नई दिल्ली: नाखून केवल हाथों की खूबसूरती ही नहीं बढ़ाते, बल्कि शरीर की सेहत से जुड़े कई महत्वपूर्ण संकेत भी देते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नाखूनों, आंखों और जीभ को देखकर स्वास्थ्य की कई स्थितियों का अंदाजा लगाया जा सकता है। ऐसे में यदि नाखूनों पर खड़ी या आड़ी धारियां दिखाई देने लगी हैं, तो इसके पीछे सामान्य उम्र बढ़ने से लेकर पोषक तत्वों की कमी तक कई कारण हो सकते हैं।
अधिकांश मामलों में नाखूनों पर हल्की धारियां चिंता का विषय नहीं होतीं, लेकिन यदि इनके साथ रंग, आकार या बनावट में बदलाव दिखाई दे रहा हो तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
नाखूनों पर धारियां क्यों बनती हैं?
त्वचा रोग विशेषज्ञों के अनुसार बढ़ती उम्र के साथ नाखूनों पर दिखाई देने वाली खड़ी धारियां एक सामान्य प्रक्रिया है। चिकित्सा भाषा में इसे “ओनिकोरेक्सिस” कहा जाता है। ये धारियां नाखून के आधार से लेकर ऊपरी सिरे तक फैली होती हैं।
शुरुआती चरण में ये रेखाएं हल्की होती हैं, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ नाखून पतले और कमजोर होने लगते हैं, जिससे ये अधिक स्पष्ट दिखाई देने लगती हैं।
किस पोषक तत्व की कमी से बन सकती हैं लाइनें?
कुछ मामलों में नाखूनों पर बनने वाली धारियां शरीर में पोषण संबंधी कमी का संकेत भी हो सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार निम्न पोषक तत्वों की कमी इसकी वजह बन सकती है—
- आयरन की कमी
- फोलिक एसिड (विटामिन बी9) की कमी
- प्रोटीन की कमी
यदि शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिल रहा है, तो इसका असर सबसे पहले बालों, त्वचा और नाखूनों पर दिखाई दे सकता है।
इन स्वास्थ्य समस्याओं से भी जुड़ी हो सकती हैं धारियां
नाखूनों पर बनने वाली रेखाओं के पीछे कुछ अन्य चिकित्सीय कारण भी हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं—
- त्वचा का अत्यधिक रूखा होना
- नाखूनों में डिहाइड्रेशन
- सोरायसिस जैसी त्वचा संबंधी बीमारी
- लाइकेन प्लानस
- हाइपोथायरायडिज्म
- रूमेटाइड गठिया
- कुछ दुर्लभ रोग जैसे एमिलॉयडोसिस और विटकॉप सिंड्रोम
- बार-बार मैनीक्योर या पेडीक्योर के दौरान लगने वाली चोट
- नेल पॉलिश रिमूवर और अन्य रासायनिक उत्पादों का अधिक उपयोग
नाखूनों की धारियों को कैसे कम किया जा सकता है?
यदि धारियां सामान्य उम्र बढ़ने के कारण हैं, तो इन्हें पूरी तरह खत्म करना संभव नहीं होता। हालांकि कुछ उपायों से इन्हें हल्का किया जा सकता है।
- नाखूनों पर नियमित रूप से मॉइस्चराइजिंग क्रीम लगाएं।
- हाथों और नाखूनों को हाइड्रेटेड रखें।
- नाखूनों और क्यूटिकल्स को काटने या नोंचने से बचें।
- घरेलू या रासायनिक उत्पादों का इस्तेमाल करते समय दस्ताने पहनें।
- नाखूनों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
- नेल बफर का सीमित उपयोग करें, क्योंकि अधिक रगड़ने से नाखून कमजोर हो सकते हैं।
कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है?
यदि नाखूनों पर धारियां तेजी से बढ़ रही हों, नाखून का रंग बदल रहा हो, दर्द या सूजन हो रही हो या त्वचा में अन्य असामान्य बदलाव दिखाई दे रहे हों, तो त्वचा विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। समय रहते जांच कराने से किसी संभावित स्वास्थ्य समस्या का पता लगाया जा सकता है।