भावना बनीं टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी, 43 गोल दागकर रचा इतिहास; भारतीय टीम ने एशियाई महिला हैंडबॉल चैंपियनशिप के लिए किया क्वालीफाई
नई दिल्ली,। भारतीय महिला हैंडबॉल टीम ने बांग्लादेश की राजधानी ढाका में शानदार प्रदर्शन करते हुए आईएचएफ नेशंस ट्रॉफी-एशिया जोन II का खिताब अपने नाम कर लिया। 22 अक्टूबर को खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने मेजबान बांग्लादेश को 28-16 गोलों से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने आगामी एशियाई महिला हैंडबॉल चैंपियनशिप के लिए भी क्वालीफाई कर लिया।
पूरे टूर्नामेंट में अपराजित रही भारतीय टीम ने आक्रामक खेल और मजबूत रक्षापंक्ति के दम पर अपनी श्रेष्ठता साबित की। फाइनल में भारत की ओर से भावना ने सर्वाधिक 11 गोल दागे। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 43 गोल करके सर्वाधिक गोल करने वाली खिलाड़ी का पुरस्कार हासिल किया। साथ ही उन्हें टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी यानी मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर (MVP) भी चुना गया।
भारत लौटने पर महिला हैंडबॉल टीम का नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत किया गया।
फाइनल में भारत का दबदबा, बांग्लादेश को वापसी का मौका नहीं
भारत और बांग्लादेश के बीच खिताबी मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। तेज हमलों और सटीक निशाने के दम पर भारतीय टीम ने पहले हाफ में 14-9 की बढ़त हासिल कर ली।
दूसरे हाफ में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी लय बरकरार रखी। मजबूत डिफेंस और लगातार गोल करने की रणनीति के सामने मेजबान टीम दबाव में नजर आई। भारतीय खिलाड़ियों ने बांग्लादेश को वापसी का मौका नहीं दिया और अंततः 28-16 से मुकाबला जीतकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमा लिया।
टीम की कप्तान और गोलकीपर दीक्षा ठाकुर ने भी जीत में अहम भूमिका निभाई। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें फाइनल मुकाबले का प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
भावना का शानदार प्रदर्शन, 43 गोल के साथ बनीं MVP
टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन ने भी सभी का ध्यान आकर्षित किया। भावना ने पूरे टूर्नामेंट में 43 गोल दागकर अपनी आक्रामक क्षमता का प्रदर्शन किया। फाइनल में उनके 11 गोल भारत की खिताबी जीत में निर्णायक साबित हुए।
इस प्रदर्शन के लिए भावना को दो महत्वपूर्ण पुरस्कार मिले। उन्हें टूर्नामेंट की सर्वाधिक गोल करने वाली खिलाड़ी और मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर चुना गया।
इसके अलावा नेपाल और मालदीव के खिलाफ मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। मालदीव के खिलाफ जीत में जागृति देवी ने अहम योगदान दिया, जबकि नेपाल के खिलाफ प्रभावशाली खेल दिखाने वाली प्रियंका ठाकुर को भी मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर का पुरस्कार मिला।
मालदीव से लेकर बांग्लादेश तक, पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहा भारत
भारतीय महिला हैंडबॉल टीम ने प्रतियोगिता में अपने अभियान की शुरुआत मालदीव के खिलाफ 40-8 की बड़ी जीत के साथ की। इसके बाद 19 अक्टूबर को मेजबान बांग्लादेश को 47-13 से हराकर अपनी दावेदारी मजबूत की।
20 अक्टूबर को नेपाल के खिलाफ भारत ने 26-11 से जीत दर्ज की और फाइनल में जगह बनाई। खिताबी मुकाबले में भी भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए बांग्लादेश को 28-16 से शिकस्त दी।
इस तरह भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। वहीं, तीसरे स्थान के लिए खेले गए मुकाबले में नेपाल ने 21 अक्टूबर को मालदीव को 27-15 से हराकर कांस्य पदक जीता।
एशियाई महिला हैंडबॉल चैंपियनशिप में खेलेगा भारत
आईएचएफ नेशंस ट्रॉफी-एशिया जोन II में खिताबी जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने आगामी एशियाई महिला हैंडबॉल चैंपियनशिप के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। यह प्रतियोगिता 23 नवंबर से 3 दिसंबर 2026 तक कजाखस्तान में आयोजित होगी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली इस सफलता से भारतीय महिला हैंडबॉल को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। साथ ही युवा महिला खिलाड़ियों को इस खेल से जुड़ने और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने की प्रेरणा मिलेगी।
हैंडबॉल एसोसिएशन इंडिया ने टीम को दी बधाई
हैंडबॉल एसोसिएशन इंडिया के कार्यकारी निदेशक डॉ. आनन्देश्वर पाण्डेय सहित भारतीय हैंडबॉल से जुड़े पदाधिकारियों, प्रशिक्षकों और खेलप्रेमियों ने टीम की उपलब्धि की सराहना की।
डॉ. आनन्देश्वर पाण्डेय ने कहा कि इस खिताबी जीत से भारतीय महिला हैंडबॉल को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने खिलाड़ियों के प्रदर्शन के साथ मुख्य प्रशिक्षक सचिन चौधरी और सहयोगी स्टाफ की भूमिका की भी सराहना की।
एसोसिएशन के अंतरिम अध्यक्ष मनोज कोटक और महासचिव तेजराज सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी टीम की सफलता पर खुशी जताई। इस जीत को भारतीय महिला हैंडबॉल के विकास और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की मजबूत उपस्थिति की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।