मुंबई: अडानी समूह की दो प्रमुख कंपनियों में करीब 5,750 करोड़ रुपये की बड़ी ब्लॉक डील ने बाजार का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। अमेरिकी निवेश कंपनी जीक्यूजी पार्टनर्स ने अडानी एंटरप्राइजेज और अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस में अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेच दिया है। खास बात यह रही कि इस पूरी हिस्सेदारी को एसबीआई म्यूचुअल फंड ने खरीद लिया।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के ब्लॉक डील आंकड़ों के अनुसार, यह सौदा कुल 5,747.55 करोड़ रुपये का रहा, जिसे हाल के समय की बड़ी डील्स में गिना जा रहा है।
अडानी एंटरप्राइजेज में बिके 1.64 करोड़ शेयर
डील के तहत अडानी एंटरप्राइजेज के 1.64 करोड़ शेयर 2,913.40 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बेचे गए। इस सौदे का कुल मूल्य लगभग 4,789 करोड़ रुपये रहा।
बाजार में इस बड़े लेनदेन को लेकर निवेशकों के बीच काफी चर्चा है, क्योंकि अडानी एंटरप्राइजेज समूह की प्रमुख कंपनी मानी जाती है और कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में इसकी अहम भूमिका है।
अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस में भी हिस्सेदारी घटी
जीक्यूजी पार्टनर्स ने अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के 63.66 लाख शेयर भी बेचे। इन शेयरों का सौदा 1,504.80 रुपये प्रति शेयर के भाव पर हुआ।
इस ट्रांजैक्शन की कुल वैल्यू करीब 958 करोड़ रुपये रही। दोनों कंपनियों के शेयरों की बिक्री को मिलाकर कुल डील 5,747 करोड़ रुपये से अधिक की रही।
हिंडनबर्ग विवाद के बाद भरोसा दिखाने वालों में शामिल थी कंपनी
जीक्यूजी पार्टनर्स उन शुरुआती बड़े विदेशी संस्थागत निवेशकों में शामिल रही है, जिसने हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद अडानी समूह में निवेश कर बाजार को सकारात्मक संकेत दिया था।
जब अडानी समूह की कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई थी, तब इस अमेरिकी निवेश कंपनी ने समूह की विभिन्न कंपनियों में अरबों डॉलर का निवेश किया था। इससे निवेशकों का भरोसा लौटाने में मदद मिली थी।
क्या मुनाफावसूली के लिए बेचे गए शेयर?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले एक साल में अडानी समूह की कई कंपनियों के शेयरों में मजबूत तेजी देखने को मिली है। ऐसे में जीक्यूजी पार्टनर्स की यह हिस्सेदारी बिक्री मुनाफावसूली की रणनीति का हिस्सा हो सकती है।
हालांकि कंपनी की ओर से इस डील को लेकर कोई अलग कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
अडानी समूह ने सुधार पर दिया जोर
पिछले कुछ समय में अडानी समूह ने कर्ज कम करने, नकदी प्रवाह मजबूत करने और कारोबार की कार्यक्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया है। समूह की कई कंपनियों ने बेहतर वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा और परिवहन क्षेत्रों में चल रही परियोजनाओं के मजबूत निष्पादन को भी कंपनी की मजबूती का बड़ा कारण माना जा रहा है।
क्या करती हैं ये दोनों कंपनियां?
अडानी एंटरप्राइजेज समूह की प्रमुख कंपनी है, जो एयरपोर्ट, सड़क, ग्रीन हाइड्रोजन, डेटा सेंटर और खनन सेवाओं जैसे कई क्षेत्रों में कारोबार करती है।
वहीं अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस देश की प्रमुख निजी ट्रांसमिशन कंपनियों में गिनी जाती है। कंपनी स्मार्ट मीटरिंग और बिजली वितरण ढांचे में भी लगातार विस्तार कर रही है।
अब बाजार की नजर सोमवार को दोनों कंपनियों के शेयरों की चाल पर रहेगी, क्योंकि इतनी बड़ी ब्लॉक डील के बाद निवेशकों की प्रतिक्रिया अहम मानी जा रही है।