Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: चक्रवात अर्नब के बीच समझिए तूफान की ताकत, आखिर कितनी दूर तक पहुंच सकता है इसका असर?
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > चक्रवात अर्नब के बीच समझिए तूफान की ताकत, आखिर कितनी दूर तक पहुंच सकता है इसका असर?
Trending Newsराज्य

चक्रवात अर्नब के बीच समझिए तूफान की ताकत, आखिर कितनी दूर तक पहुंच सकता है इसका असर?

vineet verma
Last updated: October 31, 2026 12:00 am
vineet verma
Share
SHARE

नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में चक्रवात अर्नब और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। कहीं भारी बारिश और ओलावृष्टि हो रही है, तो कहीं पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी देखने को मिल रही है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी मौसम का असर दिखाई दिया है। इस बीच एक सवाल चर्चा में है कि समुद्र में उठने वाला चक्रवाती तूफान आखिर कितनी दूर तक अपना प्रभाव छोड़ सकता है? क्या उसका असर केवल समुद्र तट के आसपास तक सीमित रहता है या हजारों किलोमीटर दूर तक मौसम को प्रभावित कर सकता है?

Contents
कितना बड़ा हो सकता है चक्रवाती तूफान का दायरा?समुद्र से दूर राज्यों में भी क्यों होती है बारिश?1979 में आया था दुनिया का सबसे विशाल तूफानजमीन पर पहुंचने के बाद कमजोर क्यों पड़ने लगता है तूफान?तूफान के आकार और उसके असर में क्या है अंतर?चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ से बदल रहा मौसम

कितना बड़ा हो सकता है चक्रवाती तूफान का दायरा?

किसी चक्रवाती तूफान का आकार उसकी तीव्रता और मौसम संबंधी परिस्थितियों पर निर्भर करता है। सामान्य तौर पर एक चक्रवाती तूफान का मुख्य व्यास करीब 480 से 500 किलोमीटर हो सकता है। हालांकि, इसके आसपास मौजूद बादलों की पट्टियां और बारिश वाले क्षेत्र इससे कहीं ज्यादा बड़े इलाके में मौसम को प्रभावित कर सकते हैं।

कुछ असाधारण मौसमी प्रणालियों में तूफान का फैलाव 1000 किलोमीटर से भी अधिक हो सकता है। यही वजह है कि तूफान का असर केवल उसके केंद्र या समुद्र तट के आसपास के इलाकों तक सीमित नहीं रहता।

समुद्र से दूर राज्यों में भी क्यों होती है बारिश?

चक्रवाती तूफान जब समुद्र से जमीन की ओर बढ़ता है, तो उसका प्रभाव तटीय इलाकों से आगे तक महसूस किया जा सकता है। कई बार मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश जैसे समुद्र से काफी दूर स्थित राज्यों में भी बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है।

हालांकि, हर बार इसकी वजह केवल चक्रवात नहीं होता। बड़े मौसमी सिस्टम, नमी का प्रवाह और पश्चिमी विक्षोभ जैसी दूसरी मौसमी परिस्थितियां भी बारिश और तूफान की गतिविधियों को बढ़ा सकती हैं।

चक्रवात अर्नब के मौजूदा प्रभाव के दौरान भी बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि के साथ पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी की स्थिति बनी है। ऐसे में अलग-अलग मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव को समझना जरूरी है।

1979 में आया था दुनिया का सबसे विशाल तूफान

इतिहास में सबसे बड़े उष्णकटिबंधीय चक्रवातों में सुपर टाइफून टिप का नाम दर्ज है। यह तूफान साल 1979 में आया था और इसका व्यास करीब 2,222 किलोमीटर तक पहुंच गया था। यह आकार सामान्य चक्रवाती तूफान के अनुमानित 480 से 500 किलोमीटर के व्यास से कई गुना बड़ा था।

टाइफून टिप का उदाहरण बताता है कि असाधारण परिस्थितियों में एक चक्रवाती प्रणाली कितने बड़े क्षेत्र में फैल सकती है। हालांकि, तूफान का व्यास और उसके प्रभाव की दूरी दो अलग-अलग बातें हैं। किसी तूफान का व्यास उसके पूरे फैलाव को दर्शाता है, जबकि उसका प्रभाव उन इलाकों में भी महसूस किया जा सकता है जो उसके मुख्य क्षेत्र से काफी दूर हों।

जमीन पर पहुंचने के बाद कमजोर क्यों पड़ने लगता है तूफान?

समुद्र के ऊपर चक्रवाती तूफान को गर्म पानी और नमी से ऊर्जा मिलती है। यही नमी उसे ताकत बनाए रखने में मदद करती है। लेकिन जब तूफान जमीन से टकराकर अंदरूनी इलाकों की ओर बढ़ता है, तो समुद्र से मिलने वाली नमी की आपूर्ति कम होने लगती है।

इसके अलावा जमीन की सतह पर मौजूद बाधाओं के कारण हवाओं के प्रवाह और तूफान के चक्रवाती घुमाव पर भी असर पड़ता है। इस वजह से उसकी ताकत धीरे-धीरे घटने लगती है।

आमतौर पर समुद्र तट से करीब 150 से 200 किलोमीटर अंदर जाने के बाद चक्रवाती तूफान कमजोर पड़ सकता है। हालांकि, यह कोई तय सीमा नहीं है। तूफान की गति, उसकी तीव्रता और आसपास की मौसमी परिस्थितियों के आधार पर इसमें अंतर हो सकता है। कमजोर होने के बाद यह चक्रवाती प्रणाली कम दबाव वाले क्षेत्र में भी बदल सकती है।

तूफान के आकार और उसके असर में क्या है अंतर?

