नई दिल्ली। देश में NEET पेपर लीक को लेकर चल रहे भारी बवाल और राजनीतिक घमासान के बीच सोशल मीडिया दिग्गज मेटा (Meta) एक नए और बड़े विवाद में घिर गया है। मंगलवार तड़के करीब 1:25 बजे फेसबुक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश के युवाओं (GenZ) को संबोधित करते हुए जारी किया गया पहला ‘सेल्फी वीडियो’ भारत में कुछ घंटों के लिए दिखना बंद हो गया।
वीडियो पर यूजर्स को एक चेतावनी मैसेज दिखाई दे रहा था, जिसमें लिखा था— “कानूनी अनुरोध (Legal Request) के कारण यह मीडिया आपके क्षेत्र/देश में उपलब्ध नहीं है।”
जिस वीडियो में था कड़े फैसलों का जिक्र, उसी पर लगी रोक
जिस वीडियो को लेकर यह पूरा विवाद खड़ा हुआ, उसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NEET पेपर लीक पर सरकार का रुख स्पष्ट किया था। पीएम मोदी ने वीडियो में आश्वासन दिया था कि पेपर लीक के खिलाफ अब तक के सबसे सख्त कानूनों और कदमों का ऐलान अगली कैबिनेट बैठक में किया जाएगा।
ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर देश के प्रधानमंत्री के वीडियो का भारत में ही ब्लॉक दिखना तुरंत ही राष्ट्रीय विवाद बन गया।
भाजपा ने घेरा, तो बैकफुट पर आया मेटा: सरकार जल्द कर सकती है समन
इस घटनाक्रम के सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मेटा पर तीखा हमला बोला।
- बीजेपी का तीखा सवाल: महाराष्ट्र बीजेपी प्रवक्ता और सोशल मीडिया प्रभारी प्रीति गांधी ने आलोचना करते हुए पूछा, “दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधानमंत्री के वीडियो को भारत में ही सीमित करने और यह तय करने का अधिकार मेटा को किसने दिया कि भारत के लोग क्या देखें और क्या नहीं?”
- मेटा ने मांगी लिखित माफी: चौतरफा घिरने के बाद मेटा के सूत्रों ने स्पष्ट किया कि कंपनी ने जानबूझकर कोई पोस्ट ब्लॉक नहीं किया था। यह पूरी तरह से एक तकनीकी गड़बड़ी (Technical Glitch) थी। मेटा ने इस लापरवाही पर भारत सरकार से आधिकारिक रूप से माफी मांग ली है।
- अधिकारियों की होगी पेशी: सूत्रों के अनुसार, सरकार ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है और लापरवाही की जवाबदेही तय करने के लिए मेटा के वरिष्ठ अधिकारियों को जल्द तलब (Summon) किया जा सकता है।