नई दिल्ली: भारतीय रसोई में लौंग का इस्तेमाल स्वाद और खुशबू बढ़ाने के साथ-साथ कई घरेलू नुस्खों में भी किया जाता है। इसे पाचन और ओरल हेल्थ के लिए फायदेमंद माना जाता है। लेकिन क्या रोजाना 10 से 12 लौंग खाना भी सेहत के लिए अच्छा है? अगर आप भी इस मसाले को औषधीय गुणों के कारण हर दिन अधिक मात्रा में खाते हैं, तो सावधान हो जाइए। विशेषज्ञों के मुताबिक, जरूरत से ज्यादा लौंग का नियमित सेवन शरीर पर उल्टा असर डाल सकता है। इससे पेट में जलन, एसिडिटी और कुछ लोगों में ब्लीडिंग का खतरा भी बढ़ सकता है।
KIMS हॉस्पिटल्स, ठाणे की चीफ डाइटीशियन अमरीन शेख के मुताबिक, लौंग में यूजेनॉल नाम का कंपाउंड पाया जाता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं। यही वजह है कि संतुलित मात्रा में लौंग का इस्तेमाल पाचन संबंधी परेशानियों और मुंह की सेहत के लिए मददगार हो सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से ज्यादा फायदा मिलेगा।
रोजाना 10-12 लौंग खाना कितना सही है?
डाइटिशियन अमरीन शेख बताती हैं कि रोजाना 10 से 12 लौंग खाना कई लोगों के लिए जरूरत से ज्यादा हो सकता है। कभी-कभार इतनी मात्रा का सेवन करने से हर किसी को परेशानी हो, यह जरूरी नहीं है। लेकिन लंबे समय तक रोजाना इतनी अधिक मात्रा में लौंग खाने से शरीर पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
लौंग में मौजूद सक्रिय तत्वों का अधिक सेवन कुछ लोगों में पाचन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है। इसलिए इसे रोजाना अधिक मात्रा में खाने की आदत बनाने के बजाय भोजन में सीमित मात्रा में इस्तेमाल करना बेहतर है।
ज्यादा लौंग खाने से बढ़ सकती है पेट में जलन और एसिडिटी
लौंग का जरूरत से ज्यादा सेवन पेट के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। विशेषज्ञ के मुताबिक, अधिक मात्रा में लौंग खाने से पेट में जलन, एसिडिटी, पेट दर्द और मतली जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ लोगों को इससे पाचन संबंधी दूसरी परेशानियां भी महसूस हो सकती हैं।
लौंग में मौजूद तीखे और सक्रिय तत्व संवेदनशील लोगों के मुंह और पेट में जलन पैदा कर सकते हैं। जिन लोगों को पहले से एसिडिटी या पेट से जुड़ी समस्या रहती है, उन्हें इसके अधिक सेवन से बचना चाहिए।
खून पतला करने वाली दवाएं लेते हैं तो रहें सावधान
लौंग में मौजूद यूजेनॉल का हल्का रक्त पतला करने वाला प्रभाव हो सकता है। ऐसे में अधिक मात्रा में लौंग का सेवन उन लोगों के लिए चिंता का विषय बन सकता है, जो पहले से खून पतला करने वाली दवाएं ले रहे हैं।
जिन लोगों की सर्जरी होनी है या हाल ही में सर्जरी हुई है, उन्हें भी लौंग के अधिक सेवन को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए। कुछ संवेदनशील लोगों में इससे ब्लीडिंग का जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे लोगों को नियमित रूप से अधिक मात्रा में लौंग खाने या इसके सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
ज्यादा लौंग खाने से लिवर पर भी पड़ सकता है असर
विशेषज्ञ के मुताबिक, लंबे समय तक जरूरत से ज्यादा लौंग का सेवन लिवर की सेहत को प्रभावित कर सकता है। खासकर लौंग के तेल या अधिक मात्रा में मौजूद यूजेनॉल के सेवन को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
डाइटिशियन के अनुसार, रोजाना खाने में दो से चार लौंग का इस्तेमाल सामान्य पाक मात्रा के तौर पर किया जा सकता है, जबकि 10 से 12 लौंग नियमित रूप से खाना कई लोगों के लिए अधिक हो सकता है। हालांकि, सही मात्रा व्यक्ति की सेहत और उसकी जरूरतों पर भी निर्भर करती है।
रोजाना कितनी लौंग खाना बेहतर है?
डाइटिशियन अमरीन शेख के मुताबिक, लौंग का सेवन संतुलित मात्रा में करना चाहिए। इसे दाल, सब्जी, चाय या अन्य व्यंजनों में स्वाद और खुशबू के लिए शामिल किया जा सकता है। कभी-कभार घरेलू नुस्खों में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन नियमित रूप से अधिक मात्रा में खाना सही नहीं है।
अगर आप किसी खास स्वास्थ्य समस्या के लिए रोजाना लौंग खाना चाहते हैं, तो पहले विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होगा। खासकर दवाएं लेने वाले या लिवर और ब्लीडिंग से जुड़ी परेशानी वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
क्या रोजाना लौंग चबाना या लौंग का पानी पीना सही है?
सोशल मीडिया पर लौंग को लेकर कई तरह के घरेलू नुस्खे बताए जाते हैं। कुछ लोग रोजाना लौंग चबाने की सलाह देते हैं, तो कुछ लौंग का पानी पीने को फायदेमंद बताते हैं। लेकिन किसी भी खाद्य पदार्थ में मौजूद गुणों का फायदा तभी मिल सकता है, जब उसका इस्तेमाल सही मात्रा में किया जाए।
लौंग में औषधीय गुण होने का मतलब यह नहीं है कि इसे जितना ज्यादा खाया जाए, उतना ही फायदा होगा। इसे अपनी रोजमर्रा की डाइट में सीमित मात्रा में शामिल करें और रोजाना 10 से 12 लौंग खाने की आदत बनाने से बचें। संतुलित खानपान और अलग-अलग खाद्य पदार्थों का सेवन ही सेहत के लिए बेहतर तरीका है।