नई दिल्ली: महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) 2026 पेपर लीक मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे कथित मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता को महाराष्ट्र पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। ठाणे पुलिस की टीम ने शनिवार सुबह यह कार्रवाई की। पेपर लीक मामले में लगातार छापेमारी के बावजूद गिरफ्तारी से बच रहा बिजेंद्र आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया। उसके साथ एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, बिजेंद्र गुप्ता का नाम देशभर में सामने आए कई परीक्षा पेपर लीक मामलों से जुड़ा बताया जा रहा है। उसकी तलाश में महाराष्ट्र पुलिस की कई टीमें बिहार के अलग-अलग जिलों में लगातार दबिश दे रही थीं। अब गिरफ्तारी के बाद उससे नेटवर्क और अन्य मामलों को लेकर पूछताछ की जाएगी।
एक और आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में
पुलिस ने बिजेंद्र गुप्ता के साथ एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया है। इससे पहले इसी मामले में पुलिस उसकी पत्नी समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से पेपर लीक गिरोह के नेटवर्क और उसके संचालन से जुड़े कई अहम सुराग मिल सकते हैं।
28 जून को होनी थी परीक्षा, पेपर लीक के बाद हुई थी स्थगित
महाराष्ट्र TET 2026 की परीक्षा 28 जून को आयोजित होनी थी, लेकिन पेपर लीक की जानकारी सामने आने के बाद परीक्षा से ठीक एक दिन पहले इसे स्थगित कर दिया गया था। उस समय महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने नई तारीख जल्द घोषित करने का आश्वासन दिया था।
दो महीने बाद भी नई परीक्षा तिथि का इंतजार
परीक्षा स्थगित होने के करीब दो महीने बाद भी नई परीक्षा तिथि घोषित नहीं की गई है। इससे हजारों अभ्यर्थी असमंजस की स्थिति में हैं और वे नई परीक्षा तिथि का इंतजार कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों के साथ सेवा में कार्यरत शिक्षकों की भी बढ़ी चिंता
नई परीक्षा तिथि घोषित होने में देरी का असर सिर्फ नए अभ्यर्थियों पर ही नहीं, बल्कि सेवा में कार्यरत उन शिक्षकों पर भी पड़ रहा है जिन्हें सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार अगस्त 2028 तक आवश्यक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करनी है। निर्धारित समयसीमा के भीतर परीक्षा पास नहीं करने वाले शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में परीक्षा कार्यक्रम में हो रही देरी उनकी चिंता भी बढ़ा रही है।