Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: आंबेडकर जयंती पर विशेष: वोट बैंक नहीं, ये विरासत की जंग है!
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > आंबेडकर जयंती पर विशेष: वोट बैंक नहीं, ये विरासत की जंग है!
Trending Newsफीचर

आंबेडकर जयंती पर विशेष: वोट बैंक नहीं, ये विरासत की जंग है!

SYED MOHAMMAD ABBAS
Last updated: April 14, 2026 11:51 am
SYED MOHAMMAD ABBAS
Share
SHARE

भारतीय राजनीति में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का नाम एक शिखर पुरुष के तौर पर लिया जाता है। संविधान निर्माण में अपनी अद्वितीय भूमिका के लिए उनका नाम भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। मौजूदा दौर में राजनीति के गलियारों में उनके नाम की गूँज पहले से कहीं अधिक तीव्र हो गई है। आज हर राजनीतिक दल ‘अंबेडकर हमारे हैं’ के नारे का सहारा ले रहा है।

Contents
“सियासत का ‘ब्लू प्रिंट’: आंबेडकर के नाम पर किसकी होगी जीत?”वोटों का गणित: 16% आबादी और सत्ता का संतुलनविरासत पर ‘कब्जे’ की जंगक्षेत्रीय दलों के सामने अस्तित्व का संकट“मिशन 2027: नीले झंडे और लाल टोपी का संगम?

वोट बैंक की सियासत में बाबा साहेब आज सबसे बड़े केंद्र बिंदु हैं। राजनीतिक दल उनके नाम की ढाल बनाकर जनता के बीच जाते हैं और अपनी पैठ मजबूत करने की कोशिश करते हैं।

आज उनकी 134वीं जयंती है और देश के तमाम बड़े दलों को बाबा साहेब की विरासत की ‘खूब याद’ आ रही है। अगर भारतीय राजनीतिक परिदृश्य की बात की जाए, तो कांग्रेस और बीजेपी से लेकर सपा और बसपा जैसे क्षेत्रीय दल भी अंबेडकरवादी एजेंडे को लेकर काफी सक्रिय नजर आते हैं।

भारतीय राजनीति के केंद्र में आज अगर कोई एक नाम सबसे ज्यादा गूंज रहा है, तो वह है ‘बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर’। सत्ता की कुर्सी तक पहुँचने का रास्ता अब बिना ‘नीले झंडे’ और अंबेडकरवादी विचारों को अपनाए पूरा नहीं होता।

कोई उन्हें अपना ‘मसीहा’ बताता है, तो कोई उन्हें ‘राष्ट्रवाद’ का चेहरा बनाने की होड़ में लगा है। यह देखना दिलचस्प है कि कैसे अंबेडकरवादी राजनीति आज देश की सत्ता और चुनावी समीकरणों को नए सिरे से परिभाषित कर रही है।

“सियासत का ‘ब्लू प्रिंट’: आंबेडकर के नाम पर किसकी होगी जीत?”

यूपी की गलियों से लेकर महाराष्ट्र के मैदानों तक, डॉ. अंबेडकर की विरासत को लेकर छिड़ी है एक बड़ी जंग। कौन है बाबा साहेब के सपनों का असली वारिस और कौन कर रहा है सिर्फ प्रतीकों की राजनीति? भारतीय राजनीति का चेहरा चाहे जो हो भगवा, तिरंगा या नीला लेकिन सत्ता की चाबी आज भी उसी दरवाजे से निकलती है जिसे बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने ‘संवैधानिक शक्ति’ से गढ़ा था। आज आलम यह है कि बीजेपी हो या कांग्रेस, सपा हो या बसपा, हर दल के लिए बाबा साहेब अब सिर्फ एक आदर्श नहीं, बल्कि एक बड़ी ‘राजनैतिक मजबूरी’ बन चुके हैं।

वोटों का गणित: 16% आबादी और सत्ता का संतुलन

देश में लगभग 16% दलित आबादी है, लेकिन उत्तर प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र और बिहार जैसे राज्यों में यह आंकड़ा चुनावी नतीजों को पलटने का दम रखता है। हालिया लोकसभा चुनावों ने इस हकीकत पर मुहर लगा दी है। जिस तरह से ‘इंडिया ब्लॉक’ ने बीजेपी के विजय रथ को बहुमत से पहले रोका, उसमें दलित वोट बैंक की निर्णायक भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता।

विरासत पर ‘कब्जे’ की जंग

  • दलितों की इस ताकत को भांपते हुए अब बीजेपी और कांग्रेस के बीच बाबा साहेब की विरासत को अपनाने की होड़ मची है:
  • बीजेपी: आंबेडकर को राष्ट्रवाद और विकास के प्रतीकों (पंचतीर्थ) से जोड़कर अपनी पैठ बना रही है।
  • कांग्रेस: ‘संविधान बचाओ’ के नारे और सामाजिक न्याय के जरिए पुराने दलित वोट बैंक को वापस पाने की कोशिश में है।

क्षेत्रीय दलों के सामने अस्तित्व का संकट

इस खींचतान ने उन पार्टियों की नींद उड़ा दी है जिनकी राजनीति ही बाबा साहेब के नाम पर खड़ी है। मायावती (BSP) और प्रकाश आंबेडकर (VBA) जैसे नेता अब एक सुर में कांग्रेस और बीजेपी दोनों का विरोध कर रहे हैं। इनके लिए यह सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि अपने ‘कोर वोट बैंक’ को बचाने की लड़ाई है। उन्हें डर है कि अगर राष्ट्रीय दलों ने आंबेडकर के नाम पर सेंधमारी की, तो उनकी पहचान खतरे में पड़ सकती है।

“मिशन 2027: नीले झंडे और लाल टोपी का संगम?

