भारत में छोटे से लेकर बड़े बिजनेस तक, सर्विस प्रोवाइडर्स अपने ग्राहकों से सीधे संवाद करने के लिए व्हाट्सएप बिजनेस का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करते हैं। लेकिन अब मेटा (Meta) ने भारत में व्हाट्सएप बिजनेस प्लेटफॉर्म (WhatsApp Business Platform) का इस्तेमाल करने वाली कंपनियों के लिए नए प्राइसिंग स्ट्रक्चर (Messaging Charges) लागू कर दिए हैं, जो 1 अक्टूबर, यानी आज से प्रभावी हो गए हैं। इस नए बदलाव के बाद से कारोबारियों के मन में कई सवाल हैं, तो चलिए विस्तार से समझते हैं कि यह नया सिस्टम क्या है, यह कैसे काम करेगा और क्या इससे आम व्हाट्सएप यूजर्स की जेब पर भी कोई असर पड़ेगा।
क्या है व्हाट्सएप बिजनेस का नया नियम?
व्हाट्सएप बिजनेस के नए नियमों के तहत 1 अक्टूबर से यूटिलिटी मैसेज भेजने पर भी चार्ज देना होगा। इसमें ऑर्डर कन्फर्मेशन और डिलीवरी अपडेट जैसे मैसेज शामिल हैं, जो पहले 24 घंटे की कस्टमर सर्विस विंडो के भीतर मुफ्त भेजे जा सकते थे।
नए नियमों के मुताबिक, हर बिजनेस फोन नंबर को हर महीने 1,000 सर्विस मैसेज मुफ्त मिलेंगे। हालांकि, इस तय लिमिट के बाद मैसेज भेजने पर निर्धारित दर से शुल्क चुकाना होगा। इससे उन कारोबारियों पर सीधा असर पड़ सकता है, जो अपने ग्राहकों को नियमित रूप से ऑर्डर और डिलीवरी से जुड़ी जानकारी व्हाट्सएप के जरिए भेजते हैं, जिससे छोटे और बड़े बिजनेस के मैसेजिंग खर्च में बड़ा बदलाव आ सकता है।
क्यों किए गए हैं ये नए बदलाव?
मेटा द्वारा व्हाट्सएप बिजनेस प्लेटफॉर्म (API) की मैसेजिंग कीमतों और नियमों में यह बदलाव मुख्य रूप से बिजनेस प्लेटफॉर्म से अपनी कमाई को बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है।
इस नए बदलाव के तहत खास बातें इस प्रकार हैं:
24 घंटे की कस्टमर सर्विस विंडो में भेजे जाने वाले ऑर्डर कन्फर्मेशन और डिलीवरी अपडेट जैसे यूटिलिटी मैसेज पर अब शुल्क लगेगा।
हर बिजनेस नंबर को हर महीने 1,000 सर्विस मैसेज मुफ्त दिए जाएंगे।
बिजनेस अकाउंट में पेमेंट मेथड (भुगतान का तरीका) लिंक करना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसा न करने पर मैसेज डिलीवर होने बंद हो सकते हैं, जिससे कारोबारियों के मैसेजिंग खर्च और कामकाज पर सीधा असर पड़ सकता है।
आम लोगों और ग्राहकों पर कितना पड़ेगा असर?
सबसे राहत की बात यह है कि व्हाट्सएप बिजनेस के इन नए नियमों का आम यूजर्स की जेब पर कोई भी सीधा असर नहीं पड़ेगा। ग्राहक पहले की तरह ही व्हाट्सएप का इस्तेमाल पूरी तरह मुफ्त में कर सकेंगे।
इसके अलावा, किसी भी बिजनेस को मैसेज भेजने या उसके जवाब पाने के लिए ग्राहकों को कोई शुल्क नहीं देना होगा। कंपनियों की ओर से भेजे जाने वाले ऑर्डर कन्फर्मेशन, डिलीवरी अपडेट और अन्य सर्विस मैसेज भी ग्राहकों के लिए बिल्कुल मुफ्त रहेंगे। नए नियमों के तहत सभी शुค्लों का भुगतान सिर्फ कारोबारियों (कंपनियों) को करना होगा, न कि आम ग्राहकों को। यानी व्हाट्सएप पर बिजनेस से चैट करने या अपने ऑर्डर से जुड़ी जानकारी पाने के लिए आम लोगों को एक भी रुपया खर्च नहीं करना पड़ेगा।
व्हाट्सएप बिजनेस के नए नियमों से कारोबारियों के मैसेजिंग खर्च में बदलाव आएगा, खासकर उन कंपनियों पर जो ग्राहकों को बड़ी संख्या में सर्विस मैसेज भेजती हैं। हालांकि, आम यूजर्स पहले की तरह मुफ्त में व्हाट्सएप इस्तेमाल कर सकेंगे और ऑर्डर या डिलीवरी अपडेट पाने के लिए उन्हें कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।