नई दिल्ली । दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तीन प्रमुख नेताओं अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को आज दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने की जानकारी सामने आई है। पार्टी की लीगल हेड रत्ना सिंह के मुताबिक, उन्हें दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी है।
रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि वह अन्य वकीलों के साथ पुलिस स्टेशन में मौजूद रहेंगी और नेताओं की ओर से कानूनी पक्ष रखेंगी। तीनों नेताओं को शनिवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान से उतरने के बाद हिरासत में लिया गया था।
दिल्ली में प्रदर्शन के बाद पुलिस की कार्रवाई पर विवाद
शनिवार को दिल्ली में प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन से पहले पुलिस ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की थी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, एक हजार से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया। इनमें चार पूर्व मुख्यमंत्री, CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके और यूट्यूबर ध्रुव राठी के नाम भी शामिल बताए गए हैं।
यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए थे।
पुलिस की कार्रवाई के बाद हिरासत में लिए गए नेताओं और अन्य लोगों की स्थिति को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। मामले में अब कानूनी लड़ाई भी तेज होती नजर आ रही है।
सुप्रीम कोर्ट में दो याचिकाओं पर सुनवाई
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई और सार्वजनिक परिवहन पर कथित पाबंदियों से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में दो याचिकाओं पर सुनवाई होनी है।
पहली याचिका में आरोप लगाया गया है कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक परिवहन को पूरी तरह बाधित नहीं करने संबंधी अदालत के निर्देशों का पालन नहीं किया गया। याचिकाकर्ता का दावा है कि दिल्ली मेट्रो के कुछ स्टेशन बंद रखे गए और ट्रेन सेवाओं पर प्रतिबंध जारी रहे।
दूसरी याचिका विपक्षी नेताओं, वकीलों और पत्रकारों की कथित एहतियाती हिरासत को चुनौती देती है। इसमें बंदी प्रत्यक्षीकरण यानी हेबियस कॉर्पस के तहत हिरासत में लिए गए लोगों को अदालत के सामने पेश करने और उनकी रिहाई की मांग की गई है।
पुलिस कार्रवाई पर अदालत के रुख पर नजर
इन मामलों की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ द्वारा किए जाने की जानकारी दी गई है।
अब इस मामले में अदालत की सुनवाई और हिरासत में लिए गए नेताओं को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने पर सबकी निगाहें टिकी हैं। सुनवाई के दौरान सार्वजनिक परिवहन पर पाबंदियों, पुलिस की कार्रवाई और हिरासत की वैधता से जुड़े सवाल अहम रह सकते हैं।
SEO कीवर्ड्स: दिल्ली प्रदर्शन, CJP नेता हिरासत, सुप्रीम कोर्ट सुनवाई, दिल्ली पुलिस कार्रवाई, अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका, सौरव दास, SIR विवाद, दिल्ली मेट्रो पाबंदी
नोट: प्रकाशन से पहले CJP के नाम, हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या, सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और संबंधित व्यक्तियों के पदों की स्वतंत्र पुष्टि कर लें। उपलब्ध कराए गए विवरण को स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया गया है।