अयोध्या: राम की नगरी अयोध्या में पुलिस प्रशासन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। अयोध्या सिटी के SP चक्रपाणि त्रिपाठी पर आरोप हैं कि उन्होंने पीड़ित परिवार और जांच अधिकारी (IO) पर दबाव डालकर एक हाई-प्रोफाइल मामले की चार्जशीट में हेरफेर करने की कोशिश की।
पीड़ित के अनुसारमामला अयोध्या मेडिकल कॉलेज के प्रभुनाथ मिश्रा आत्महत्या केस से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, अयोध्या कोतवाली में दर्ज मुकदमा संख्या 585/2024 में दोषियों के नाम हटाने के लिए पीड़ित परिवार को शपथपत्र देने के लिए दबाव बनाया गया।
IO द्वारा चार्जशीट पूरी होने के बावजूद उसे न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है। आरोप है कि SP सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी ने IO को चार्जशीट पेश करने से रोककर लाइन हाजिर कर दिया। इसी बीच, CO अयोध्या आशुतोष तिवारी भी 20 दिनों से चार्जशीट को दबाए रखने और न्यायालय में न भेजने के आरोप में संलिप्त पाए जा रहे हैं।
इस पूरे मामले की शिकायत प्रमुख सचिव गृह और DGP उत्तर प्रदेश को की गई। इसके बाद, चार्जशीट में देरी और दबाव के आरोपों की जांच के आदेश जारी किए गए हैं। SP चक्रपाणि त्रिपाठी और CO आशुतोष तिवारी के अलावा मृतक के पिता और भाई पर दबाव बनाने की घटनाओं की भी जांच की जाएगी।
शासन स्तर पर अब इस मामले की फाइल खुल गई है और उच्च अधिकारियों ने SP सिटी अयोध्या की भूमिका की समीक्षा और जांच के निर्देश दिए हैं।
वहीं, प्रशासनिक स्तर पर यह मामला अयोध्या पुलिस की निष्पक्षता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है।
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