जयपुर। पंजाब कांग्रेस के नवनिर्वाचित प्रभारी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने शुक्रवार (11 सितंबर) को जयपुर में निकाय चुनाव के दौरान अपना वोट डाला। मतदान के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टी का रोडमैप साझा किया और कई बड़े राजनीतिक बयान दिए।
सीएम चेहरे पर बड़ा फैसला, कैप्टन की वापसी पर साधी चुप्पी
सचिन पायलट ने स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब में कांग्रेस बिना किसी मुख्यमंत्री (CM) चेहरे के चुनावी मैदान में उतरेगी और पूरी पार्टी एकजुट होकर चुनाव लड़ेगी। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की कांग्रेस में संभावित वापसी के कयासों पर विराम लगाते हुए उन्होंने कहा कि इस विषय पर हाईकमान या पार्टी स्तर पर उनसे कोई चर्चा नहीं हुई है।
3 बड़े मुद्दों पर घिरा जाएगा विरोधी: नशा, भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था
पायलट ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि ऐतिहासिक बहुमत से बनी ‘आप’ सरकार ने केवल अपनी पार्टी के नेताओं को संरक्षण दिया और राज्य की जनता को बेसहारा छोड़ दिया।
- मुद्दे: कांग्रेस आगामी चुनाव में नशा मुक्ति, बिगड़ती कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार को प्रमुख मुद्दा बनाएगी।
- स्टार प्रचारक: जल्द ही राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पंजाब का दौरा कर औपचारिक चुनाव प्रचार की शुरुआत करेंगे।
‘आप’ बिखरी, बीजेपी-अकाली का कोई जनाधार नहीं
विरोधी दलों पर हमला बोलते हुए कांग्रेस महासचिव ने कहा:
- आम आदमी पार्टी: आंतरिक रूप से पूरी तरह बिखर चुकी है।
- बीजेपी व अकाली दल: दोनों दल अपनी खोई हुई जमीन तलाशने के लिए एक-दूसरे का सहारा लेने की कोशिश में हैं। अतीत में जब इनका गठबंधन था, तब भी जनता ने इन्हें खारिज कर दिया था।
- मुख्य मुकाबला: पंजाब में सीधा और मुख्य मुकाबला सिर्फ कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच होगा।
राजस्थान सरकार पर तंज: ‘हाईकोर्ट की लताड़ के बाद हो रहे निकाय चुनाव’
राजस्थान निकाय चुनावों पर प्रतिक्रिया देते हुए पायलट ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सरकार विभिन्न बहाने बनाकर चुनाव टालने की कोशिश कर रही थी और ये चुनाव केवल हाईकोर्ट की सख्ती के बाद संभव हो पाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शहरों में विकास पूरी तरह ठप है और कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है।