शाहजहांपुर।उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में शिव मंदिर के अंदर दो साधुओं की हत्या के बाद उनके शवों को जलाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना खुदागंज क्षेत्र के सूथा गांव की है, जहां गुरुवार सुबह मंदिर से धुआं उठता देखकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। वहां एक साधु का शव जल रहा था, जबकि दूसरे का शव लगभग पूरी तरह जल चुका था।
पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में नामजद आरोपी सुमित को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में मंदिर में रहने को लेकर विवाद की बात सामने आई है।
मंदिर में 10 मीटर की दूरी पर मिले दोनों शव
जानकारी के मुताबिक, दोनों साधु मंदिर परिसर में ही रहते थे। मृतकों की पहचान गोपाल दास और बिहारी दास के रूप में हुई है। गुरुवार सुबह करीब 7 बजे ग्रामीणों ने मंदिर की ओर से धुआं उठता देखा। इसके बाद जब लोग वहां पहुंचे तो एक शव जल रहा था, जबकि दूसरे शव की हालत कंकाल जैसी हो चुकी थी।
पुलिस के अनुसार, दोनों शव एक-दूसरे से करीब 10 मीटर की दूरी पर मिले।
कुछ दिन पहले जेल से बाहर आया था आरोपी
शाहजहांपुर के पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित के मुताबिक, गांव निवासी शिवकुमार की तहरीर के आधार पर मामले में सुमित का नाम सामने आया है। पुलिस का कहना है कि सुमित कुछ दिन पहले ही एक मामले में कोर्ट से जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आया था।
एसपी के अनुसार, जेल से बाहर आने के बाद सुमित पिछले कुछ दिनों से दोनों साधुओं के साथ बैठ रहा था। पुलिस को दी गई जानकारी में मंदिर में रहने को लेकर विवाद की बात भी कही गई है।
‘यहां से हट जाइए, अब मैं यहां रहूंगा’
पुलिस के मुताबिक, ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सुमित ने दोनों साधुओं से मंदिर से हटने के लिए कहा था। कथित तौर पर उसने कहा था कि वह अब मंदिर में रहेगा और वहां उसका अधिकार होगा।
पुलिस फिलहाल इसी विवाद को हत्या की संभावित वजह मानकर जांच आगे बढ़ा रही है। हालांकि, हत्या की वास्तविक वजह और घटनाक्रम की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत
एसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि सूचना मिलने के बाद थाना पुलिस के साथ वरिष्ठ अधिकारी और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए गए हैं। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
नामजद आरोपी सुमित को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल से मिले सबूतों और पूछताछ में सामने आने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस कई सवालों की कर रही जांच
दोनों साधुओं की हत्या के बाद शवों को मंदिर परिसर में जलाने की घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों साधुओं की हत्या कब और कैसे की गई, शवों को जलाने की कोशिश किस उद्देश्य से की गई और वारदात में आरोपी के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
फिलहाल पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले की आगे की तस्वीर साफ होने का इंतजार कर रही है।