अन्य

लखनऊ में घुटना प्रत्यारोपण में नई क्रांति: डॉ. प्रियांक गुप्ता ने लॉन्च की ‘BioAlign RRR’ तकनीक, मरीज चार से छह घंटे में चलने लगे

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जोड़ प्रत्यारोपण (Joint Replacement) के क्षेत्र में आज एक नई क्रांति की शुरुआत हुई। अहमदाबाद के प्रख्यात जॉइंट रिप्लेसमेंट एवं आर्थोस्कोपी सर्जन डॉ. प्रियांक गुप्ता ने अपनी अत्याधुनिक तकनीक BioAlign RRR (Rapid Recovery Resurfacing) को लॉन्च किया।

यह तकनीक घुटने के दर्द और जोड़ों की समस्या से जूझ रहे मरीजों के लिए नए युग की सुविधा लेकर आई है। पारंपरिक घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी के मुकाबले, इस तकनीक में मरीज मात्र 4 से 6 घंटे में खड़ा होकर चलने में सक्षम हो जाता है, जिससे अस्पताल में रुकने की अवधि भी काफी कम हो जाती है।

BioAlign RRR तकनीक के तीन मुख्य फायदे:

  1. Right Biological Alignment: जोड़ को मरीज के प्राकृतिक शरीर संतुलन के अनुसार सरेखित किया जाता है, जिससे चलने-फिरने का अनुभव स्वाभाविक लगता है।
  2. Rapid Recovery: आधुनिक पेन मैनेजमेंट और टिश्यू-स्पेयरिंग तकनीक के कारण मरीज जल्दी ठीक हो जाता है।
  3. Resurfacing & No-Memory Scar: जोड़ के खराब हिस्सों की मरम्मत के साथ त्वचा पर लगभग कोई निशान नहीं रहते।

डॉ. प्रियांक गुप्ता ने कहा, “हमारा उद्देश्य लखनऊ और पूरे उत्तर प्रदेश के मरीजों को वैश्विक स्तर की जॉइंट रिप्लेसमेंट सुविधा उनके अपने शहर में उपलब्ध कराना है। अब मरीजों को आधुनिक ‘रैपिड रिकवरी जॉइंट सर्जरी’ के लिए बड़े महानगरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा।”

कौन है डॉ. प्रियांक गुप्ता

  • चित्रकूट (उत्तर प्रदेश) मूल निवासी डॉ. प्रियांक गुप्ता जॉइंट रिप्लेसमेंट और आर्थोस्कोपी सर्जरी के क्षेत्र में देश के अग्रणी विशेषज्ञों में शामिल हैं।
  • डॉ. गुप्ता DrJointPain – द बोन एंड जॉइंट क्लीनिक के संस्थापक हैं और वर्तमान में HCG अस्पताल, अहमदाबाद में सीनियर सर्जन के रूप में कार्यरत हैं। उनके 15 साल के पेशेवर करियर में 11,000 से अधिक सफल सर्जरी शामिल हैं।
  • अब डॉ. प्रियांक गुप्ता लखनऊ के सत्यार्थ हॉस्पिटल (आलमबाग) में नियमित OPD और सर्जिकल सेवाएं देंगे, जिससे लखनऊ और आसपास के मरीज उनके व्यापक अनुभव का लाभ सीधे अपने शहर में उठा सकेंगे।
  • विशेषज्ञों का कहना है कि उनके आने से घुटना प्रत्यारोपण और जोड़ संबंधी सर्जरी के क्षेत्र में लखनऊवासियों को विश्व स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी।

इस नई बायो एलाइन तकनीक से अब मरीजों को लंबे समय तक वॉकर या घुटने प्रत्यारोपण की जरूरत नहीं होगी। यह तकनीक कम खर्च में भी कारगर साबित हो रही है और लखनऊवासियों को जोड़ों की समस्या से राहत देने की उम्मीद जगाती है।

विशेषज्ञों का कहना है: लखनऊ में यह तकनीक पहली बार लॉन्च की गई है और इसे अपनाकर मरीज जल्द ही सक्रिय और दर्द-मुक्त जीवन जी सकेंगे।

news desk

Recent Posts

SRH की ‘चुप्पी’ और LSG की ‘चालाकी’: क्या एक अपील बदल देती मैच का इतिहास?

क्रिकेट को 'अनिश्चितताओं का खेल' कहा जाता है, लेकिन कभी-कभी यह 'नियमों की जागरूकता' का…

30 seconds ago

थकान, कमजोरी और चिड़चिड़ापन? वजह हो सकती है विटामिन B12 की कमी ! रोज़मर्रा की डाइट में जोड़ें ये चीजें

Vitamin B12 शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है। यह नसों को स्वस्थ रखने,…

2 hours ago

राज्यपाल ने UP में रोइंग की प्रगति को सराहा, ‘अस्मिता’ पहल और मिशन एशियन गेम्स पर हुई अहम चर्चा

उत्तर प्रदेश रोइंग एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल से की शिष्टाचार…

16 hours ago

US-Iran War: अमेरिकी पायलट के रेस्क्यू पर छिड़ा ‘दावों का दंगल’, ट्रंप ने कहा-मिशन सफल; ईरान का दावा- मार गिराए 3 विमान

तेहरान/वॉशिंगटन। ईरान की धरती पर गिरे अमेरिकी F-15E फाइटर जेट के पायलट को बचाने के…

16 hours ago