अमेरिका-ईरान तनाव: पश्चिम एशिया में हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। अमेरिका ने लगातार 10वीं रात ईरान के कई इलाकों को निशाना बनाया, जबकि पेंटागन ने पहली बार स्वीकार किया कि पिछले दो हफ्तों में करीब 100 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं। इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि हर अमेरिकी सैनिक की मौत का कई गुना जवाब दिया जाएगा।
अमेरिका ने फिर बोला हमला, कई इलाकों में गूंजे धमाके
अमेरिकी सेना ने सोमवार और मंगलवार की दरम्यानी रात ईरान पर नया सैन्य अभियान चलाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रपति के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। अमेरिका का कहना है कि हमलों का उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है, जिनका इस्तेमाल होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर हमलों के लिए किया जा रहा है।
ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, होरमुजगान प्रांत के बेमानी इलाके में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इसके अलावा बंदर अब्बास, केशम द्वीप, चाबहार और कोनारक जैसे इलाकों में भी विस्फोटों की सूचना मिली। हालांकि, इन हमलों में किसी तरह के नुकसान या हताहतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
बुशेहर में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय
ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, दक्षिण-पश्चिमी शहर बुशेहर में संभावित हवाई खतरे को देखते हुए एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए। बुशेहर के गवर्नर मोहम्मद मोजफ्फरी ने कहा कि किसी हमले की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, चाबहार और कोनारक क्षेत्रों में हवाई हमलों की खबरों की भी जानकारी सामने आई है।
ईरान का दावा- कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर मिसाइल हमला
ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसने कुवैत में स्थित अमेरिका के अरिफजान सैन्य अड्डे पर मिसाइल हमला किया। सेना के मुताबिक, इस कार्रवाई में अमेरिकी सेना के HIMARS मिसाइल सिस्टम को निशाना बनाया गया। ईरान का कहना है कि इससे अमेरिकी सैन्य क्षमताओं को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, अमेरिका की ओर से इस दावे की पुष्टि नहीं की गई है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि मौजूदा टकराव अब पूर्ण युद्ध का रूप ले चुका है और देश हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार है।
ट्रंप की चेतावनी- हर अमेरिकी सैनिक की मौत का मिलेगा कड़ा जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि मारे गए प्रत्येक अमेरिकी सैनिक के बदले ईरान को कई गुना ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी। वहीं, ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के बंदरगाहों की घेराबंदी की धमकी देकर क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है।
पेंटागन ने मानी बड़ी बात, दो हफ्तों में 100 सैनिक घायल
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने बताया कि 7 जुलाई से अब तक करीब 100 अमेरिकी सैनिक किसी न किसी स्तर पर घायल हुए हैं। उनके अनुसार, लगभग 96 प्रतिशत सैनिक उपचार के बाद दोबारा ड्यूटी पर लौट चुके हैं। अधिकांश जवानों को हल्की चोटें या कन्कशन (सिर में हल्का झटका) लगा था।
पार्नेल का यह बयान न्यूयॉर्क टाइम्स की उस रिपोर्ट के बाद आया, जिसमें दावा किया गया था कि ईरान के साथ संघर्ष के दौरान घायल हुए कई अमेरिकी सैनिकों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई थी।