दुबई: मध्य पूर्व में जारी युद्ध और तनाव के बीच वैश्विक तेल बाजार के लिए राहत की खबर सामने आई है। सितंबर में क्षेत्र के प्रमुख तेल उत्पादक देशों से कच्चे तेल का निर्यात बढ़कर 12.8 मिलियन बैरल प्रतिदिन पहुंच गया है। सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात की अगुवाई में हुई इस बढ़ोतरी को फरवरी में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद का अब तक का सबसे बड़ा उछाल बताया जा रहा है। हमलों और सप्लाई से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद तेल की आवाजाही में सुधार ने वैश्विक बाजार को राहत दी है।
डेटा एनालिटिक्स फर्म केप्लर के आंकड़ों के अनुसार, मध्य पूर्व के प्रमुख उत्पादकों से सितंबर में कच्चे तेल का निर्यात 12.8 मिलियन बैरल प्रतिदिन हो गया। इस बढ़ोतरी में सऊदी अरब और यूएई की अहम भूमिका रही है। क्षेत्र में जारी तनाव के बावजूद तेल की आपूर्ति को दोबारा गति मिलने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्लाई को लेकर दबाव कुछ कम हुआ है।
होर्मुज से फिर बढ़ी तेल की आवाजाही, 7.4 मिलियन बैरल रोज निकला
तेल परिवहन के लिहाज से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य से इस महीने आवाजाही में काफी सुधार आया है। इस रास्ते से करीब 7.4 मिलियन बैरल प्रतिदिन तेल का निर्यात दर्ज किया गया है। युद्ध और हमलों के कारण इस मार्ग से तेल की आवाजाही प्रभावित हुई थी, लेकिन अब यहां से टैंकरों की आवाजाही फिर बढ़ी है।
सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर हुए हमलों के बाद देश ने अपने निर्यात का रुख लाल सागर स्थित यानबू बंदरगाह की ओर किया था। इसके बाद होर्मुज के रास्ते तेल टैंकरों की संख्या में तेजी आई। पिछले सप्ताह ही 19 बड़े कच्चे तेल टैंकर इस मार्ग से सुरक्षित बाहर निकले।
सऊदी अरब का तेल निर्यात 5.4 मिलियन बैरल प्रतिदिन पहुंचने का अनुमान
सऊदी अरब का कच्चे तेल का निर्यात अगस्त में 2.446 मिलियन बैरल प्रतिदिन था। सितंबर में इसके बढ़कर करीब 5.4 मिलियन बैरल प्रतिदिन पहुंचने का अनुमान है। यानी एक महीने में सऊदी तेल आपूर्ति में बड़ा उछाल दर्ज किया गया है।
रास तनुरा बंदरगाह से भी शिपमेंट में तेज बढ़ोतरी हुई है। अगस्त में यहां से 929,000 बैरल प्रतिदिन का निर्यात हुआ था, जो सितंबर में बढ़कर 3.6 मिलियन बैरल प्रतिदिन हो गया है।
फिर भी युद्ध से पहले के स्तर से काफी नीचे है सप्लाई
हालांकि, मध्य पूर्व से तेल निर्यात में हुई यह रिकवरी अभी युद्ध से पहले के स्तर तक नहीं पहुंची है। फरवरी में क्षेत्र का कुल तेल निर्यात 18.8 मिलियन बैरल प्रतिदिन था। सितंबर का 12.8 मिलियन बैरल प्रतिदिन का आंकड़ा इससे अभी भी करीब 6 मिलियन बैरल प्रतिदिन कम है।
इसके बावजूद सितंबर में आई तेजी को वैश्विक तेल बाजार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सऊदी अरब और यूएई की ओर से सप्लाई बढ़ने तथा होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आवाजाही में सुधार से अंतरराष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति को लेकर दबाव कम हुआ है। इससे आगे कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी असर पड़ सकता है।