Latest News

बार-बार मुंह में हो रहे हैं छाले या बदल रही है आवाज? डॉक्टर ने बताया कब हो जाएं सावधान, हो सकता है ओरल कैंसर का संकेत

नई दिल्ली: मुंह में छाले होना या सर्दी-जुकाम के दौरान आवाज बदल जाना आम बात मानी जाती है, लेकिन अगर ये समस्याएं लंबे समय तक बनी रहें और आसानी से ठीक न हों तो इन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बने रहने वाले मुंह के छाले, आवाज में बदलाव और मुंह के अंदर असामान्य परिवर्तन कई बार ओरल कैंसर के शुरुआती संकेत भी हो सकते हैं।

दिल्ली स्थित अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल में ईएनटी, हेड एंड नेक सर्जरी विभाग के विशेषज्ञ डॉ. नईम अहमद सिद्दीकी के अनुसार ऐसे संकेतों को समय रहते पहचानना बेहद जरूरी है, क्योंकि शुरुआती चरण में बीमारी की पहचान इलाज की सफलता की संभावना बढ़ा सकती है।

ओरल कैंसर के शुरुआती संकेत क्या हैं?

अगर मुंह में बार-बार छाले हो रहे हैं और वे जल्दी ठीक नहीं हो रहे, आवाज लगातार बदल रही है, मुंह के अंदर सफेद या लाल धब्बे दिखाई दे रहे हैं या मसूड़ों और गालों में असामान्य सूजन बनी हुई है, तो इसे सामान्य मानकर टालना नहीं चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे लक्षण कुछ मामलों में ओरल कैंसर की ओर इशारा कर सकते हैं।

किन वजहों से बढ़ता है ओरल कैंसर का खतरा?

ओरल कैंसर के प्रमुख कारणों में तंबाकू, पान मसाला और शराब का लगातार सेवन शामिल माना जाता है। इसके अलावा मुंह की साफ-सफाई की अनदेखी, दांतों की देखभाल में लापरवाही और लंबे समय तक दांत या मसूड़ों की समस्याओं का इलाज न कराना भी जोखिम बढ़ा सकता है।

इन लक्षणों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज

अगर मुंह के छाले 2 से 3 सप्ताह से अधिक समय तक बने रहें, दर्द लगातार बढ़ता जाए, मुंह के अंदर लाल या सफेद धब्बे नजर आएं, घाव का आकार बढ़ने लगे या चबाने और निगलने में दिक्कत महसूस होने लगे तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

इसके अलावा दांतों का ढीला होना, बिना वजह वजन घटना और लगातार कमजोरी महसूस होना भी ऐसे संकेत हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

आवाज में बदलाव भी हो सकता है गंभीर संकेत

यदि बिना सर्दी-जुकाम के भी आवाज लंबे समय तक भारी, बैठी हुई या बदली हुई महसूस हो रही है तो इसे सामान्य परेशानी समझकर छोड़ना सही नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार यह गले या मुंह के अंदर किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।

समय पर पहचान से आसान हो सकता है इलाज

विशेषज्ञों के मुताबिक ओरल कैंसर की शुरुआती अवस्था में इलाज की संभावना अधिक रहती है। इसकी पुष्टि के लिए डॉक्टर मुंह की जांच, बायोप्सी और अन्य जरूरी परीक्षणों की मदद लेते हैं। बीमारी जितनी जल्दी पकड़ी जाती है, इलाज उतना ही प्रभावी और बेहतर परिणाम देने वाला हो सकता है।

vineet verma

Recent Posts

प्रयागराज में ट्रिपल मर्डर से सनसनी, एक ही बेड पर मिले दो महिलाओं और एक पुरुष के खून से लथपथ शव

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में मंगलवार को दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई।…

51 minutes ago

यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 13 आईएएस अधिकारियों के तबादले; गोरखपुर, बस्ती, बरेली और प्रयागराज को मिले नए मंडलायुक्त

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 13 आईएएस अधिकारियों…

53 minutes ago

यूपी में बारिश का नया अलर्ट, 3 दिन तक भारी बारिश की चेतावनी; कई जिलों में वज्रपात का भी खतरा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर…

54 minutes ago

प्रशांत किशोर का बड़ा दावा, इन 3 वादों पर जीता बांकीपुर उपचुनाव, बोले- बिहार के लोगों को ‘जंगलराज’ की राजनीति मंजूर नहीं

पटना: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जीत दर्ज करने के बाद जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर…

1 hour ago

यूपी विधानसभा में भारी हंगामा: सीएम की तस्वीर लहराने पर भड़के स्पीकर सतीश महाना, बोले- सदस्यता रद्द कराने का प्रस्ताव भेज दूंगा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन में जोरदार हंगामा देखने…

1 hour ago