नई दिल्ली: सोचिए, घर में कोई ऐसा रोबोट हो जिसे काम समझाने या अलग से प्रशिक्षण देने की जरूरत ही न पड़े। वह नए घर में पहुंचे और खुद ही बिखरे खिलौने समेटने लगे, बिस्तर ठीक करे और तौलियों को करीने से तह करके रख दे। रोबोटिक्स कंपनी Figure ने Helix 2.5 पेश कर इसी दिशा में बड़ा दावा किया है। कंपनी के मुताबिक, यह रोबोट अनजान घर में भी बिना किसी अतिरिक्त प्रशिक्षण के घरेलू काम कर सकता है और काम के दौरान होने वाली अपनी गलतियों को खुद सुधार सकता है।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के मुताबिक, Helix 2.5 की क्षमता जांचने के लिए अमेरिका के बे एरिया में 30 ऐसे घर किराए पर लिए गए, जहां रोबोट पहले कभी नहीं गया था। इन घरों में रोबोट को बिना किसी इंसानी मदद के घरेलू काम करने के लिए उतारा गया।
इस दौरान उसे तीन चुनौतीपूर्ण काम दिए गए। पहले काम में उसे बैठक में बिखरे बच्चों के अनजान खिलौनों को समेटकर सफाई करनी थी। दूसरे में उसे ऐसे बिस्तर और तकिए ठीक करने थे, जिन्हें उसने पहले कभी नहीं देखा था। तीसरे काम में तौलियों को सही तरीके से तह करके रखना था।
कंपनी के मुताबिक, रोबोट ने नए माहौल के हिसाब से खुद को ढाला और इन तीनों कामों को बिना किसी रुकावट के पूरा किया।
कंपनी के एआई प्रमुख कोरी के अनुसार, Helix 2.5 अब तक विकसित किए गए सबसे उन्नत न्यूरल नेटवर्क में से एक है। रोबोटिक्स में अनजान जगह पर बिना पहले से तैयारी किए पूरे शरीर का इस्तेमाल करके काम करने की क्षमता को जीरो-शॉट होल-बॉडी जनरलाइजेशन कहा जाता है।
कंपनी का दावा है कि Helix 2.5 ने पहली बार इस तरह की क्षमता का प्रदर्शन किया है। इन घरेलू कामों को जानबूझकर इसलिए चुना गया था क्योंकि इनमें कई जटिल क्षमताओं की जरूरत होती है। रोबोट को चीजों को पहचानने और समझने के साथ चलना, हाथों से बारीक काम करना और कठोर व मुलायम वस्तुओं को संभालना पड़ता है।
कंपनी के मुताबिक, इंसान किसी नए घर में जाकर भी इसलिए काम कर पाता है क्योंकि उसके पास पहले से हासिल अनुभव और समझ होती है। रोबोट के लिए यही काम अब तक बड़ी चुनौती रहा है। उसे हर नए माहौल के हिसाब से अलग से तैयार करना पड़ता था।
इस समस्या से निपटने के लिए Figure ने करीब एक साल पहले Index नाम का वैश्विक कार्यक्रम शुरू किया। कंपनी का कहना है कि जिस तरह ChatGPT ने बड़ी मात्रा में इंटरनेट डेटा से सीखकर अपनी क्षमताएं विकसित कीं, उसी तरह Helix 2.5 इंसानों के शारीरिक अनुभव से सीख रहा है।
कंपनी के अनुसार, दुनिया भर में 90,000 से ज्यादा लोग इस डेटाबेस में योगदान दे रहे हैं। हर सेकंड करीब 35 मिनट के मानव अनुभव का डेटा रोबोट के सिस्टम में जोड़ा जा रहा है। यही डेटा Helix 2.5 की सीखने की क्षमता का प्रमुख आधार है।
Figure के मुताबिक, जब रोबोट को Index के मानव अनुभव वाले डेटा के बिना अनजान घर में काम करने के लिए भेजा गया, तो वह केवल 9 फीसदी मामलों में सफल रहा। वहीं मानव अनुभव के डेटा के साथ उसकी सफलता की दर बढ़कर 56 फीसदी हो गई।
रोबोट की एक और खासियत यह बताई गई है कि काम के दौरान गलती होने पर वह उसे खुद सुधार सकता है। उदाहरण के तौर पर अगर कोई काम सही नहीं हुआ तो वह पीछे हट सकता है या कंबल को ठीक से तह करने के लिए बिस्तर की दूसरी तरफ जाकर दोबारा कोशिश कर सकता है।
कंपनी का दावा है कि पुराने मॉडल की तुलना में Helix 2.5 को काम सीखने में आधा समय लगा, जबकि कम डेटा के बावजूद उसके काम करने का दायरा 30 गुना बढ़ गया।
Figure का कहना है कि डेटा और कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ने के साथ रोबोट की काम करने की सटीकता भी बेहतर हो रही है। कंपनी के मुताबिक, उसने रोबोट को अधिक समझदार बनाने के लिए जरूरी तकनीकी आधार तैयार कर लिया है।
इस परियोजना को बड़े स्तर पर ले जाने के लिए कंपनी कंप्यूटिंग सिस्टम पर 3.5 अरब डॉलर यानी करीब 33,523 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है। कंपनी का लक्ष्य आने वाले समय में ऐसे मददगार रोबोट को घरों तक पहुंचाना है। हालांकि Helix 2.5 की बाजार में कीमत कितनी होगी, इसका खुलासा अभी नहीं किया गया है।
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