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CJP से बैठक में ही बदले सरकार के सुर! 2 मांगों पर ‘हां’, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर मांगी मोहलत

नई दिल्ली। NEET-UG पेपर लीक विवाद के बीच देश की राजनीति और छात्र आंदोलन में बड़ा मोड़ आया है। जंतर-मंतर पर पिछले 26 दिनों से अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार से मिले ठोस आश्वासन के बाद अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। दूसरी ओर, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन के आह्वान के बीच सरकार और CJP प्रतिनिधिमंडल के बीच दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में 10 मिनट की अहम बैठक हुई है।

CJP और सरकार की वार्ता: 3 में से 2 मांगों पर रुख सकारात्मक

कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में केंद्रीय मंत्रियों के साथ हुई इस उच्चस्तरीय बैठक के बाद CJP के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रंका ने वार्ता के ब्योरे साझा किए। CJP के अनुसार, 10 मिनट चली इस बैठक में सरकार का रुख उनकी दो मुख्य मांगों पर सकारात्मक रहा:

  1. पीड़ितों को मुआवजा: NEET विवाद से प्रभावित छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा देने के प्रस्ताव पर सरकार विचार करने के लिए सहमत दिख रही है।
  2. FIR रद्द करने की मांग: 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हुए हिंसक टकराव में प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने पर भी सहमति के संकेत मिले हैं।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर सस्पेंस: CJP की सबसे बड़ी मांग—शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर वार्ता में क्या ठोस निर्णय हुआ, इस पर स्थिति अभी पूरी तरह साफ नहीं की गई है।

सख्त कानून की तैयारी: 10 साल जेल और ₹10 करोड़ जुर्माना

आंदोलन को शांत करने और भविष्य में धांधली रोकने के लिए केंद्र सरकार ने दोहरी रणनीति अपनाई है। एक तरफ बातचीत का रास्ता खोला गया है, तो दूसरी तरफ कैबिनेट ने नए संशोधित ‘पेपर लीक बिल’ के मसौदे को मंजूरी दे दी है।

  • कड़े प्रावधान: नए प्रस्तावित कानून के तहत पेपर लीक के दोषियों को 10 साल तक की जेल और ₹10 करोड़ तक के भारी जुर्माने का प्रावधान किया जा रहा है। सरकार इसे जल्द ही संसद में पेश करने की तैयारी में है।


पीएम मोदी का भरोसा और विपक्ष का जमावड़ा

20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प (जिसमें कई छात्र और 118 पुलिसकर्मी घायल हुए थे) के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात वीडियो संदेश जारी कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

वहीं, विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव ने जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की और समर्थन जताया। हालांकि, वांगचुक के परिवार ने इस आंदोलन के राजनीतिक इस्तेमाल के आरोपों को खारिज किया है।

देशव्यापी प्रदर्शन जारी: दिल्ली, मुंबई से पटना तक सड़कों पर छात्र

सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने और सरकार के साथ बातचीत के बावजूद, CJP ने 24 जुलाई को देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का दौर जारी रखा है। दिल्ली, मुंबई और पटना समेत कई बड़े शहरों में छात्र-युवा सड़कों पर उतरकर शिक्षा व्यवस्था में बड़े संस्थागत सुधारों की मांग कर रहे हैं।

news desk

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