Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: मणिपुर में क्यों नहीं थम रहा हिंसा का दौर? जमीन, ST दर्जा और राजनीतिक वर्चस्व ने कैसे बढ़ाई मैतेई-कुकी-नगा के बीच दूरी
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > मणिपुर में क्यों नहीं थम रहा हिंसा का दौर? जमीन, ST दर्जा और राजनीतिक वर्चस्व ने कैसे बढ़ाई मैतेई-कुकी-नगा के बीच दूरी
Trending Newsफीचर

मणिपुर में क्यों नहीं थम रहा हिंसा का दौर? जमीन, ST दर्जा और राजनीतिक वर्चस्व ने कैसे बढ़ाई मैतेई-कुकी-नगा के बीच दूरी

news desk
Last updated: October 1, 2026 9:36 am
news desk
Share
SHARE

मणिपुर में जारी जातीय तनाव को समझने के लिए सिर्फ मौजूदा हिंसा को देखना पर्याप्त नहीं है। इसके पीछे जमीन के अधिकार, अनुसूचित जनजाति (ST) दर्जे की मांग, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और पहाड़ी-घाटी की अलग-अलग सामाजिक संरचना जैसे कई पुराने मुद्दे जुड़े हैं।

Contents
मणिपुर की सामाजिक तस्वीर को समझना जरूरीपहाड़ी और घाटी का फर्क क्यों बना बड़ा मुद्दा?ST दर्जे का विवाद कैसे बना हिंसा का बड़ा कारण?मैतेई समुदाय का राजनीतिक प्रभावकुकी और नगा के रिश्ते भी हमेशा आसान नहीं रहेअसली सवाल सिर्फ जमीन का नहीं, पहचान का भीशांति बहाली के सामने सबसे बड़ी चुनौती

पूर्वोत्तर भारत का मणिपुर पिछले तीन वर्षों से अधिक समय से जातीय हिंसा और सामाजिक तनाव से जूझ रहा है। शांति बहाली की कोशिशों के बावजूद मैतेई, कुकी और नगा समुदायों के बीच अविश्वास पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इस संकट की सबसे बड़ी वजहों में जमीन और संसाधनों पर अधिकार, संवैधानिक पहचान तथा राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े सवाल शामिल हैं।

मणिपुर की सामाजिक तस्वीर को समझना जरूरी

मणिपुर की आबादी और भूगोल दो अलग तस्वीरें पेश करते हैं। राज्य का बड़ा हिस्सा पहाड़ी क्षेत्र है, जहां मुख्य रूप से कुकी और नगा समेत कई जनजातीय समुदाय रहते हैं। वहीं इंफाल घाटी मैतेई समुदाय का प्रमुख क्षेत्र है।

2011 की जनगणना के अनुसार मैतेई समुदाय राज्य की आबादी का सबसे बड़ा हिस्सा है। दूसरी ओर, कुकी और नगा समुदायों की बड़ी आबादी पहाड़ी जिलों में रहती है। यही भौगोलिक विभाजन आगे चलकर जमीन, प्रशासन और राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े विवादों को प्रभावित करता है।

पहाड़ी और घाटी का फर्क क्यों बना बड़ा मुद्दा?

मणिपुर में जमीन से जुड़े कानूनों की व्यवस्था पहाड़ी और घाटी क्षेत्रों को अलग-अलग तरीके से प्रभावित करती है। जनजातीय पहाड़ी इलाकों में जमीन के हस्तांतरण को लेकर विशेष कानूनी सुरक्षा मौजूद है।

मैतेई समुदाय लंबे समय से यह सवाल उठाता रहा है कि राज्य की बड़ी आबादी के पास भौगोलिक रूप से सीमित क्षेत्र है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में बाहरी बसावट और जमीन के अधिकार से जुड़े नियम अलग हैं।

वहीं कुकी और नगा समुदायों की ओर से यह चिंता जताई जाती रही है कि यदि पहाड़ी जमीन पर मौजूदा सुरक्षा कमजोर हुई तो उनकी पारंपरिक भूमि और संसाधनों पर दबाव बढ़ सकता है।

ST दर्जे का विवाद कैसे बना हिंसा का बड़ा कारण?

