Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: AK-47 से पैलेट गन तक… छात्र आंदोलन के बाद पुलिस पर उठे बड़े सवाल, कानून क्या कहता है और अदालत में क्यों घिर रही कार्रवाई?
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > AK-47 से पैलेट गन तक… छात्र आंदोलन के बाद पुलिस पर उठे बड़े सवाल, कानून क्या कहता है और अदालत में क्यों घिर रही कार्रवाई?
Trending Newsअन्य

AK-47 से पैलेट गन तक… छात्र आंदोलन के बाद पुलिस पर उठे बड़े सवाल, कानून क्या कहता है और अदालत में क्यों घिर रही कार्रवाई?

vineet verma
Last updated: July 27, 2026 8:07 pm
vineet verma
Share
SHARE

नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन खत्म हो चुका है और प्रदर्शनकारी अपने-अपने घर लौट चुके हैं, लेकिन आंदोलन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। दिल्ली के जंतर-मंतर और बिहार के सिवान की दो घटनाओं ने पुलिस के बल प्रयोग को राष्ट्रीय बहस का विषय बना दिया है। एक ओर पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोप हैं, तो दूसरी ओर सिवान में एक पुलिसकर्मी का AK-47 लहराते और फायरिंग करते दिखने वाला वीडियो चर्चा में है। इन दोनों मामलों को लेकर अब अदालतों में भी सवाल उठ रहे हैं।

Contents
जंतर-मंतर और सिवान की घटनाओं ने बढ़ाया विवादसुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामलासरकार ने दोनों मामलों में शुरू की कार्रवाईक्या होती है पैलेट गन?पैलेट गन के इस्तेमाल पर क्यों बंटी है राय?छात्र आंदोलन में इस्तेमाल को लेकर क्यों उठ रहे हैं सवाल?प्रदर्शन के दौरान हथियारों के इस्तेमाल के क्या हैं नियम?

जंतर-मंतर और सिवान की घटनाओं ने बढ़ाया विवाद

छात्र आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया पर दो अलग-अलग घटनाओं के वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हुईं। जंतर-मंतर में पुलिस पर पैलेट गन इस्तेमाल करने के आरोप लगे, जबकि बिहार के सिवान में एक पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों की ओर AK-47 के साथ कार्रवाई करता दिखाई दिया। इसके बाद सवाल उठने लगे कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस किन परिस्थितियों में ऐसे हथियारों का इस्तेमाल कर सकती है और इसके लिए कानूनी प्रावधान क्या हैं।

सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला

दोनों घटनाओं को लेकर जनहित याचिकाएं दायर की गई हैं। आरोप लगाया गया है कि सिवान में प्रदर्शन के दौरान AK-47 का इस्तेमाल किया गया, जबकि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा कथित तौर पर अत्यधिक बल प्रयोग किया गया। याचिकाओं में इन घटनाओं की निष्पक्ष जांच और संबंधित मामलों में कार्रवाई की मांग की गई है।

सरकार ने दोनों मामलों में शुरू की कार्रवाई

सरकार ने दोनों घटनाओं को गंभीरता से लिया है। सिवान में छात्रों पर AK-47 से फायरिंग करने वाले पुलिसकर्मी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच के आदेश भी दिए गए हैं और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे विभागीय कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मुख्यालय ने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट भी तलब की है।

उधर, जंतर-मंतर में रैपिड एक्शन फोर्स द्वारा कथित तौर पर पैलेट गन चलाए जाने के मामले की जांच की जा रही है। हालांकि इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

क्या होती है पैलेट गन?

पैलेट गन एक विशेष प्रकार की शॉटगन होती है, जिससे एक कारतूस के साथ बड़ी संख्या में छोटे धातु के छर्रे निकलते हैं। इसे भीड़ नियंत्रण के लिए कम-घातक हथियार माना जाता है, लेकिन इसके इस्तेमाल से गंभीर चोट लगने का खतरा बना रहता है। आंख, चेहरा और शरीर के अन्य हिस्सों पर लगने वाले छर्रे स्थायी नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। यही वजह है कि इसके इस्तेमाल को लेकर लंबे समय से विवाद बना हुआ है।

पैलेट गन के इस्तेमाल पर क्यों बंटी है राय?

विशेषज्ञों की राय इस मुद्दे पर एक जैसी नहीं है। एक पक्ष का मानना है कि पैलेट गन से गंभीर चोट और स्थायी दृष्टिहानि तक हो सकती है, इसलिए इसका इस्तेमाल बेहद सीमित परिस्थितियों में होना चाहिए। छात्र आंदोलन के दौरान भी एक छात्र के गंभीर रूप से घायल होने और उसकी आंख की रोशनी प्रभावित होने का दावा सामने आया था।

वहीं कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इसे कम-घातक विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। भारत में पहली बार वर्ष 2010 में जम्मू-कश्मीर में इसका उपयोग किया गया था। बाद के वर्षों में मणिपुर समेत कुछ अन्य हिंसक घटनाओं के दौरान भी सुरक्षा बलों ने इसका इस्तेमाल किया।

छात्र आंदोलन में इस्तेमाल को लेकर क्यों उठ रहे हैं सवाल?

