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उज्ज्वला लाभार्थियों को बड़ा झटका! अब सालभर में सिर्फ 4 गैस सिलेंडर पर मिलेगी सब्सिडी, सरकार ने बताई वजह

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के करोड़ों लाभार्थियों के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या में कटौती करने का फैसला किया है। अब योजना के तहत लाभार्थियों को साल में 9 की जगह केवल 4 गैस सिलेंडरों पर ही सब्सिडी का लाभ मिलेगा। सरकार का कहना है कि यह फैसला उपभोक्ताओं की औसत वार्षिक खपत को ध्यान में रखकर लिया गया है।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत मई 2016 में की गई थी। उस समय लाभार्थियों को हर साल 12 सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराए जाते थे। बाद में इस संख्या को घटाकर 9 किया गया और अब इसे और कम करके 4 कर दिया गया है।

पहले 4 सिलेंडरों पर ही मिलेगा सब्सिडी का लाभ

नए नियमों के मुताबिक योजना से जुड़े उपभोक्ताओं को साल के पहले 4 सिलेंडरों पर 300 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी मिलती रहेगी। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी।

दिल्ली में वर्तमान में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 942 रुपये है। ऐसे में 300 रुपये की सब्सिडी मिलने के बाद उज्ज्वला लाभार्थियों को पहले चार सिलेंडर 642 रुपये में मिलेंगे।

5वें सिलेंडर से चुकानी होगी पूरी कीमत

सरकार के नए फैसले के तहत जैसे ही कोई लाभार्थी साल का पांचवां सिलेंडर बुक करेगा, उसे बाजार मूल्य के अनुसार पूरी कीमत चुकानी होगी। यानी पांचवें और उसके बाद के सभी सिलेंडरों पर किसी प्रकार की सब्सिडी नहीं मिलेगी।

यह बदलाव ऐसे समय में किया गया है जब घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। पिछले तीन महीनों में दो बार कीमतें बढ़ने के बाद दिल्ली में सिलेंडर 89 रुपये महंगा हो चुका है।

सरकार ने बताई कटौती की वजह

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार अधिकांश उज्ज्वला लाभार्थी सालभर में औसतन चार सिलेंडर ही इस्तेमाल करते हैं। इसी खपत के आंकड़े को आधार बनाकर सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या तय की गई है।

सरकार का कहना है कि एलपीजी को आम लोगों के लिए सुलभ और किफायती बनाए रखने के उद्देश्य से मई 2022 में विशेष सब्सिडी शुरू की गई थी। बाद में अक्टूबर 2023 में इसे बढ़ाकर 300 रुपये प्रति सिलेंडर कर दिया गया था।

एक सिलेंडर पर सरकार कितना खर्च करती है?

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक एक एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति लागत करीब 1,600 रुपये तक पहुंचती है। इसके मुकाबले लाभार्थियों को विभिन्न मदों के जरिए लगभग 1,000 रुपये तक की सहायता मिलती है।

सरकार का यह भी कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में बढ़ोतरी, खासकर पश्चिम एशिया की परिस्थितियों के कारण, घरेलू कीमतों पर दबाव बढ़ा है। इसके बावजूद भारत में घरेलू गैस की कीमतें कई अन्य देशों की तुलना में कम बनी हुई हैं।

करोड़ों परिवारों पर पड़ेगा असर

सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या घटने से उन परिवारों पर सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है जो सालभर में चार से अधिक सिलेंडरों का उपयोग करते हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को अब अतिरिक्त सिलेंडरों के लिए पूरी कीमत चुकानी होगी, जिससे घरेलू बजट पर दबाव बढ़ सकता है।

हालांकि सरकार का दावा है कि अधिकांश लाभार्थियों की वार्षिक खपत को देखते हुए यह फैसला लिया गया है और जरूरतमंद परिवारों को पहले चार सिलेंडरों पर सब्सिडी का लाभ पहले की तरह मिलता रहेगा।

 

vineet verma

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