नई दिल्ली: सलमान खान की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ की रिलीज को लेकर सस्पेंस अब भी बरकरार है। फिल्म बनकर तैयार है, लेकिन करीब छह महीने से सिनेमाघरों तक नहीं पहुंच पाई है। रिपोर्ट के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय के सामने दोबारा स्क्रीनिंग के करीब एक सप्ताह बाद भी फिल्म को मंजूरी मिलने का इंतजार है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर फिल्म की रिलीज का रास्ता कब साफ होगा?
रक्षा मंत्रालय के जवाब पर टिकी रिलीज की उम्मीदें
सलमान खान की इस फिल्म को निर्देशक अपूर्व लाखिया ने बनाया है। फिल्म की कहानी वर्ष 2020 में भारत और चीन की सेनाओं के बीच गलवान घाटी में हुई झड़प की पृष्ठभूमि पर आधारित है। सेना से जुड़े संवेदनशील विषय के कारण फिल्म की रिलीज से पहले रक्षा मंत्रालय की मंजूरी अहम मानी जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस साल के मध्य में फिल्म की स्क्रीनिंग रक्षा मंत्रालय के लिए रखी गई थी। इसके बाद मंत्रालय की ओर से कुछ बदलाव करने के सुझाव दिए गए। निर्देशक ने इन सुझावों के आधार पर फिल्म के कुछ दृश्य हटाए और कुछ हिस्सों को दोबारा शूट भी किया।
दोबारा स्क्रीनिंग के बाद भी नहीं आया जवाब
फिल्म से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, अक्टूबर के शुरुआती सप्ताह में अपूर्व लाखिया ने फिल्म का फाइनल कट रक्षा मंत्रालय के सामने पेश किया था। हालांकि, रिपोर्ट लिखे जाने तक मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
फिल्म को रक्षा मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) मिलने का इंतजार है। इसके बिना निर्माता फिल्म को प्रमाणपत्र के लिए केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पास नहीं भेज सकते। ऐसे में रिलीज की अगली प्रक्रिया मंत्रालय के जवाब पर निर्भर है।
‘द बैटल ऑफ गलवान’ से बदला गया था नाम
‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ का नाम पहले ‘द बैटल ऑफ गलवान’ रखा गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में भारत और चीन के रिश्तों में आए बदलावों के बीच फिल्म के शीर्षक समेत कुछ अहम बदलाव किए गए।
फिल्म में किए गए बदलावों और मंजूरी की प्रक्रिया के चलते इसकी रिलीज लगातार आगे बढ़ती रही है। हालांकि, रक्षा मंत्रालय की ओर से अंतिम निर्णय कब आएगा, इसे लेकर अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।
17 अप्रैल 2026 को रिलीज होने वाली थी फिल्म
निर्देशक अपूर्व लाखिया ने सलमान खान अभिनीत इस फिल्म को 17 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज करने की घोषणा की थी। लेकिन सेंसर प्रमाणपत्र और रक्षा मंत्रालय की मंजूरी से जुड़ी प्रक्रिया के कारण फिल्म तय तारीख पर रिलीज नहीं हो सकी।
अब छह महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी फिल्म की रिलीज डेट को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। दर्शकों को इंतजार है कि रक्षा मंत्रालय की ओर से कब जवाब आता है और ‘मातृभूमि’ सिनेमाघरों तक पहुंच पाती है।