गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए दूसरे वनडे मैच में इतिहास रच दिया। वेस्टइंडीज द्वारा दिए गए 406 रनों के विशाल लक्ष्य को टीम इंडिया ने महज 43.3 ओवरों में 8 विकेट रहते हासिल कर लिया। भारतीय कप्तान शुभमन गिल के ऐतिहासिक दोहरे शतक (223*) और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के शानदार शतक (101) की बदौलत भारत ने वनडे क्रिकेट का दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज पूरा किया।
शुभमन गिल ने रचा इतिहास: सबसे तेज दोहरा शतक और कप्तान के रूप में सबसे बड़ा स्कोर
टीम इंडिया की कप्तानी कर रहे शुभमन गिल ने इस मुकाबले में वेस्टइंडीज के गेंदबाजों की जमकर धज्जियां उड़ाईं। गिल ने महज 133 गेंदों में 26 चौके और 8 छक्कों की मदद से नाबाद 223 रनों की तूफानी पारी खेली।
इस ऐतिहासिक पारी के साथ शुभमन गिल ने दो बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए
वनडे इतिहास का सबसे तेज दोहरा शतक: गिल ने वनडे क्रिकेट में सबसे तेजी से 200 रन पूरे करने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया।
कप्तान के रूप में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर: गिल ने वनडे में बतौर कप्तान सबसे बड़ी पारी खेलने का रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग (219 रन, बनाम वेस्टइंडीज, 2011) के 15 साल पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया।
रोहित और गिल के बीच 255 रनों की ओपनिंग पार्टनरशिप
406 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को शुभमन गिल और रोहित शर्मा ने तूफानी शुरुआत दिलाई। दोनों सलामी बल्लेबाजों ने महज 158 गेंदों में पहले विकेट के लिए 255 रनों की शतकीय साझेदारी की।
रोहित शर्मा ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 75 गेंदों में 10 चौके और 6 छक्कों की मदद से 101 रन बनाए। इस शुरुआती साझेदारी ने ही वेस्टइंडीज के गेंदबाजों को बैकफुट पर धकेल दिया और भारत की जीत तय कर दी।
भारत का सबसे बड़ा रन चेज: टूटा 2013 का रिकॉर्ड
इस मुकाबले में मिली जीत भारत के वनडे इतिहास की सबसे बड़ी रन चेज जीत बन गई है:
पुराना रिकॉर्ड: इससे पहले भारत ने साल 2013 में जयपुर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 360 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 362 रन बनाए थे।
नया रिकॉर्ड: अब भारत ने 406 रन बनाकर अपने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
विश्व रिकॉर्ड: वनडे इतिहास में यह सिर्फ दूसरा मौका है जब किसी टीम ने 400 से अधिक रनों का लक्ष्य सफलतापूर्वक चेज किया हो। इससे पहले 2006 में दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 438 रन चेज कर इतिहास रचा था।
वेस्टइंडीज ने खड़ा किया था 405 का विशाल स्कोर
टॉस जीतकर भारत ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया था, जो शुरुआत में गलत साबित होता दिखा। वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर पिटाई की और निर्धारित 50 ओवरों में 7 विकेट पर 405 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।
भारतीय तेज गेंदबाजों ने 9 से अधिक और स्पिनरों ने 6 से ज्यादा की इकॉनमी से रन दिए। हालांकि, जब भारत बैटिंग के लिए उतरा तो गेंदबाजों के खराब प्रदर्शन को गिल और रोहित की आंधी ने पूरी तरह से भुला दिया।