।
- जुलाई 2026 (गुरुग्राम): अंतरिक्ष हाइट्स सोसायटी में पोल गिरने से बच्चा गंभीर रूप से घायल।
लगातार हो रहे इन हादसों के बावजूद न तो बिल्डर सतर्क हो रहे हैं और न ही संबंधित प्रशासनिक अधिकारी कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं। निवासियों ने अब मेंटेनेंस एजेंसी पर सख्त कानूनी कार्रवाई और एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की है।