फाइनल से सिर्फ एक कदम दूर था पाकिस्तान लेकिन सेमीफाइनल की हार ने कप्तान फातिमा सना को तोड़ दिया। मैच खत्म होते ही मैदान पर उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। जिस कप्तान ने पहले बल्ले से 47 रन की नाबाद पारी खेली, फिर गेंद से 4 विकेट लेकर टीम को जीत दिलाने की पूरी कोशिश की, वही फातिमा आखिर में अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाईं। दुबई में खेले गए विमेंस एशिया कप 2026 के सेमीफाइनल में श्रीलंका ने पाकिस्तान को 4 विकेट से हराकर फाइनल में जगह बना ली।
पहले हारा टॉस, फिर हाथ से निकला सेमीफाइनल
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान की टीम ने 20 ओवर में 130/6 रन बनाए। लगातार विकेट गिरने के बीच कप्तान फातिमा सना ने 36 गेंदों पर नाबाद 47 रन की शानदार पारी खेली। गर्मी के बीच क्रैम्प्स की परेशानी के बावजूद वह डटी रहीं और तुबा हसन के साथ आखिरी चार ओवर में तेजी से रन बनाकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।
गेंदबाजी में भी फातिमा ने कमाल किया। उन्होंने अपने पहले ही ओवर में चमारी अटापट्टू और संजना कविंदी को आउट कर दिया। फातिमा ने कुल 4 विकेट लिए और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया। लेकिन हर्षिता समरविक्रमा और कविशा दिलहारी के बीच 67 रन की साझेदारी ने मैच का रुख पलट दिया और श्रीलंका ने 4 विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
मैच खत्म होते ही रो पड़ीं फातिमा
पाकिस्तान की हार के बाद कप्तान फातिमा सना खुद को रोक नहीं पाईं। मैदान पर उनकी आंखों में आंसू साफ दिखाई दिए। उन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से टीम को जीत दिलाने की पूरी कोशिश की, लेकिन आखिरकार पाकिस्तान फाइनल की दौड़ से बाहर हो गया।
मैच के बाद फातिमा ने माना कि फील्डिंग में हुई गलतियों ने पाकिस्तान को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा कि 130 रन का स्कोर बचाया जा सकता था, लेकिन टीम को बल्लेबाजी में भी सुधार की जरूरत है।
सोशल मीडिया पर फैंस ने किया सपोर्ट
फातिमा के भावुक होने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। कई फैंस ने उनके जज्बे और प्रदर्शन की तारीफ करते हुए उनका समर्थन किया। लोगों ने कहा कि हार का दर्द उस खिलाड़ी के आंसुओं में साफ दिखाई दे रहा था, जिसने टीम को जीत दिलाने के लिए अपना सबकुछ झोंक दिया।
हालांकि, कुछ यूजर्स ने भारत के खिलाफ मुकाबलों में उनके आक्रामक अंदाज और आईसीसी की कार्रवाई को लेकर उनकी खेल भावना और अनुशासन पर सवाल भी उठाए। यानी सोशल मीडिया पर फातिमा को लेकर समर्थन, सहानुभूति और आलोचना—तीनों तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
नतीजा भले ही पाकिस्तान के पक्ष में नहीं रहा, लेकिन फातिमा सना का ऑलराउंड प्रदर्शन और आखिरी तक लड़ने का जज्बा जरूर चर्चा में रहा। सेमीफाइनल की हार ने उनकी आंखों में आंसू ला दिए, लेकिन मैदान पर उनका संघर्ष फैंस को लंबे समय तक याद रहेगा।