ग्लोबस स्पिरिट्स शेयर में तेजी
ग्लोबस स्पिरिट्स लिमिटेड (NSE: GLOBUSSPR) के शेयरों में आज जबरदस्त तेजी देखी गई, जो पिछले बंद भाव ₹982.30 से बढ़कर ₹1,104.60 पर पहुंच गया। यह लगभग 12% की बढ़ोतरी है, जो कंपनी की हालिया कॉर्पोरेट डेवलपमेंट्स जैसे ₹500 करोड़ तक फंड रेजिंग की मंजूरी और निवेशकों के साथ मीटिंग्स से प्रेरित लगती है। कंपनी, जो इंडियन मेड इंडियन लिकर (IMIL), इंडियन मेड फॉरेन लिकर (IMFL), बल्क अल्कोहल और इथेनॉल के कारोबार में सक्रिय है, ने 2025 में चुनौतियों के बावजूद मजबूत प्रदर्शन दिखाया है।
आज के ट्रेडिंग सेशन में शेयर ओपन ₹987.00 पर हुआ, दिन का हाई ₹1,109.90 और लो ₹987.00 रहा। वॉल्यूम 9.18 लाख शेयरों का रहा, जो औसत से ऊपर है, जो निवेशकों की बढ़ती रुचि दर्शाता है। मार्केट कैप ₹3,200.26 करोड़ पहुंच गया है, जबकि P/E रेशियो 108.96 पर ऊंचा है, जो ग्रोथ की उम्मीदों को दिखाता है लेकिन वैल्यूएशन को महंगा बनाता है। 52-वीक हाई ₹1,303.20 (जुलाई 2025) और लो ₹751.00 (जनवरी 2025) रहा।
दिसंबर 2025 कंपनी के लिए व्यस्त रहा। 18 दिसंबर को एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) में शेयरधारकों ने ₹500 करोड़ तक फंड जुटाने की मंजूरी दी, जिसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) या अन्य तरीके शामिल हो सकते हैं। साथ ही, फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPI) की निवेश सीमा 10% से बढ़ाकर 20% कर दी गई, जो विदेशी निवेश को आकर्षित कर सकती है। इसी दिन दिल्ली में निवेशकों और एनालिस्ट्स के साथ वन-टू-वन मीटिंग हुई, जहां Q2 FY26 की इन्वेस्टर प्रेजेंटेशन पेश की गई।
इसके अलावा, दिसंबर में शेयरधारकों की मीटिंग्स और बोर्ड मीटिंग के आउटकम रिसबमिशन हुए। कंपनी ने पहले सितंबर 2025 में समालखा यूनिट में बाढ़ से प्रभावित होने की सूचना दी थी, जिससे ₹13.50 करोड़ का राजस्व प्रभाव पड़ा। हालांकि, रेटिंग्स को दोबारा कन्फर्म किया गया: लॉन्ग टर्म A+ (स्टेबल) और शॉर्ट टर्म A1+।
2025 में कंपनी ने मिश्रित प्रदर्शन दिखाया। सितंबर 2025 (Q2 FY26) के स्टैंडअलोन रिजल्ट्स में नेट सेल्स ₹660.61 करोड़ रही, जो YoY 3.57% ऊपर है। कंसोलिडेटेड जून 2025 सेल्स ₹699.83 करोड़ रही। नेट प्रॉफिट सितंबर क्वार्टर में ₹23.12 करोड़ रहा, जबकि मार्च 2025 में डिविडेंड ₹2.76 प्रति शेयर घोषित किया गया।
एनालिसिस: शेयर बुक वैल्यू के 3.07 गुना पर ट्रेड कर रहा है, लेकिन पिछले 3 सालों में ROE केवल 8.90% रहा, जो कमजोर रिटर्न दर्शाता है। MF होल्डिंग सितंबर 2025 में 7.44% और FII 6.54% पर बढ़ी, जो संस्थागत रुचि दिखाती है। जनवरी 2025 में इथेनॉल के लिए चावल की कीमत घटने से शेयर 17% उछला था, और जुलाई में 37% रैली देखी गई। हालांकि, हाई P/E (145.7 के आसपास पहले) और कम प्रॉफिटेबिलिटी से वैल्यूएशन पर सवाल हैं।
भविष्य की संभावनाएं: फंड रेजिंग से कैपेसिटी एक्सपैंशन (जैसे झारखंड और पश्चिम बंगाल यूनिट्स में 60 KLPD बढ़ोतरी) और नए ब्रैंड्स लॉन्च से ग्रोथ हो सकती है। लेकिन अर्निंग्स वोलेटिलिटी और मार्केट कॉम्पिटिशन (यूनाइटेड ब्रेवरीज, यूनाइटेड स्पिरिट्स) से जोखिम है। एनालिस्ट्स का अनुमान: अगले 3 सालों में नेट इनकम CAGR 104% हो सकता है, लेकिन पिछले 13 सालों में -4% रहा।
यह उछाल अल्कोहल सेक्टर में पॉजिटिव सेंटिमेंट को दर्शाता है, लेकिन निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए। कंपनी की वैबसाइट पर Q2FY26 प्रेजेंटेशन से पता चलता है कि प्रेस्टीज सेगमेंट में 40% QoQ वॉल्यूम ग्रोथ रही, हालांकि दिल्ली में एक्साइज पॉलिसी चेंज से अस्थायी प्रभाव पड़ा।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल सूचना के उद्देश्य से है, इसे निवेश की सलाह न समझें; शेयर बाजार में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।
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