2027 के विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी ने अपनी रणनीति साफ कर दी है। अखिलेश यादव अब बाबा साहेब के विचारों को केवल किताबों तक सीमित न रखकर उन्हें PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के जरिए धरातल पर उतार रहे हैं। आंबेडकर जयंती को ‘PDA दिवस’ के रूप में मनाना और बाबा साहेब के प्रपौत्र डॉ. राजरतन आंबेडकर को मंच पर साथ लाना, यह संकेत है कि सपा अब बसपा के कोर वोट बैंक में सीधी सेंधमारी के लिए तैयार है।

कुल मिलाकर, आज दलित पॉलिटिक्स किसी एक दल की बपौती नहीं रही। हर राजनीतिक खिलाड़ी डॉ. आंबेडकर के नाम का सहारा लेकर उस 16% आबादी के दिल में उतरना चाहता है। साफ़ है कि आने वाले समय में दिल्ली का रास्ता उसी दल के लिए खुलेगा, जो बाबा साहेब के विचारों और उनके अनुयायियों को सबसे ज्यादा प्रभावित कर पाएगा।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: Ambedkar ideology India, Ambedkar Jayanti 2026, Ambedkar Jayanti special, Ambedkar thoughts relevance, Ambedkar vs vote bank politics, BR Ambedkar legacy, Caste Politics India, constitution maker Ambedkar, Dalit Politics India, political legacy Ambedkar, Social Justice India
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article US Blockade on Iran: होर्मुज के पास अमेरिकी नाकाबंदी से ईरान को रोज़ 435 मिलियन डॉलर का झटका, तेल व्यापार पर बड़ा असर
Next Article Noida Protest : नोएडा में श्रमिकों का बवाल, पत्थरबाजी और हिंसा के बाद 21% बढ़ा वेतन; 60 गिरफ्तार

फीचर

View More

मानसून में जन्नत से कम नहीं पश्चिम बंगाल की ये 5 ऑफबीट जगहें, हरियाली, झील, पहाड़ और समुद्र बना देंगे ट्रिप यादगार

कोलकाता: बारिश का मौसम आते ही प्रकृति अपने सबसे खूबसूरत रंगों में नजर आने लगती है। चारों ओर फैली हरियाली,…

By vineet verma 4 Min Read

मुगलों का हरम हो या राजपूतों का रनिवास… आखिर रानियों के लिए क्यों बनाए जाते थे अलग महल? वजह जानकर समझ आएगी उस दौर की व्यवस्था

नई दिल्ली: इतिहास में जब भी मुगल, राजपूत या अन्य बड़े राजवंशों…

4 Min Read

सीमेंट नहीं, खपरैल की छत पर क्यों था पुराने लोगों का भरोसा? इसके पीछे छिपी है बड़ी वैज्ञानिक वजह

नई दिल्ली: आज भले ही कंक्रीट और आरसीसी की छतों का दौर…

5 Min Read

विचार

View More

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की दस्तक हो चुकी है।…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ: क्या भारत–पाक मुकाबले से गायब हो गई वो अनिश्चितता?

रिंकू का ओवर और राइवलरी का…

February 16, 2026

You Might Also Like

Trending Newsखेल

Rohit Sharma Century: लॉर्ड्स में ‘हिटमैन’ का ऐतिहासिक धमाका, 86 गेंदों में शतक ठोक संन्यास की खबरों पर लगाया फुल स्टॉप!

भारतीय क्रिकेट के 'हिटमैन' रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर वो कर दिखाया है, जिसकी…

4 Min Read
Trending Newsसियासी

Sonam Wanghchuk News: ‘जब देश के राष्ट्रपति सरकारी अस्पताल में इलाज करा सकते हैं तो…’ सोनम वांगचुक को मेदांता शिफ्ट करने की मांग पर दिल्ली HC में भिड़ी सरकार!

दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे लद्दाख के मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) की सेहत बिगड़ने के…

4 Min Read
Trending Newsसियासी

Monsoon Session 2026: कल से शुरू होगा संसद का मानसून सत्र, इन 7 बड़े कानूनों को पास कराने की तैयारी में मोदी सरकार

देश की राजनीति का पारा एक बार फिर सातवें आसमान पर पहुंचने वाला है। संसद का मानसून सत्र कल यानी…

4 Min Read
Trending News

Salman Khan New Look: ‘धर्मेंद्र जैसी दिखने लगी उम्र…’ सलमान खान का नया लुक देखकर उड़े फैंस के होश, बिगड़ी सेहत पर उठे सवाल!

बॉलीवुड के 'सुल्तान' सलमान खान (Salman Khan) का एक ताजा वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आते ही इंटरनेट पर तहलका…

4 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?