Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: Delhi Parliament March Clash: दिल्ली पुलिस का इनकार, लेकिन रिपोर्टों में दावा-जंतर-मंतर प्रदर्शन में ‘पेलेट गन’ और ‘शॉक बैटन’ का हुआ इस्तेमाल
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > Delhi Parliament March Clash: दिल्ली पुलिस का इनकार, लेकिन रिपोर्टों में दावा-जंतर-मंतर प्रदर्शन में ‘पेलेट गन’ और ‘शॉक बैटन’ का हुआ इस्तेमाल
Trending Newsराज्य

Delhi Parliament March Clash: दिल्ली पुलिस का इनकार, लेकिन रिपोर्टों में दावा-जंतर-मंतर प्रदर्शन में ‘पेलेट गन’ और ‘शॉक बैटन’ का हुआ इस्तेमाल

news desk
Last updated: July 22, 2026 2:57 pm
news desk
Share
SHARE

20 जुलाई 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित संसद मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस घटना के बाद सुरक्षाबलों की कार्रवाई को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पेलेट गन (Pellet Gun) और शॉक बैटन (Shock Baton) का इस्तेमाल किया गया, जबकि दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

Contents
‘द हिंदू’ की रिपोर्ट का दावा: पेलेट गन से घायल हुए प्रदर्शनकारीस्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का जाना हालदिल्ली पुलिस की सफाई: “हमारे पास पेलेट गन नहीं हैं”गृह मंत्रालय के नियम: कब और कैसे चलाई जा सकती है पेलेट गन?भारत में पेलेट गन के इस्तेमाल का इतिहास

‘द हिंदू’ की रिपोर्ट का दावा: पेलेट गन से घायल हुए प्रदर्शनकारी

‘द हिंदू’ में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, 20 जुलाई को हुई झड़प और लाठीचार्ज में करीब 80 प्रदर्शनकारी और 118 पुलिसकर्मी घायल हुए।

  • पेलेट गन से चोटें: लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया कि मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी 25 वर्षीय प्रदर्शनकारी शेख इरशाद मंसूरी के शरीर के ऊपरी हिस्से में छर्रे (पेलेट्स) लगे हैं।
  • सर्जरी की स्थिति: मंसूरी के चेहरे और शरीर पर करीब 30-40 घाव पाए गए हैं। उनकी आंखों के नीचे से छर्रे निकाल दिए गए हैं, हालांकि गर्दन की खून की नली के पास फंसे एक छर्रे को निकालने के लिए दूसरी सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है।
  • शॉक बैटन का इस्तेमाल: सोशल मीडिया पर 21 जुलाई को एक वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर एक महिला को शॉक बैटन के जरिए बिजली का हल्का झटका देकर अचेत होते देखा गया।
  • सुरक्षाबलों की तैनाती: जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती की गई थी, जिसके गियर में पेलेट गन और शॉक बैटन शामिल होते हैं।


स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का जाना हाल

घटना की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने 21 जुलाई को अस्पताल का दौरा किया और घायल प्रदर्शनकारी इरशाद मंसूरी से मुलाकात की।

अस्पताल में नड्डा द्वारा पूछे जाने पर मंसूरी ने बताया कि वे शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त समस्याओं के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का हिस्सा बनने आए थे। इस दौरान अन्य गंभीर रूप से घायल मरीजों (जिनमें एक 15 वर्ष का किशोर और ICU में भर्ती 21 वर्षीय युवती शामिल हैं) का इलाज जारी है।


दिल्ली पुलिस की सफाई: “हमारे पास पेलेट गन नहीं हैं”

विवाद और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (DCP) ने दिल्ली पुलिस के आधिकारिक ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर फैक्ट-चेक जारी करते हुए स्थिति स्पष्ट की।

दिल्ली पुलिस का बयान: “शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस बल द्वारा पेलेट गन का इस्तेमाल किए जाने का दावा करने वाली खबरें पूरी तरह से झूठी और भ्रामक हैं। दिल्ली पुलिस के पास न तो पेलेट गन हैं और न ही इनका इस्तेमाल किया गया है।”

पुलिस ने आम जनता से किसी भी प्रकार की असत्यापित या भ्रामक खबरों को न फैलाने की अपील की है। हालांकि, मामले में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) या सीआरपीएफ की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।


गृह मंत्रालय के नियम: कब और कैसे चलाई जा सकती है पेलेट गन?

