नीट (NEET) पेपर लीक और बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) का ‘चलो संसद’ मार्च उग्र हो गया है। तमाम सुरक्षा घेरों और बैरिकेड्स को तोड़ते हुए प्रदर्शनकारी संसद भवन के मुख्य गेट के करीब पहुंच गए हैं। बिगड़ते हालात को देखते हुए संसद भवन का मेन गेट पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
संसद के ठीक बाहर भीड़ को बेकाबू होते देख दिल्ली पुलिस ने आंसू गैस (Tear Gas) के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। इस समय हजारों प्रदर्शनकारी रेल भवन के पास धरने पर बैठ गए हैं।
1. संसद भवन के अंदर बढ़ी हलचल: गृह मंत्री अमित शाह से मिले शिक्षा मंत्री
संसद के बाहर मच रहे भारी हंगामे के बीच अंदर शीर्ष स्तर पर बड़ी राजनीतिक हलचल शुरू हो गई है:
- अमित शाह-धर्मेंद्र प्रधान की बैठक: NEET पेपर लीक और CJP के विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, गृह मंत्री अमित शाह से मिलने संसद भवन स्थित उनके कार्यालय पहुंचे हैं।
- नड्डा से वार्ता जारी: वहीं दूसरी ओर, सरकार के न्योते पर CJP नेता आशुतोष रांका और सौरव दास केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा से वार्ता करने पहुंचे हैं।
2. चंद्रशेखर आजाद, प्रकाश राज और सोनम वांगचुक की पत्नी भी पहुंचीं
पुलिस द्वारा जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के बावजूद कई प्रमुख हस्तियां और नेता आंदोलन में शामिल हुए:
- चंद्रशेखर आजाद की हुंकार: नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने प्रदर्शनकारियों का साथ देते हुए कहा, “मैं इस मिट्टी और युवाओं के प्रति अपना फर्ज निभाने आया हूँ। युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है और सरकार इसे चुपचाप देख रही है।”
- अन्य हस्तियाँ: आम आदमी पार्टी के मनीष सिसोदिया व संजय सिंह के अलावा प्रसिद्ध अभिनेता प्रकाश राज और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि भी प्रदर्शन में शामिल हुईं।
3. 5 मेट्रो स्टेशन बंद, पटेल चौक और केंद्रीय सचिवालय पर एंट्री-एग्जिट ठप्प
संसद भवन के आसपास उपजे तनाव को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने तुरंत कदम उठाए हैं:
- सुरक्षा कारणों से राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं।
- क्षेत्र में बीएनएसएस (BNSS) की धारा 163 लागू है, फिर भी हजारों की संख्या में छात्र और समर्थक पुलिस की चेतावनियों को दरकिनार कर सड़कों पर डटे हुए हैं।
4. क्यों हो रहा है यह बड़ा संग्राम? CJP की मांगें
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके के आह्वान पर निकाले गए इस मार्च की मुख्य मांगें हैं:
- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: बड़े पैमाने पर हो रहे पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्या की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री तुरंत इस्तीफा दें।
- जवाबदेही तय हो: NEET सहित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई धांधली पर सख्त कार्रवाई की जाए।
- बेरोजगारी पर ठोस नीति: सरकारी भर्तियों में देरी और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद हो।