तूफान से जुड़ी दूरी के आंकड़ों को समझते समय दो बातों में अंतर करना जरूरी है। पहली है उसका व्यास, यानी वह क्षेत्र जहां तक चक्रवाती प्रणाली फैली हुई है। दूसरी है उसका मौसमी प्रभाव, जिसमें बारिश, तेज हवाएं और बादलों की गतिविधियां शामिल हो सकती हैं।

इसलिए किसी तूफान का मुख्य व्यास 480 से 500 किलोमीटर होने का मतलब यह नहीं है कि उसका प्रभाव भी केवल उतने ही क्षेत्र तक रहेगा। उसकी बाहरी बादल पट्टियां और उससे जुड़ी मौसमी परिस्थितियां काफी दूर तक असर डाल सकती हैं। असाधारण तूफानों में यह फैलाव हजारों किलोमीटर तक पहुंच सकता है।

चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ से बदल रहा मौसम

मौजूदा मौसम की स्थिति में चक्रवात अर्नब के साथ पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव भी अहम है। इन मौसमी प्रणालियों के चलते देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, तेज हवाएं, ओलावृष्टि और बर्फबारी जैसी गतिविधियां देखने को मिल रही हैं।

देश के करीब 50 से 60 प्रतिशत हिस्से में बारिश और तूफानी गतिविधियों की बात कही जा रही है। वहीं, ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी भी मौसम में आए इस बदलाव का हिस्सा है। ऐसे हालात में यह समझना जरूरी है कि किसी तूफान का प्रभाव केवल उसके केंद्र तक सीमित नहीं होता, बल्कि उससे जुड़ी व्यापक मौसमी परिस्थितियां भी दूर-दराज के क्षेत्रों का मौसम बदल सकती हैं।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: 1979 का तूफान, Cyclone Arnab, Cyclone Impact, Storm Effect, Super Typhoon Tip, चक्रवात अर्नब, चक्रवाती तूफान, तूफान का असर, तूफान का दायरा, पश्चिमी विक्षोभ, सुपर टाइफून टिप
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article 31 अक्टूबर को क्यों मनाया जाता है हैलोवीन? आखिर क्यों डरावने कपड़े पहनते हैं लोग, 2000 साल पुरानी है इसकी कहानी

फीचर

View More

31 अक्टूबर को क्यों मनाया जाता है हैलोवीन? आखिर क्यों डरावने कपड़े पहनते हैं लोग, 2000 साल पुरानी है इसकी कहानी

नई दिल्ली: हर साल 31 अक्टूबर को दुनिया के कई देशों में हैलोवीन मनाया जाता है। इस दिन लोग भूतों,…

By vineet verma 6 Min Read

पृथ्वी पर सबसे ज्यादा उम्र तक जिंदा रहता है कौन-सा जीव? 15 हजार साल तक नहीं आती मौत

नई दिल्ली: पृथ्वी पर इंसानों की औसत उम्र भले ही कुछ दशकों…

7 Min Read

भारत में सुपर अल नीनो का खतरा! गर्मी से 55 हजार मौतों का अनुमान, जानिए किन देशों पर सबसे ज्यादा असर

नई दिल्ली। दुनिया के कई हिस्सों में बदलते मौसम और बढ़ते तापमान…

6 Min Read

विचार

View More

‘हम खुद अपनी बर्बादी बना रहे हैं’, AI से डरा 10 साल का अनुभव रखने वाला इंजीनियर! अब कोडिंग छोड़ खेती करने का क्यों कर रहा है विचार?

नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती ताकत ने अब…

October 27, 2026

भारतीय रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष: ‘श्रुति’ की परंपरा से ‘मन की बात’ तक… ऐसा रहा जादुई तरंगों का 100 साल का सफर

उस अविस्मरणीय पल को याद कीजिए,…

August 13, 2026

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

You Might Also Like

Trending Newsवर्ल्ड

इजरायल के पीएम नेतन्याहू को कितनी मिलती है सैलरी? पीएम मोदी से ज्यादा कमाते हैं या कम, जानिए पूरा हिसाब

नई दिल्ली: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जिम्मेदारियां अपने-अपने देशों में बेहद अहम…

5 Min Read
Trending Newsसियासी

BJP को फिर लगेगा झटका! पूर्व मंत्री साहब सिंह सैनी थामेंगे सपा का दामन, 3 नवंबर को अखिलेश यादव से करेंगे मुलाकात

सहारनपुर: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं के पाला बदलने का सिलसिला तेज होता दिखाई दे…

5 Min Read
Latest Newsउत्तर प्रदेशराज्य

लखनऊ में डेंगू का बढ़ता खतरा! 72 घंटे में मिले 75 नए मरीज, 698 तक पहुंचा आंकड़ा… इन इलाकों में सबसे ज्यादा केस

लखनऊ: मौसम में बदलाव और बेमौसम बारिश के बीच राजधानी में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले…

3 Min Read
राज्य

रिश्ता टूटा तो रेप का केस? सुप्रीम कोर्ट ने बताई सहमति और धोखे की कानूनी सीमा, पुरुष के अधिकार पर भी की अहम टिप्पणी

नई दिल्ली: सहमति से बने रिश्ते में अगर बाद में खटास आ जाए या दोनों का संबंध टूट जाए, तो…

5 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?