भारत सरकार ने 2016 में पेलेट गन के गैर-घातक विकल्पों की तलाश के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया था। संसद में दिए गए गृह मंत्रालय के बयानों के अनुसार, पेलेट गन के इस्तेमाल के स्पष्ट दिशा-निर्देश तय हैं:

  1. प्राथमिक उपाय: दंगाइयों या हिंसक भीड़ को हटाने के लिए सुरक्षाबल सबसे पहले PAWA-Chilli (मिर्च के गोले/ग्रेनेड), STUN-LAC और आंसू गैस के गोलों (Tear Smoke Shells) का इस्तेमाल करेंगे।
  2. अंतिम विकल्प: पेलेट गन का इस्तेमाल केवल तभी और एक अंतिम विकल्प (Last Resort) के रूप में किया जा सकता है, जब अन्य सभी गैर-घातक उपाय भीड़ को रोकने में पूरी तरह विफल साबित हो जाएं।


भारत में पेलेट गन के इस्तेमाल का इतिहास

भीड़ नियंत्रण के लिए पेलेट गन का इस्तेमाल भारत में हमेशा से विवादों के घेरे में रहा है:

  • 2010 और 2016 (जम्मू-कश्मीर): घाटी में अशांति के दौरान बड़े पैमाने पर पेलेट गन का इस्तेमाल हुआ था, जिसके कारण कई लोगों की आंखों की रोशनी प्रभावित हुई थी।
  • 2023 (मणिपुर हिंसा): जातीय संघर्ष के दौरान प्रदर्शनकारियों पर इसके इस्तेमाल से जन आक्रोश बढ़ा था।
  • 2024 (किसान आंदोलन): शंभू और खनौरी बॉर्डर पर प्रदर्शनकारी किसानों ने पेलेट गन से घायल होने का दावा किया था।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: Delhi Parliament March, Delhi Police Fact Check, Delhi Protest Update, Dharmendra Pradhan Resignation, Irshad Mansuri JP Nadda, Jantar Mantar Clash, MHA Non Lethal Weapons, Pellet Gun Controversy, RAF Jantar Mantar, Shock Baton Delhi Police
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article दिल्ली प्रदर्शन में लाठीचार्ज और प्रोटोकॉल के एंगल पर क्यों उठ रहे सवाल ?
Next Article “I Found MrsBeast”! फेमस यूट्यूबर MrBeast ने कैरेबियन आइलैंड पर लॉन्ग-टाइम गर्लफ्रेंड संग की प्राइवेट वेडिंग

फीचर

View More

5 सितंबर सिर्फ एक तारीख नहीं: जब देश के राष्ट्रपति ने अपने ही जन्मदिन को बना दिया शिक्षकों का सबसे बड़ा सम्मान!

“गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूं पांय…” कबीर का यह दोहा सदियों से गुरु के महत्व को बयां करता आ…

By news desk 5 Min Read

जन्माष्टमी पर कान्हा की वो बांसुरी, जिसकी तान पर मिट गईं मजहब की दीवारें… रसखान से बिस्मिल्लाह खान तक हुए कृष्ण के दीवाने

मथुरा: जन्माष्टमी के मौके पर देशभर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की…

9 Min Read

दही-हांडी की मटकी में छिपा है कान्हा की बाल लीला का राज, जानिए कैसे शुरू हुआ ये रिवाज

आखिरकार वह दिन आ ही गया, जिसका भक्तों को पूरे साल बेसब्री…

3 Min Read

विचार

View More

भारतीय रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष: ‘श्रुति’ की परंपरा से ‘मन की बात’ तक… ऐसा रहा जादुई तरंगों का 100 साल का सफर

उस अविस्मरणीय पल को याद कीजिए, जब आपने पहली बार…

August 13, 2026

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

You Might Also Like

Trending Newsवर्ल्ड

दो हार्ट अटैक के दावे से जिनपिंग की सेहत पर सवाल, उत्तराधिकारी चुनने में भी खतरा! क्या चीन के राष्ट्रपति के सामने फंस गया सबसे बड़ा सत्ता संकट?

बीजिंग: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सेहत को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। तिब्बत के…

6 Min Read
Trending Newsक्राइम

केतन अग्रवाल मर्डर में नया ट्विस्ट, चेतन-सिया के बाद तीसरे आरोपी की एंट्री! कॉल रिकॉर्ड और डिलीट चैट ने खोला राज, कौन है रितेश हिंगे?

पुणे: केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, मामले की परतें खुलती जा रही हैं। पुलिस ने…

5 Min Read
Trending Newsबाजार

5G नेटवर्क पर TRAI की 80% वाली शर्त से क्यों परेशान Jio-Airtel-Vi? कंपनियों ने कहा- महंगा पड़ेगा फैसला, जानिए पूरा विवाद

नई दिल्ली: भारत में 5G नेटवर्क को लेकर टेलीकॉम कंपनियों और नियामक के बीच नया विवाद सामने आया है। 5G…

5 Min Read
Trending Newsसियासी

‘अधिकारी तो मुझसे भी अच्छी एक्टिंग कर लेते हैं’… बैठक में कंगना का चढ़ा पारा !

हिमाचल प्रदेश के मंडी में एक बैठक के दौरान उस वक्त माहौल गरमा गया, जब BJP सांसद कंगना रनौत ने…

3 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?