लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी प्रमुख मायावती ने गुरुवार को पदाधिकारियों के साथ बैठक कर चुनावी रणनीति की समीक्षा की और कार्यकर्ताओं को पूरी निष्ठा व लगन से जुटने का संदेश दिया। उन्होंने प्रदेश में पांचवीं बार बसपा की सरकार बनाने का लक्ष्य हासिल करने के लिए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया। मायावती ने आगामी विधानसभा चुनाव को बहुजन समाज और सवर्ण समाज, दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया।
मायावती ने दावा किया कि समाज के दबे-कुचले और गरीब वर्गों को न्याय, सुरक्षा और सम्मान केवल बसपा के नेतृत्व वाली सरकार ही सुनिश्चित कर सकती है। उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि बहुजन समाज के हितों और कल्याण की अनदेखी के लिए मुख्य रूप से यही दोनों दल जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में बीजेपी की सरकारें भी पीछे नहीं रही हैं।
‘हमारा वोट, हमारा राज’ के नारे पर जोर
बसपा प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी बहुजन समाज की सामूहिक ताकत को मजबूत करते हुए ‘हमारा वोट, हमारा राज’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। पार्टी का लक्ष्य सत्ता की मास्टर चाबी हासिल करना है, ताकि बहुजन समाज अपने राजनीतिक अधिकारों और हितों की रक्षा कर सके।
बूथ स्तर पर तैयारियों की समीक्षा, प्रत्याशियों के चयन पर भी चर्चा
बसपा की ओर से जारी बयान के मुताबिक, बैठक में मायावती ने बूथ स्तर पर चल रही संगठनात्मक तैयारियों का जायजा लिया। इसके साथ ही विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया और कमजोर वर्गों को पार्टी से जोड़ने के प्रयासों की भी समीक्षा की। उन्होंने इन वर्गों को संगठन से जोड़कर बूथ स्तर तक सक्रिय करने पर विशेष जोर दिया।
अपनी चार सरकारों के कार्यकाल का भी किया जिक्र
मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बसपा की चारों सरकारों के दौरान कानून का शासन स्थापित करने और ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत के आधार पर काम किया गया। उन्होंने दावा किया कि पार्टी की नीतियों में सभी वर्गों के हितों को प्राथमिकता दी गई।
उन्होंने कहा कि दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्गों, मुसलमानों और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ-साथ शोषित, वंचित और कमजोर तबकों के वास्तविक हित बसपा के शासन में ही सुरक्षित रह सकते हैं। मजदूरों, किसानों, छोटे व्यापारियों, महिलाओं और बेरोजगार युवाओं के कल्याण को लेकर भी उन्होंने बसपा को सबसे भरोसेमंद विकल्प बताया।