नोएडा | उत्तर प्रदेश के शो विंडो कहे जाने वाले नोएडा (गौतम बुद्ध नगर) में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर शुरू हुआ श्रमिकों का प्रदर्शन हिंसक झड़पों में बदल गया।
सेक्टर 63, 64, 80 और 121 समेत फेज-2 के कई इलाकों में उग्र भीड़ ने गाड़ियों में तोड़फोड़ और पथराव किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात है और अब तक 60 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया है।
वेतन में भारी बढ़ोतरी: सरकार का बड़ा फैसला
हिंसा और बढ़ते तनाव के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रमिकों को बड़ी राहत देते हुए अंतरिम वेतन वृद्धि (Interim Wage Hike) का ऐलान किया है। नोएडा और गाजियाबाद के श्रमिकों के वेतन में 21% तक की बढ़ोतरी की गई है, जो 1 अप्रैल से प्रभावी मानी जाएगी।
नई न्यूनतम वेतन दरें (प्रति माह)
- अकुशल (Unskilled): ₹11,313 से बढ़ाकर ₹13,690
- अर्धकुशल (Semi-skilled): ₹12,445 से बढ़ाकर ₹15,059
- कुशल (Skilled): ₹13,940 से बढ़ाकर ₹16,868
- सीएम योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश
लखनऊ में श्रम विभाग के अधिकारियों के साथ आपातकालीन बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो टूक कहा कि श्रमिकों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
24 घंटे का अल्टीमेटम: सभी औद्योगिक प्राधिकरण अगले 24 घंटे में उद्योग संगठनों और श्रमिकों के प्रतिनिधियों से संवाद कर समस्याओं का समाधान करें।
साजिश पर नजर: सीएम ने अधिकारियों को आगाह किया कि श्रमिकों के नाम पर माहौल बिगाड़ने वाले ‘नक्सलवादी तत्वों’ और उपद्रवियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाए।
ग्राउंड जीरो का हाल: पुलिस का फ्लैग मार्च
जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस राजीव नारायण मिश्रा के अनुसार, मंगलवार (आज) स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।फ्लैग मार्च: सेक्टर-63 में पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला।
इंस्पेक्टर माता प्रसाद गुप्ता ने बताया कि पथराव करने वाले उपद्रवियों की पहचान कर ली गई है।मेड का प्रदर्शन: सेक्टर-121 के ‘क्लियो काउंटी’ (Cleo County) के बाहर बड़ी संख्या में हाउस हेल्प (मेड) ने भी वेतन वृद्धि और साप्ताहिक छुट्टी की मांग को लेकर सड़क जाम की।
आंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में कई औद्योगिक इकाइयों में अवकाश है, फिर भी एहतियात के तौर पर पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह वृद्धि अंतरिम है। अगले महीने एक वेज बोर्ड (Wage Board) का गठन किया जाएगा, जिसकी सिफारिशों के आधार पर राज्य में न्यूनतम वेतन का नया ढांचा तैयार होगा। फिलहाल, प्रशासन औद्योगिक क्षेत्रों में शांति बहाली के लिए मुस्तैद है।