अमेरिकी मतदाताओं की नाराजगी ने बदला चुनावी समीकरण, 15 साल से रिपब्लिकन के कब्जे वाली सीट भी गंवाई; हार के बाद ट्रंप बोले- डेमोक्रेट्स के साथ काम करने को तैयार
अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों को बड़ा झटका लगा है। प्रतिनिधि सभा यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में रिपब्लिकन पार्टी अपना बहुमत गंवा बैठी है, जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी ने शानदार वापसी करते हुए सदन का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है। चुनावी नतीजों ने साफ कर दिया है कि अमेरिकी मतदाताओं के लिए महंगाई, बढ़ता घरेलू खर्च और सरकार की आर्थिक नीतियां बड़े मुद्दे बन गए हैं। वहीं, हार के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने नतीजों को स्वीकार करते हुए डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने की बात कही है।
महंगाई और ईरान युद्ध ने बिगाड़ा ट्रंप का चुनावी गणित
मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हार के पीछे अमेरिकी नागरिकों की आर्थिक चिंताओं को बड़ी वजह माना जा रहा है। रोजमर्रा की जरूरतों की चीजें महंगी होने, ईरान युद्ध और ट्रंप प्रशासन की ओर से लगाए गए टैरिफ का असर आम अमेरिकियों की जेब पर पड़ा है। मतदाताओं के बीच बढ़ती महंगाई सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरी।
साल 2023 से प्रतिनिधि सभा पर नियंत्रण रखने वाली रिपब्लिकन पार्टी अपनी मामूली बढ़त भी नहीं बचा सकी। डेमोक्रेट्स ने रिपब्लिकन के कब्जे वाली कई सीटों पर जीत दर्ज कर सदन में बहुमत का आंकड़ा अपने पक्ष में कर लिया।
हार के बाद ट्रंप ने क्या कहा?
चुनावी झटके के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हार स्वीकार कर ली है। एक समाचार चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह चुनाव मैदान में खुद उम्मीदवार के तौर पर नहीं थे। अगर वह बैलेट पर होते तो उनकी पार्टी भारी बहुमत से जीत हासिल करती।
ट्रंप ने अमेरिकी मतदाताओं का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्हें चुनाव परिणामों को लेकर कोई पछतावा नहीं है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वह डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं।
15 साल पुराना रिपब्लिकन गढ़ भी डेमोक्रेट्स ने छीना
इस चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने कई ऐसे निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल की, जहां लंबे समय से रिपब्लिकन पार्टी का दबदबा रहा था। नॉर्थ कैरोलिना का एक ऐसा जिला भी डेमोक्रेट्स के खाते में चला गया, जहां 15 साल से अधिक समय से रिपब्लिकन उम्मीदवार जीतते आ रहे थे।
इसके अलावा पेंसिल्वेनिया, केंटकी और कोलोराडो जैसे राज्यों में भी डेमोक्रेट्स ने अहम सीटें जीतीं। टेक्सास और फ्लोरिडा में रिपब्लिकन पार्टी ने चुनावी क्षेत्रों की सीमाओं में बदलाव कर अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश की थी, लेकिन इसके बावजूद कुछ नए निर्धारित क्षेत्रों में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की।
अब ट्रंप के लिए क्यों बढ़ेंगी मुश्किलें?
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों के लिए हुए चुनाव में डेमोक्रेट्स की जीत का असर ट्रंप प्रशासन की आगे की राजनीतिक रणनीति पर पड़ सकता है। सदन में बहुमत बदलने से सरकार के विधायी एजेंडे, बजट और प्रशासनिक नीतियों पर डेमोक्रेट्स की भूमिका मजबूत होगी।
ट्रंप के लिए अब विपक्ष के साथ सहमति बनाना पहले से ज्यादा जरूरी होगा। चुनाव परिणामों ने यह भी संकेत दिया है कि राष्ट्रपति की लोकप्रियता के बावजूद मतदाता आर्थिक मुद्दों पर सरकार के प्रदर्शन का हिसाब लेने से पीछे नहीं हटते।