नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने अपने पद और पार्टी की सक्रिय प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। पूनावाला ने सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफे का पत्र साझा करते हुए स्पष्ट किया कि वे अत्यावश्यक आर्थिक और व्यक्तिगत कारणों से यह कदम उठा रहे हैं और जल्द ही निजी क्षेत्र (प्राइवेट सेक्टर) में रुख करेंगे।
पार्टी नेतृत्व ने शुरुआत में उनका त्यागपत्र स्वीकार करने से इनकार करते हुए फैसले पर पुनर्विचार का अनुरोध किया था, लेकिन पूनावाला अपने निर्णय पर अडिग रहे।
पार्टी ने किया था रोकने का प्रयास, पत्र में छलका दर्द
इस्तीफे की चिट्ठी साझा करते हुए शहजाद पूनावाला ने कहा कि पार्टी का निर्णय पर पुनर्विचार के लिए कहना उनके लिए बेहद भावुक क्षण था।
“पार्टी ने मेरे त्यागपत्र को तुरंत स्वीकार करने से इंकार किया और पुनर्विचार का अनुरोध किया। लेकिन दीर्घ विचार-विमर्श के बाद मैंने पद और प्राथमिक सदस्यता से मुक्त होने का अंतिम निर्णय लिया है। पिछले कुछ दिनों की घटनाओं ने मुझे अपने पूर्व निर्णय पर दृढ़ रहने के लिए बाध्य किया है।”
शीर्ष नेतृत्व का जताया आभार: ‘व्यवस्था छोड़ रहा हूँ, विचार नहीं’
पूनावाला ने पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया।
- कृतज्ञता और सम्मान: उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में बीजेपी ने उन्हें जो मंच और अवसर दिए, उसके लिए वे केवल कृतज्ञता और उच्चतम सम्मान महसूस करते हैं।
- भविष्य की भूमिका: उन्होंने स्पष्ट किया, “मैं निजी क्षेत्र में प्रवेश कर रहा हूँ, लेकिन जहाँ भी संभव होगा, प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के दृष्टिकोण का समर्थन करता रहूँगा। मैं पार्टी की व्यवस्था छोड़ रहा हूँ, परंतु विचार और व्यक्ति नहीं।”
कांग्रेस से बीजेपी तक का राजनीतिक सफर
शहजाद पूनावाला साल 2017 में कांग्रेस पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे।
- मुखर चेहरा: बीजेपी में शामिल होने के बाद से वे लगातार प्रमुख राष्ट्रीय टीवी चैनलों की डिबेट्स में पार्टी का पक्ष बेहद मजबूती से रखते आ रहे थे।
- अचानक फैसला: उनके अचानक इस्तीफा देने और राजनीति से दूरी बनाकर प्राइवेट सेक्टर में जाने के फैसले ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा छेड़ दी है।