जंतर-मंतर की घटना को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही उठाया जा रहा है कि जब प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी शामिल थे, तब उन पर पैलेट गन का इस्तेमाल कितना उचित था। आलोचकों का कहना है कि प्रदर्शन का अधिकांश हिस्सा शांतिपूर्ण रहा, ऐसे में इस तरह के हथियारों के इस्तेमाल की आवश्यकता पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।

प्रदर्शन के दौरान हथियारों के इस्तेमाल के क्या हैं नियम?

भारत में किसी भी विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस के लिए हथियारों का इस्तेमाल अंतिम विकल्प माना जाता है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत पहले समझाने, चेतावनी देने और गैर-घातक उपाय जैसे लाठीचार्ज, आंसू गैस या पानी की बौछार का सहारा लिया जाता है। गोली या घातक हथियार का इस्तेमाल केवल तभी किया जा सकता है, जब अन्य सभी उपाय विफल हो जाएं और लोगों या पुलिसकर्मियों के जीवन पर गंभीर एवं तत्काल खतरा हो। ऐसी हर कार्रवाई का रिकॉर्ड रखा जाता है और जरूरत पड़ने पर उसकी जांच कर जवाबदेही भी तय की जाती है।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: AK-47, AK-47 पुलिस कार्रवाई, Delhi Police, Jantar Mantar Protest, Pellet Gun, Police Action, Siwan Protest, Supreme Court, छात्र प्रदर्शन, जंतर मंतर छात्र आंदोलन, दिल्ली पुलिस, पुलिस बल प्रयोग, पैलेट गन विवाद, सिवान पुलिस फायरिंग, सुप्रीम कोर्ट
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article राम मंदिर चंदा विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा एक्शन! SIT में होंगे CA और फोरेंसिक ऑडिटर, दो हफ्ते में मांगी रिपोर्ट
Next Article बार-बार पड़ते हैं बीमार? तुलसी से लेकर पपीते के पत्ते तक… इम्यूनिटी मजबूत करने वाली इन 5 औषधीय पत्तियों के फायदे जानिए

फीचर

View More

Friendship Day 2026: दोस्तों के साथ यादगार बनाएं वीकेंड, दिल्ली से 500 किमी के भीतर मौजूद इन खूबसूरत डेस्टिनेशन पर करें ट्रिप

नई दिल्ली: फ्रेंडशिप डे 2026 को खास बनाने के लिए अगर आप दोस्तों के साथ वीकेंड ट्रिप की योजना बना…

By vineet verma 4 Min Read

शिमला-मनाली से हो गए बोर? हिमाचल का ये छुपा हुआ स्वर्ग बना सकता है आपकी ट्रिप यादगार, दोस्तों संग जरूर करें एक्सप्लोर

नई दिल्ली: अगर इस बार छुट्टियों में शिमला और मनाली जैसी भीड़भाड़…

3 Min Read

शिमला की भीड़ से दूर चाहिए सुकून? एक बार घूम आइए मटियाना, सेब के बागों से लेकर पहाड़ों के नजारे जीत लेंगे दिल

शिमला: अगर आप पहाड़ों की खूबसूरती का आनंद लेना चाहते हैं, लेकिन…

3 Min Read

विचार

View More

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की दस्तक हो चुकी है।…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ: क्या भारत–पाक मुकाबले से गायब हो गई वो अनिश्चितता?

रिंकू का ओवर और राइवलरी का…

February 16, 2026

You Might Also Like

Latest Newsअन्य

‘6 से कम सदस्य हैं तो भी बन सकता है आयुष्मान कार्ड’… सरकार ने संसद में दूर किया बड़ा भ्रम, जानिए कौन है पात्र

नई दिल्ली: आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) को लेकर चल रही एक बड़ी गलतफहमी पर केंद्र सरकार ने संसद…

4 Min Read
Trending Newsउत्तर प्रदेशराज्य

‘जौहर यूनिवर्सिटी पर फिलहाल नहीं चलेगा बुलडोजर’… 38 इमारतों पर कार्रवाई पर लगी रोक, कमिश्नर के आदेश से प्रशासन के कदम थमे

रामपुर: जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों पर प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई फिलहाल टल गई है। मुरादाबाद मंडल आयुक्त ने रामपुर विकास…

3 Min Read
Trending Newsसियासी

‘क्या छात्र आतंकवादी थे?’… AK-47 और FIR पर सरकार को प्रियंका गांधी का घेरा, संसद में गृह मंत्री से मांगा जवाब

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में बिहार में छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर AK-47 के इस्तेमाल और…

4 Min Read
Trending Newsराज्य

‘मैं AC वाला एक्टिविस्ट नहीं, सड़क का लड़ाका हूं’… जयराम रमेश की टिप्पणी पर धर्मेंद्र प्रधान का तीखा पलटवार, संसद में छिड़ी जुबानी जंग

नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सोमवार को संसद पहुंचे धर्मेंद्र प्रधान को लेकर सत्ता…

3 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?