वॉशिंगटन/तेहरान: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान को और व्यापक बनाने पर विचार कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में वरिष्ठ सैन्य और सुरक्षा अधिकारियों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में कई अहम सैन्य विकल्पों पर चर्चा की गई। इनमें होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित ईरानी द्वीपों पर जमीनी सेना भेजने, हवाई हमलों का दायरा बढ़ाने और रणनीतिक ठिकानों पर नए हमले करने जैसे विकल्प शामिल हैं।
तीन बड़े सैन्य विकल्पों पर मंथन
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन फिलहाल तीन प्रमुख विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहा है। पहला, ईरान के सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर हवाई हमलों को और तेज करना। दूसरा, होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित महत्वपूर्ण ईरानी द्वीपों पर अमेरिकी जमीनी सैनिकों की तैनाती कर नियंत्रण स्थापित करने की संभावना। तीसरा, एक अत्यधिक सुरक्षित और किलेबंद परिसर पर बमबारी करना, जहां कथित तौर पर परमाणु गतिविधियां संचालित होने की आशंका जताई जा रही है।
सिचुएशन रूम में हुई अहम बैठक
अमेरिकी समयानुसार मंगलवार शाम राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में शीर्ष सैन्य और सुरक्षा अधिकारियों के साथ विशेष बैठक की। बैठक में खर्ग द्वीप और होर्मुज क्षेत्र के अन्य रणनीतिक स्थानों पर संभावित सैन्य कार्रवाई की समीक्षा की गई। इसके अलावा पिकैक्स माउंटेन स्थित सुरंग परिसर को भी संभावित लक्ष्य के रूप में चर्चा में शामिल किया गया, जिसे अमेरिकी एजेंसियां संवेदनशील परमाणु गतिविधियों से जुड़ा स्थान मानती हैं।
हवाई हमलों का दायरा बढ़ाने का विकल्प भी खुला
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका अभी भी ईरान के ऊर्जा प्रतिष्ठानों और अन्य रणनीतिक ठिकानों पर अतिरिक्त हवाई हमले करने के विकल्प को खुला रखे हुए है। हालांकि अंतिम निर्णय अभी नहीं लिया गया है, लेकिन संकेत हैं कि वॉशिंगटन ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य रणनीति को नए स्तर पर ले जाने पर विचार कर रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ी वैश्विक चिंता
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है, जहां से वैश्विक कच्चे तेल की बड़ी मात्रा गुजरती है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी सैन्य कार्रवाई का असर केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और वैश्विक व्यापार पर भी व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
अभी अंतिम फैसला नहीं
फिलहाल अमेरिकी प्रशासन की ओर से किसी नए सैन्य अभियान की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि लगातार हो रही रणनीतिक बैठकों और सैन्य विकल्पों पर मंथन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ईरान को लेकर अमेरिका की नीति निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है और आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।