यमुनानगर: हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज में स्पेशल फोर्स के जवानों के प्रशिक्षण के दौरान हुए हादसे में लापता दो जवानों में से एक का शव करीब 24 घंटे बाद बरामद कर लिया गया है। मंगलवार शाम यमुना नदी में अभ्यास के दौरान मोटर बोट अचानक बंद हो गई थी। तेज बहाव के कारण बोट बहने लगी और उस पर सवार जवान नदी में गिर गए थे। हादसे के बाद से दोनों जवान लापता थे, जिनमें से एक का शव बुधवार रात उत्तर प्रदेश के बेहट क्षेत्र में मिला।
हादसे के बाद परिवार और सेना लगातार जवानों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद कर रहे थे। नदी और नहर के तेज बहाव के बीच सेना, पुलिस और बचाव दलों ने कई इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। दूसरे लापता जवान की तलाश अभी भी जारी है।
अचानक बंद हो गई थी मोटर बोट
मंगलवार शाम हथिनीकुंड बैराज में स्पेशल फोर्स के जवान प्रशिक्षण अभ्यास कर रहे थे। इसी दौरान जवानों को ले जा रही मोटर बोट अचानक बंद हो गई। तेज बहाव के चलते बोट पानी में बहने लगी और उस पर सवार जवान नदी में गिर गए।
हादसे के बाद दो जवान करीब 600 मीटर दूर नहर के गेट तक तैरकर सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे, जबकि दो जवान लापता हो गए थे।
कर्नल योगेंद्र के नेतृत्व में चला रेस्क्यू अभियान
हादसे की सूचना मिलते ही सेना, स्थानीय पुलिस, प्रशासन और राज्य आपदा मोचन बल की टीमें सक्रिय हो गईं। कर्नल योगेंद्र के नेतृत्व में सेना की टीम ने नदी और नहर के संभावित हिस्सों में लापता जवानों की तलाश शुरू की।
बचाव अभियान के दौरान हेलीकॉप्टर की मदद से हवाई सर्वेक्षण भी किया गया। तेज बहाव और नदी-नहर के जटिल क्षेत्र के कारण जवानों को खोजने में बचाव दलों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
उत्तर प्रदेश तक पहुंचा तलाश अभियान
आशंका थी कि तेज बहाव लापता जवानों को हथिनीकुंड बैराज से काफी दूर तक बहाकर ले जा सकता है। इसी वजह से यमुनानगर के अलावा उत्तर प्रदेश की टीमें भी तलाश अभियान में शामिल की गईं।
लगातार तलाशी के बाद बुधवार रात उत्तर प्रदेश के कोतवाली बेहट क्षेत्र में असलमपुर बरथा गांव के पास एक जवान का शव बरामद हुआ। बताया गया कि शव हादसे की जगह से करीब 14 किलोमीटर दूर मिला। सेना के अधिकारियों को इसकी सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और शव को आगे की प्रक्रिया के लिए अपने साथ ले गई।
दूसरे जवान की तलाश अब भी जारी
देर रात तक बरामद शव की आधिकारिक पहचान की पुष्टि नहीं हो सकी थी। सेना की ओर से दूसरे लापता जवान की तलाश भी लगातार जारी है।
बचाव दल नदी और नहर के संभावित हिस्सों में अभियान चला रहे हैं। सेना की कोशिश है कि दूसरे जवान का भी जल्द पता लगाया जा सके।