अगर आप भी डेटिंग ऐप्स पर घंटों लेफ्ट-राइट स्वाइप करने और लंबे समय तक चैट करने के बाद भी सही पार्टनर नहीं ढूंढ़ पाए हैं, तो जल्द ही आपकी यह परेशानी खत्म हो सकती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस “AI” अब सिर्फ लिखने, कोडिंग करने या तस्वीरें बनाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आपके लिए सही लाइफ पार्टनर ढूंढ़ने में भी मदद करेगा।
‘Hinge‘ के पूर्व CEO जस्टिन मैकलियोड एक नए AI-आधारित मैचमेकिंग प्लेटफॉर्म Overtone पर काम कर रहे हैं। इस स्टार्टअप को फर्स्टमार्क कैपिटल, पेस कैपिटल और मैच ग्रुप जैसी बड़ी कंपनियों से करीब 18 मिलियन डॉलर (लगभग 150 करोड़ रुपये) की फंडिंग मिल चुकी है। उम्मीद है कि यह प्लेटफॉर्म 2026 में लॉन्च किया जाएगा।

Overtone बाकी डेटिंग ऐप्स से अलग कैसे होगा?
आज के ज्यादातर डेटिंग ऐप्स में लोगों को सही साथी ढूंढ़ने के लिए हजारों प्रोफाइल स्वाइप करनी पड़ती हैं। इसके बाद भी कई बार महीनों की बातचीत बेकार साबित होती है। Overtone इसी प्रॉब्लम्स को सॉल्व करने का दावा करता है।
इस प्लेटफॉर्म पर आपकी खूबसूरत तस्वीरें या आकर्षक प्रोफाइल सबसे अहम नहीं होंगी। यहां AI आपसे सामान्य बातचीत करेगा और उसी के जरिए आपकी सोच, व्यक्तित्व, जीवन के मूल्य और रिश्तों को लेकर आपकी उम्मीदों को समझेगा।

AI तभी करवाएगा मुलाकात, जब होगी अच्छी संभावना
Overtone का AI किसी भी दो लोगों को यूं ही मैच नहीं करेगा। पहले वह दोनों की पसंद, सोच और रिलेशनशिप गोल्स का विश्लेषण करेगा। जब उसे लगेगा कि दोनों के बीच अच्छा तालमेल बन सकता है, तभी वह उन्हें एक-दूसरे से जोड़ेगा। इतना ही नहीं, AI यह भी बताएगा कि उसने दोनों लोगों को मैच करने का फैसला किन वजहों से लिया।
रिश्ते इंसानों के होंगे, AI सिर्फ बनेगा मैचमेकर
जस्टिन मैकलियोड का कहना है कि Overtone का मकसद इंसानी रिश्तों की जगह लेना नहीं है। AI केवल एक समझदार मैचमेकर की भूमिका निभाएगा, जो सही लोगों को मिलाने में मदद करेगा। असली बातचीत, मुलाकात और रिश्ता आगे बढ़ाने का फैसला पूरी तरह लोगों के हाथ में ही रहेगा।

क्या बदल जाएगी ऑनलाइन डेटिंग की दुनिया?
अगर Overtone अपने दावों पर खरा उतरता है, तो यह ऑनलाइन डेटिंग के अनुभव को पूरी तरह बदल सकता है। लगातार स्वाइप करने और बेवजह की लंबी चैट से छुटकारा मिल सकता है, जबकि लोगों को उनकी सोच और व्यक्तित्व के आधार पर बेहतर मैच मिलने की संभावना बढ़ सकती है।
एक्सपर्ट्स की राय
एक्सपर्ट्स का कहना है की अब देखना दिलचस्प होगा कि AI की यह नई तकनीक लोगों को उनका सही जीवनसाथी दिलाने में कितनी सफल साबित होती है।