क्या 11 सितंबर 2001 (9/11) का खौफनाक मंजर एक बार फिर आसमान में दोहराए जाने वाला था? दुबई से इजरायल जा रही ‘फ्लाईदुबई‘ की फ्लाइट FZ1073 में 30 सितंबर 2026 को कुछ ऐसा ही खौफनाक वाकया हुआ, जिसने पूरी दुनिया को सकते में डाल दिया है। विमान जब आसमान में था, तब कॉकपिट के भीतर ही एक ऐसी खौफनाक वारदात हुई जिसने हर किसी की रूह कंपा दी। लेकिन कहते हैं न कि जाको राखे साइयां, मार सके न कोय—एक भारतीय पायलट की असाधारण बहादुरी ने 174 से ज्यादा जिंदगियों को मौत के मुंह से खींच लिया। इस रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना के बाद अब इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खुद इस भारतीय पायलट की तारीफों के पुल बांधे हैं और इसे एक बड़ी आपदा टलने जैसा करार दिया है। आइए जानते हैं क्या है इस पूरी सनसनीखेज घटना की सच्चाई:
हवा में सह-पायलट बना हैवान: क्या थी पूरी घटना?
30 सितंबर 2026 को दुबई से इजरायल के लिए उड़ान भरने वाली फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 पर उस वक्त आफत आ गई, जब विमान हवा में था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्लाइट के सह-पायलट ने अचानक कैप्टन पर चाकू से हमला कर दिया। इस खतरनाक हमले में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार गंभीर रूप से घायल हो गए।
जानकारों के मुताबिक, हमलावर सह-पायलट का मकसद विमान को क्रैश करना था। लेकिन लहूलुहान होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने जरा भी हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना हमलावर का डटकर मुकाबला किया और सूझबूझ दिखाते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे समय रहते क्रू मेंबर्स और यात्रियों को हमलावर को दबोचने का मौका मिल गया। इस सूझबूझ से विमान में सवार सभी 174 यात्रियों समेत कुल 180 लोगों की जान बच गई।
इजरायली पीएम नेतन्याहू ने की भारतीय पायलट की सराहना
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय कैप्टन स्मित मछार की अदम्य साहस की जमकर तारीफ की है और उन्हें ‘सच्चा हीरो’ बताया है।
नेतन्याहू ने 9/11 की आपदा का हवाला देते हुए कहा कि पायलट की समय पर उठाई गई सूझबूझ भरे कदम ने एक बहुत बड़ी और भयानक दुर्घटना को होने से रोक लिया।
मामले की उच्चस्तरीय जांच का ऐलान
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फ्लाईदुबई विमान में हुए हमले की पूरी जांच का भरोसा दिलाया है। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद इस बात पर सहमत हुए हैं कि इजरायल भी इस घटना की सुरक्षा जांच में शामिल होगा।
जांच का मुख्य उद्देश्य विमान में हुई घटना और उससे जुड़े सुरक्षा इंतजामों की पड़ताल करना है। खासतौर पर यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि कॉकपिट के भीतर सुरक्षा में चूक कैसे हुई और ऐसी घटना किन परिस्थितियों में हुई। हालांकि, जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
क्या थी ‘9/11 वाली आपदा’?
11 सितंबर 2001 को अमेरिका में इतिहास का सबसे बड़ा आतंकी हमला हुआ था, जिसे अल-कायदा ने अंजाम दिया था। आतंकवादियों ने चार विमानों को हाइजेक किया था, जिनमें से दो विमान न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (Twin Towers) से टकराए थे, एक पेंटागन से टकराया था और चौथा खेत में क्रैश हुआ था।
इस खौफनाक हमले में करीब 3,000 लोगों की जान चली गई थी, जिसने पूरी दुनिया की सुरक्षा व्यवस्था को हिलाकर रख दिया था। फ्लाईदुबई की इस घटना ने एक बार फिर उसी पुराने डर को ताजा कर दिया था, जिसे भारतीय पायलट ने अपनी बहादुरी से टाल दिया।
फ्लाईदुबई की इस घटना ने एक बार फिर विमान में यात्रियों की सुरक्षा और कॉकपिट के इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारतीय कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी और सूझबूझ की नेतन्याहू ने सराहना की है। हालांकि, घटना की पूरी सच्चाई और सुरक्षा में चूक की वजह जांच के बाद ही सामने आएगी। यह मामला बताता है कि विमानन सुरक्षा में सतर्कता और आपात स्थिति से निपटने की तैयारी कितनी अहम है।