नई दिल्ली: चीन में खूबसूरत दिखने की चाह एक 75 वर्षीय महिला को भारी पड़ गई। महिला ने ब्यूटी ट्रीटमेंट पर 4 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च कर दिए। खर्च का बोझ इतना बढ़ा कि उन्हें अपना घर और गहने तक बेचने पड़े। हालत यह हो गई कि उनके पास किराया चुकाने के लिए भी पैसे नहीं बचे। मां के खर्चों का हिसाब देखने के बाद बेटी हैरान रह गई और मदद के लिए टीवी शो तक पहुंची।
2016 से एक ही ब्यूटी पार्लर जा रही थीं महिला
रिपोर्ट के मुताबिक, महिला का नाम यू (Yu) बताया गया है। वह 2016 से योंगकी ब्यूटी एंड हेयरड्रेसिंग कंपनी की नियमित ग्राहक थीं। धीरे-धीरे ब्यूटी ट्रीटमेंट पर उनका खर्च बढ़ता गया। वह अपनी पेंशन और घर बेचकर मिले पैसों का इस्तेमाल भी पार्लर में करने लगीं।
एक लिप टैटू के लिए दिए 5.6 लाख रुपये
बेटी ने जब मां के बिलों की जांच की तो कई महंगे ट्रीटमेंट का पता चला। इनमें स्किन टाइटनिंग, थ्रेड लिफ्ट, मेरिडियन मसाज, आइब्रो टैटू और लिप टैटू जैसे ट्रीटमेंट शामिल थे। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ प्रक्रियाएं ऐसी भी थीं जिन्हें बार-बार कराने की जरूरत नहीं थी, फिर भी महिला से इन्हें कराया गया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि एक लिप टैटू के लिए महिला से 39,800 युआन यानी करीब 5.6 लाख रुपये लिए गए। दावा है कि यह रकम बाजार में मिलने वाली कीमत से लगभग 20 गुना ज्यादा थी।
क्लिनिक में 42 लाख रुपये लिए, लेकिन ट्रीटमेंट नहीं हुआ?
बेटी को यह भी पता चला कि महिला ने खर्चों का हिसाब नहीं रखा था। उन्हें लगता था कि उनके पास पर्याप्त पैसे हैं, जबकि घर और गहने बेचने के बाद भी उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ चुकी थी।
मदद की उम्मीद में बेटी शंघाई के एक टीवी शो में पहुंची। मामला सामने आने के बाद यह भी पता चला कि ब्यूटी पार्लर के कर्मचारियों ने महिला को रूयी (Rouyi) नाम के दूसरे क्लिनिक में भेजा था।
यहां कथित तौर पर ‘प्राइवेट केयर’ के नाम पर 3 लाख युआन यानी करीब 42 लाख रुपये लिए गए, लेकिन बेटी का आरोप है कि निर्धारित ट्रीटमेंट किया ही नहीं गया। इसके बजाय महिला की त्वचा पर कोई दूसरी क्रीम लगाई गई।
बिल में ‘हैप्पीनेस चेयर’ और ‘स्पेस कैप्सूल’ जैसे नाम भी दर्ज थे, जिनका मतलब महिला को खुद नहीं पता था। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) ने जब क्लिनिक से संपर्क करने की कोशिश की तो उसका फोन नंबर बंद मिला।
पार्लर ने कहा- महिला खुद मांगती थीं ट्रीटमेंट
विवाद सामने आने के बाद ब्यूटी पार्लर के कर्मचारियों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि महिला खुद बार-बार ट्रीटमेंट कराने की मांग करती थीं। उनके मुताबिक, महिला को खूबसूरत दिखने की चिंता थी और ट्रीटमेंट की कीमतें भी बोर्ड पर लिखी हुई थीं।
पार्लर की ओर से यह भी कहा गया कि महिला ने अपनी मर्जी से भुगतान किया था। हालांकि, मामला बढ़ने के बाद पार्लर ने कुछ रकम वापस कर दी।
बुजुर्गों को निशाना बनाने पर उठे सवाल
इस मामले ने चीन में बुजुर्ग ग्राहकों को महंगे ब्यूटी ट्रीटमेंट बेचने और उनसे बड़ी रकम वसूलने को लेकर बहस छेड़ दी है। महिला की बेटी के मुताबिक, उनकी मां को अपने खर्चों का सही अंदाजा तक नहीं था और अब उनके पास रहने के लिए भी पर्याप्त पैसे नहीं बचे हैं।
मामले को लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर एक बुजुर्ग महिला इतने बड़े खर्च में कैसे फंस गईं और ब्यूटी सेवाएं देने वाली कंपनियों की जिम्मेदारी क्या होनी चाहिए।