उत्तर प्रदेश क्रिकेट के फलक पर अब लगातार अपनी मजबूत छाप छोड़ रहा है। भले ही रणजी टीम का प्रदर्शन उतना दमदार न हो, लेकिन क्रिकेट का माहौल यहां पहले से कहीं ज्यादा रोमांचक और जीवंत नजर आ रहा है।
पहले जहां क्रिकेट का जलवा केवल कानपुर तक सीमित था, वहीं अब लखनऊ का इकाना स्टेडियम पूरी तरह क्रिकेट का नया हब बनकर उभर रहा है।
बनारस में भी जल्द एक और स्टेडियम खेल प्रेमियों के लिए खेल महोत्सव तैयार कर रहा है। और इसी श्रृंखला में अब गोरखपुर भी अपने बड़े अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के साथ यूपी के क्रिकेट नक्शे पर शानदार एंट्री करने को तैयार है।
यूपी सरकार इस प्रोजेक्ट को लेकर पूरी तरह सक्रिय और गंभीर नजर आ रही है, और अगर समयसीमा के अनुसार निर्माण पूरा होता है तो 2027 तक गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का नया ठिकाना बन जाएगा।
उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में गोरखपुर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। यह स्टेडियम प्रदेश के खेल बुनियादी ढांचे को अगले स्तर तक ले जाने की योजना का हिस्सा है और पूर्वांचल में विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं का विस्तार करेगा।
गोरखपुर-वाराणसी मार्ग के ताल नदौर क्षेत्र में बनने वाला यह स्टेडियम प्रदेश का चौथा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम होगा। फिलहाल कानपुर का इकाना स्टेडियम और लखनऊ के ग्राउंड अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी कर रहे हैं, जबकि वाराणसी में भी स्टेडियम निर्माणाधीन है। अब गोरखपुर इन बड़े शहरों के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान बनाने जा रहा है।
बजट और निर्माण की स्थिति
392.94 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस स्टेडियम के लिए राज्य सरकार ने पहले चरण के रूप में 63.39 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘ड्रीम प्रोजेक्ट्स’ में शामिल इस स्टेडियम का निर्माण दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
लोक निर्माण विभाग इसे ईपीसी मोड (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) में विकसित करेगा। दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह से मिट्टी भराई और समतलीकरण का कार्य शुरू हो चुका है।
स्टेडियम की विशेषताएँ
स्टेडियम का मुख्य परिसर 45 एकड़ में फैलेगा, जबकि 5 एकड़ में सहायक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसे गोरखपुर-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ा जाएगा और एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस अड्डे से इसकी कनेक्टिविटी बेहतरीन रहेगी।
स्टेडियम में दो मंजिला संरचना के साथ सात मुख्य पिच और चार प्रैक्टिस पिच तैयार होंगी। कुल दर्शक क्षमता 30,000 होगी। मल्टीपर्पज मॉडल पर विकसित इस स्टेडियम में क्रिकेट के अलावा बड़े सांस्कृतिक और सार्वजनिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा सकेंगे।
ईस्ट और वेस्ट स्टैंड में 14,490-14,490 सीटें होंगी, जबकि नार्थ पवेलियन में 208 सीटों की वीआईपी गैलरी और 382 मीडिया सीटें बनाई जाएंगी। साउथ पवेलियन में खिलाड़ियों के ड्रेसिंग रूम, मैच अधिकारियों का क्षेत्र और 1708 सीटों की वीआईपी/वीवीआईपी गैलरी विकसित होगी।
हाईटेक और हरित सुविधाएं
स्टेडियम में 60 मीटर ऊंचे चार हाई मास्ट लाइटिंग पोल, सोलर पैनल और ऊर्जा दक्ष एचवीएसी सिस्टम लगाए जाएंगे। इसके अलावा अंडरग्राउंड वाटर टैंक, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, आंतरिक सड़कें और तूफानी जल निकासी प्रणाली भी विकसित की जाएगी।
क्षेत्रीय विकास में बड़ा योगदान
जिलाधिकारी दीपक मीणा के अनुसार, ताल नदौर क्षेत्र में पशु चिकित्सा महाविद्यालय और वृहद कान्हा गोशाला का निर्माण चल रहा है। इस स्टेडियम के निर्माण से पूरे क्षेत्र का समग्र विकास होगा और गोरखपुर को भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मानचित्र पर मजबूत स्थान मिलेगा।
कानपुर का इकाना स्टेडियम पहले ही घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए लोकप्रिय है। अब गोरखपुर भी इसी तरह खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों का नया हब बनने जा रहा है, जो उत्तर प्रदेश को खेलों के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा।
यदि निर्माण समयसीमा के अनुसार पूरा हुआ, तो 2027 के अंत तक गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए प्रमुख स्थल बन जाएगा।
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