धनतेरस पर खरीदारी के लिए आज तीन शुभ चौघड़िया मुहूर्त, दोपहर 12:05 से 1:27 बजे तक सबसे अच्छा समय, राहुकाल में खरीदारी से बचने की सलाह
लखनऊ। दीपावली के पांच दिवसीय पर्व की शुरुआत आज 6 नवंबर, शुक्रवार को धनतेरस के साथ हो रही है। हिंदू धर्म में धनतेरस को सुख-समृद्धि और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन सोना, चांदी, पीतल के बर्तन और घरेलू उपयोग की नई वस्तुएं खरीदने की परंपरा है। मान्यता है कि धनतेरस पर शुभ मुहूर्त में खरीदारी करने से घर में सुख-समृद्धि और बरकत आती है। ऐसे में अगर आप भी आज बाजार जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो खरीदारी से पहले शुभ चौघड़िया और राहुकाल का समय जरूर जान लें।
धनतेरस पर खरीदारी के लिए तीन शुभ मुहूर्त
धनतेरस के दिन खरीदारी के लिए अलग-अलग समय पर शुभ चौघड़िया मुहूर्त बन रहे हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इन समयों में सोना, चांदी, बर्तन और दूसरी नई वस्तुएं खरीदना शुभ माना जाता है।
खरीदारी के प्रमुख शुभ समय इस प्रकार हैं
- दोपहर- 12:05 से 1:27 बजे तक
- शाम- 4:11 से 5:33 बजे तक
- रात- 8:49 से 10:27 बजे तक
- सबसे शुभ मुहूर्त:- दोपहर 12:05 से 1:27 बजे का समय
इनमें दोपहर 12:05 से 1:27 बजे तक का शुभ चौघड़िया खरीदारी के लिए विशेष रूप से अच्छा बताया गया है। हालांकि, अपनी स्थानीय पंचांग गणना के अनुसार भी मुहूर्त की पुष्टि कर सकते हैं।
सोना-चांदी से लेकर बर्तनों तक क्या खरीदना माना जाता है शुभ?
धनतेरस पर खरीदारी का विशेष महत्व है। इस दिन लोग अपनी आर्थिक क्षमता और जरूरत के अनुसार सोने-चांदी के आभूषण, सिक्के, पीतल और तांबे के बर्तन खरीदते हैं। इसके अलावा झाड़ू, इलेक्ट्रॉनिक सामान और घर के लिए जरूरी नई वस्तुओं की खरीदारी भी की जाती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार धनतेरस पर धातु की वस्तुएं खरीदना शुभ माना जाता है। हालांकि, जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति सोना या चांदी ही खरीदे। अपनी जरूरत और बजट के अनुसार कोई भी उपयोगी वस्तु खरीदकर इस पर्व को मना सकता है।
धनतेरस पर भूलकर भी इस समय न करें खरीदारी
शुभ मुहूर्त के साथ राहुकाल का ध्यान रखना भी जरूरी माना जाता है। 6 नवंबर को सुबह 10:42 बजे से दोपहर 12:04 बजे तक राहुकाल रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए।
ऐसे में जो लोग धनतेरस पर खरीदारी की योजना बना रहे हैं, वे राहुकाल समाप्त होने के बाद बताए गए शुभ चौघड़िया मुहूर्त में बाजार जा सकते हैं।
धनतेरस पर खरीदारी के साथ करें भगवान धन्वंतरि की पूजा
धनतेरस का संबंध केवल धन और खरीदारी से ही नहीं, बल्कि आरोग्य और स्वास्थ्य से भी जुड़ा है। इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसी वजह से इस पर्व को धनत्रयोदशी भी कहा जाता है।
धनतेरस के दिन घर की साफ-सफाई करने, दीप जलाने और श्रद्धा के साथ पूजा करने की परंपरा है। शाम को माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और भगवान धन्वंतरि की आराधना की जाती है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं और उपलब्ध मुहूर्त विवरण पर आधारित है। शुभ मुहूर्त और राहुकाल की गणना स्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। किसी भी धार्मिक अनुष्ठान से पहले स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि अवश्य करें।