नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 3 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। चार दिन तक चलने वाले इस विशेष सत्र से पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के पास भी अब केवल “चार दिन” बचे हैं, इसलिए विधानसभा का विशेष सत्र भी चार दिन का रखा गया है। इसके साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया पर पूरे सत्र को लेकर अपनी प्रतिक्रिया भी साझा की।
चार दिन के सत्र को लेकर अखिलेश ने क्या कहा?
अखिलेश यादव ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में चार दिवसीय विधानसभा सत्र के कार्यक्रम पर तंज कसते हुए कहा कि पहले दिन श्रद्धांजलि दी जाएगी, दूसरे दिन अयोध्या के प्रभु राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी की जिम्मेदारी केंद्र सरकार पर डाल दी जाएगी, तीसरे दिन प्रयागराज समेत पूरे प्रदेश में हुए छात्र आंदोलन से बचने की कोशिश होगी और चौथे दिन दुखी मां के सार्वजनिक अपमान के मुद्दे पर जल्दबाजी में सत्र समाप्त करने की घोषणा कर दी जाएगी।
‘भाजपा को पता है अब सत्ता में वापसी नहीं होगी’
सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा को अब यह अहसास हो चुका है कि वह दोबारा सत्ता में नहीं लौटेगी। उनके मुताबिक, सरकार विधानसभा को गंभीरता से नहीं ले रही और केवल औपचारिकता निभाने के लिए सत्र बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के “चला-चली की बेला” का मानसून सत्र भी उसी तरह का सत्र साबित होगा। साथ ही उन्होंने दावा किया कि भाजपा अब जाएगी और फिर कभी सत्ता में नहीं आएगी।
3 अगस्त से शुरू होगा यूपी विधानसभा का मानसून सत्र
उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 3 अगस्त से 6 अगस्त तक चलेगा। सत्र से पहले रविवार को विधान भवन में सर्वदलीय बैठक भी बुलाई गई है। इसी बैठक से पहले अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी।
अनुपूरक बजट समेत कई अहम मुद्दों पर होगी चर्चा
मानसून सत्र के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट, विभिन्न विधेयकों और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी कार्यों पर चर्चा होने की संभावना है। 4 अगस्त को अनुपूरक बजट पेश किया जा सकता है, जबकि 5 अगस्त को विधायी कार्य और अन्य सरकारी कामकाज निपटाए जाएंगे। 6 अगस्त को अनुपूरक बजट पर चर्चा के बाद सत्र समाप्त होने की संभावना है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी समेत कई मुद्दों पर हंगामे के आसार
विधानसभा के इस सत्र में विपक्ष सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है। वहीं, योगी सरकार अपने 10 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियां सदन में रखने की रणनीति बना रही है। अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी का मुद्दा भी सदन में जोरदार तरीके से उठने और हंगामे की वजह बन सकता है।