लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी ने संगठन में बदलाव करते हुए छह जिलों में नए जिलाध्यक्षों के नाम घोषित किए हैं। पार्टी ने गौतमबुद्ध नगर, उन्नाव, बलिया, बांदा, पीलीभीत और अयोध्या में नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। सूची सपा प्रमुख अखिलेश यादव के निजी सचिव गंगाराम ने जारी की।
पार्टी का मानना है कि नए चेहरों को जिम्मेदारी देने से संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी और स्थानीय स्तर पर मतदाताओं से जुड़ाव मजबूत किया जा सकेगा। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब सपा ने उत्तर प्रदेश के हर जिले के लिए अलग-अलग चुनावी घोषणापत्र तैयार करने की बात भी कही है।
इन छह जिलों में इन्हें मिली जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी
समाजवादी पार्टी की ओर से जारी सूची के मुताबिक, नए जिलाध्यक्षों के नाम इस प्रकार हैं:
| जिला | नए जिलाध्यक्ष |
|---|---|
| अयोध्या | जय सिंह |
| बलिया | सुनील कुमार मौर्य |
| बांदा | उमेश मोहल्ला |
| पीलीभीत | धर्मेश गंगवार |
| गौतमबुद्ध नगर | इंद्र प्रधान (इंद्रजीत मति) |
| उन्नाव | जयचंद्र विमस |
2027 के चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने की तैयारी
पार्टी नेतृत्व ने नए जिलाध्यक्षों को संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने की जिम्मेदारी दी है। सपा की रणनीति में स्थानीय स्तर पर जनाधार बढ़ाने और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखकर संगठन को सक्रिय करने पर जोर है।
पार्टी का मानना है कि पूर्वांचल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, अवध और बुंदेलखंड की चुनौतियां अलग-अलग हैं। ऐसे में हर क्षेत्र की जरूरतों के मुताबिक संगठन और चुनावी रणनीति तैयार करना जरूरी है।
हर जिले के लिए अलग घोषणापत्र बनाने की तैयारी
समाजवादी पार्टी ने हाल ही में हर जिले के लिए अलग मैनिफेस्टो तैयार करने की बात कही थी। इसके तहत पार्टी राज्यस्तरीय मुद्दों के साथ स्थानीय समस्याओं को भी चुनावी एजेंडे में शामिल करना चाहती है।
पार्टी की योजना के मुताबिक, जिलों में सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर ध्यान दिया जाएगा। नेतृत्व का मानना है कि स्थानीय जरूरतों को घोषणापत्र में जगह देने से मतदाताओं के साथ सीधा जुड़ाव बनाया जा सकता है।
अखिलेश यादव की मंजूरी के बाद आगे बढ़ी योजना
खबर के मुताबिक, करीब दो महीने पहले अखिलेश यादव की मौजूदगी में जिलाध्यक्षों और पदाधिकारियों की उच्चस्तरीय रणनीतिक बैठक हुई थी। इसमें जिला स्तर की समस्याओं को घोषणापत्र में शामिल करने का सुझाव दिया गया था। अखिलेश यादव ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने जिलाध्यक्षों और पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति का विस्तृत ब्योरा तैयार करने को कहा। उनसे स्थानीय स्तर की पांच प्रमुख समस्याओं, बंद पड़े प्रोजेक्ट्स और रोजगार की संभावनाओं पर रिपोर्ट बनाने के लिए कहा गया है।
छह जिलों में नए अध्यक्षों की नियुक्ति और जिला-विशेष घोषणापत्र की तैयारी को सपा की 2027 विधानसभा चुनाव से पहले की संगठनात्मक तैयारियों के हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है।