मणिपुर के मौजूदा संकट में अनुसूचित जनजाति दर्जे का मुद्दा भी बेहद महत्वपूर्ण है। कुकी और नगा पहले से ही अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल हैं, जबकि मैतेई समुदाय को ST सूची में शामिल नहीं किया गया है।

मैतेई समुदाय की ओर से लंबे समय से ST दर्जे की मांग उठती रही है। 2023 में मणिपुर हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद इस मुद्दे ने बड़ा राजनीतिक और सामाजिक विवाद पैदा किया। बाद में अदालत के उस आदेश को लेकर भी स्थिति स्पष्ट हुई, लेकिन तब तक जमीन और पहचान से जुड़ी आशंकाएं काफी गहरी हो चुकी थीं।

कुकी और नगा संगठनों ने आशंका जताई कि मैतेई को ST दर्जा मिलने से पहाड़ी जमीन, सरकारी नौकरियों और अन्य संवैधानिक संरक्षणों पर उनका अधिकार प्रभावित हो सकता है।

मैतेई समुदाय का राजनीतिक प्रभाव

मणिपुर विधानसभा में 60 सीटें हैं, जिनमें बड़ी संख्या इंफाल घाटी के विधानसभा क्षेत्रों की है। मैतेई समुदाय की बड़ी आबादी घाटी क्षेत्र में केंद्रित होने के कारण राज्य की चुनावी राजनीति में उसका प्रभाव महत्वपूर्ण रहा है।

यही राजनीतिक असमानता का सवाल भी विवाद का हिस्सा है। एक तरफ मैतेई समुदाय अपनी बड़ी आबादी के बावजूद सीमित भौगोलिक क्षेत्र और जमीन से जुड़े प्रतिबंधों की बात करता है, वहीं जनजातीय समुदाय अपनी जमीन और संवैधानिक सुरक्षा को कमजोर किए जाने की आशंका व्यक्त करते हैं।

कुकी और नगा के रिश्ते भी हमेशा आसान नहीं रहे

मणिपुर का मौजूदा संघर्ष केवल मैतेई बनाम कुकी या मैतेई बनाम नगा के रूप में समझना भी अधूरा होगा। कुकी और नगा समुदायों के बीच भी लंबे समय से जमीन और राजनीतिक प्रभाव को लेकर टकराव रहा है।

1990 के दशक में दोनों समुदायों के बीच गंभीर हिंसक संघर्ष हुआ था। इसलिए पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले विभिन्न जनजातीय समूहों के बीच भी राजनीतिक और क्षेत्रीय हित पूरी तरह समान नहीं हैं।

हालांकि, मैतेई समुदाय के साथ मौजूदा संघर्ष ने कई मुद्दों पर कुकी और नगा संगठनों के बीच साझा चिंताओं को भी सामने ला दिया है।

असली सवाल सिर्फ जमीन का नहीं, पहचान का भी

मणिपुर संकट में जमीन का सवाल सीधे सामुदायिक पहचान और राजनीतिक सुरक्षा से जुड़ जाता है। मैतेई समुदाय जहां अपने लिए अधिक भूमि अधिकार और संवैधानिक सुरक्षा की मांग करता है, वहीं कुकी और नगा समुदाय मौजूदा जनजातीय संरक्षण को अपनी सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार मानते हैं।

इसी वजह से किसी एक कानून या एक फैसले से इस पूरे विवाद का समाधान आसान नहीं है। जमीन, ST दर्जा, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।

शांति बहाली के सामने सबसे बड़ी चुनौती

मणिपुर में स्थायी शांति के लिए केवल हिंसा रोकना पर्याप्त नहीं माना जा सकता। विस्थापित लोगों की वापसी, सुरक्षा की गारंटी, जमीन और संपत्ति से जुड़े विवाद, राजनीतिक प्रतिनिधित्व तथा विभिन्न समुदायों के बीच विश्वास बहाली जैसे सवाल भी महत्वपूर्ण हैं।

जब तक मैतेई, कुकी और नगा समुदायों की सुरक्षा और राजनीतिक हितों को लेकर बनी आशंकाओं पर संवाद नहीं होता, तब तक मणिपुर के संकट की जड़ें बनी रहने की संभावना पर चर्चा जारी रहेगी।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: Manipur Ethnic Conflict, Manipur ST Demand, Manipur Violence, Meitei Kuki Naga, इंफाल घाटी, कुकी नगा विवाद, मणिपुर जमीन कानून, मणिपुर जातीय हिंसा, मणिपुर पहाड़ी क्षेत्र, मणिपुर हिंसा, मैतेई ST दर्जा, मैतेई कुकी विवाद
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article अक्टूबर में बैंक जाने से पहले देख लें छुट्टियों की लिस्ट! त्योहारों के चलते कई दिन बंद रहेंगी शाखाएं
Next Article हैदराबाद में आधी रात मजदूरों को कार ने मारी जोरदार टक्कर, 7 घायल; 3 की हालत गंभीर, सॉफ्टवेयर इंजीनियर गिरफ्तार

फीचर

View More

एक देश, हर द्वीप पर नई दुनिया… सेशेल्स में समुद्र से लेकर विशाल कछुओं तक, हर मोड़ पर मिलेगा कुदरत का अनोखा नजारा

नई दिल्ली: लगातार काम और रोजमर्रा की भागदौड़ के बीच कई बार ऐसा लगता है कि कुछ दिन सब कुछ…

By vineet verma 5 Min Read

कॉकपिट में खूनी संघर्ष और आसमान में चीख-पुकार: जब 34 हजार फीट की ऊंचाई पर बाल-बाल बची सैकड़ों यात्रियों की जान!

दुबई से इजराइल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई (Flydubai) की एक…

4 Min Read

अक्टूबर में लॉन्ग वीकेंड का बना रहे हैं प्लान? दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु से 5 घंटे में पहुंचें इन शानदार जगहों पर

नई दिल्ली: अक्टूबर का महीना घूमने-फिरने के शौकीनों के लिए खास रहने…

5 Min Read

विचार

View More

भारतीय रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष: ‘श्रुति’ की परंपरा से ‘मन की बात’ तक… ऐसा रहा जादुई तरंगों का 100 साल का सफर

उस अविस्मरणीय पल को याद कीजिए, जब आपने पहली बार…

August 13, 2026

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

You Might Also Like

Trending Newsउत्तर प्रदेशक्राइमराज्य

शाहजहांपुर के मंदिर में दो साधुओं की हत्या, फिर शवों को चिता पर जलाया, मंदिर में रहने को लेकर विवाद का शक

शाहजहांपुर।उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में शिव मंदिर के अंदर दो साधुओं की हत्या के बाद उनके शवों को जलाने का…

4 Min Read
Trending Newsवर्ल्ड

फ्लाईदुबई फ्लाइट के यात्रियों के लिए इजराइल ने भेजा विमान, सऊदी अरब ने क्यों ठुकराई मांग?

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में उड़ान के दौरान कॉकपिट के अंदर पायलटों के बीच…

5 Min Read
Trending Newsउत्तर प्रदेशराज्य

राज्यसभा चुनाव से पहले अखिलेश का बड़ा दावा, BJP के कई विधायक संपर्क में; तीसरे प्रत्याशी पर बोले- गिनती पूरी होने दें

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने राम गोपाल यादव और…

6 Min Read
Trending Newsबाजार

व्हाट्सएप बिजनेस उपयोगकर्ताओं के लिए बड़ा बदलाव: 1 अक्टूबर से लागू हो रहे नए मैसेजिंग चार्ज, जानिए आप पर क्या पड़ेगा असर

भारत में छोटे से लेकर बड़े बिजनेस तक, सर्विस प्रोवाइडर्स अपने ग्राहकों से सीधे संवाद करने के लिए व्हाट्सएप बिजनेस…

4 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?